Wednesday, 9 August 2017

चिकित्सा मंत्री ने ली जालोर, बाड़मेर, पाली और सिरोही जिलों की समीक्षा बैठक बाढ़ प्रभावित



चिकित्सा मंत्री ने ली जालोर, बाड़मेर, पाली और सिरोही जिलों की समीक्षा बैठक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए धन की कोई कमी नहीं चिकित्सा विभाग से जुडे़ प्रस्ताव तत्काल होंगे स्वीकृत

जयपुर। चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने कहा कि बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित जिलों से चिकित्सा विभाग संबंधित़ जो भी प्रस्ताव प्राप्त होंगे, उन्हें तत्काल स्वीकृत कर दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उपलब्ध बजट खर्च कर नए प्रस्ताव भेज दें और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने में किसी तरह की कोताही नहीं हो।
सराफ रविवार को जालोर जिला कलेक्ट्रेट सभागार में बाढ़ प्रभावित जिलों बाड़मेर, जालोर, सिरोही और पाली में चिकित्सा विभाग तथा पशुपालन से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को लेकर बेहद गंभीर है और राहत कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। 
बाढ़ प्रभावित जिलों में 187 नए डॉक्टरों की नियुक्ति
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित जिलों में अब डॉक्टरों की कोई कमी नहीं रहेगी। उन्होंने बताया कि चारों जिलों में मेडिकल ऑफिसर तथा विशेषज्ञ चिकित्सक सहित कुल 187 नए डॉक्टरों की नियुक्ति कर दी गई है। इनमें से करीब 70 प्रतिशत डॉक्टरों ने पदस्थापन स्थान पर ज्वाइनिंग दे दी है। उन्होंने कहा कि यदि 12 अगस्त तक कोई डॉक्टर ज्वाइन नहीं करेगा तो उसके स्थान पर वेटिंग लिस्ट से नए डॉक्टरों का पदस्थापन कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जालोर में 37, बाड़मेर में 65, सिरोही में 22 तथा पाली में 63 नए डॉक्टर लगाए गए हैं। 
कलेक्टर आवश्यकता के अनुसार कर सकेंगे डॉक्टरों का पदस्थापन
सराफ ने कहा कि बाढ़ प्रभावित जिलों के हर क्षेत्र में डॉक्टरों की संख्या समान रहे, इसके लिए जिला कलेक्टरों को अधिकृत कर दिया गया है कि वे हर क्षेत्र की आवश्यकता के अनुसार डॉक्टरों को पदस्थापित कर सकेंगे ताकि उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग हो और रोगियों को तुरंत राहत मिल सके। उन्होंने बाड़मेर के चौहटन में स्त्री रोग विशेषज्ञ तथा सिवाना में दो विशेषज्ञ चिकित्सक 3 दिन में नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि पैरामेडिकल स्टाफ की भी कोई कमी नहीं रहेगी। शीघ्र ही 2400 कार्मिकों की नियुक्ति हो जाएगी। साथ ही 2650 एएनएम की भर्ती भी अंतिम चरण में है।
जालोर में 20 अतिरिक्त मेडिकल टीम के आदेश
सराफ ने कहा कि बाढ़ प्रभावित चारों जिलों में त्वरित राहत के लिए कुल 234 मेडिकल टीमों को लगाया है,जो लगातार इन क्षेत्रों में लोगों की स्क्रीनिंग कर रही है। अब तक 87 हजार 457 लोगों की स्क्रीनिंग की गई है।जिला कलेक्टर श्री एल.एन. सोनी ने जब बैठक में जालोर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की दुर्गमता और विकटता से अवगत करवाया तो चिकित्सा मंत्री ने जालोर में तत्काल 20 अतिरिक्त मेडिकल टीम लगाने के आदेश दिए।
क्षतिग्रस्त स्वास्थ्य केंद्रों की मरम्मत के प्रस्ताव भेजें
चिकित्सा मंत्री ने बताया कि बाढ़ प्रभावित चारों जिलों में चिकित्सा सुविधाओं के लिए एक करोड़ रूपए से अधिक का अतिरिक्त बजट स्वीकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त भी बजट की आवश्यकता हो तो सीएमएचओ शीघ्र प्रस्ताव बनाकर भेज दें।इन प्रस्तावों को प्राथमिकता से स्वीकृत किया जाएगा।उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान अगर कोई स्वास्थ्य केंद्र क्षतिग्रस्त हुआ है तो उसकी मरम्मत के प्रस्ताव भी शीघ्र भिजवा दें। 
चारों जिलों में प्रचुर मात्रा में दवाइयां उपलब्ध
बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक वी.के. माथुर ने बताया कि बाढ़ प्रभावित जिलों में कीटनाशक पायरेथ्रम, टेमीफोस, आरडीटी किट, ब्लीचिंग पाउडर, क्लोरिन टेबलेट, ओआरएस पैकेट एवं अन्य दवाइयां प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। साथ ही चारों में 26 चिकित्सक एवं 27 पैरामेडिकल स्टाफ अन्य जिलों से लगाया गया है। उन्होंने बताया कि चारों जिलों में फोगिंग एवं एंटी लार्वा गतिविधियां भी नियमित रूप से संचालित की जा रही है।
चिकित्सा मंत्री ने किया अस्पतालों का निरीक्षण
बैठक से पहले चिकित्सा मंत्री सराफ ने जालोर के जिला अस्पताल तथा मातृ एवं शिशु कल्याण केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों,लैब,आईसीयू,मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा केंद्र आदि का अवलोकन किया और आवश्यक निर्देश दिए। 

पूर्व केन्द्रीय मंत्री, सांसद और राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष-प्रो.सांवर लाल जाट का नई दिल्ली में देहांत-प्रधानमंत्री सहित कई नेताओं और सांसदों ने गहरा शोक व्यक्त किया



जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के अजमेर से सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री सांवर लाल जाट का बुधवार को दिल्ली में निधन हो गया। वे पिछले कुछ वक्त से बीमार चल रहे थे। पिछले महीने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की जयपुर में एक मीटिंग के दौरान वे बेहोश हो गए थे। उनको दिल का दौरा पड़ा था। सांवर लाल जाट 62 साल के थे। उनके निधन से सभी ओर शोक की लहर छा गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सीएम वसुंधरा राजे सहित राजनितक क्षेत्र की सभी हस्तियों ने सांवरला के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। राज्य सरकार ने गुरुवार को एक दिन का राजकी य शोक घोषित किया है। सांवर लाल की पार्थिव देह का गुरुवार को उनके पैतृक गांव गोपालपुरा में अंतिम संस्कार होगा। 
- किसान आयोग के अध्यक्ष व किसानों के बड़े जाट नेता के रूप में मशहूर सांवरलाल जाट को जयपुर के सवाईं मान सिंह अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, लेकिन हालत में सुधार ना होने पर उनको दिल्ली एम्स में शिफ्ट किया गया था। उनकी हालत में फिर भी कोई सुधार नहीं था। सांवर लाल मोदी सरकार में जल संसाधन राज्य मंत्री रह चुके हैं।
केबिनेट में हुआ शोक प्रस्ताव पारित
- सांवरलाल के निधन पर सीएम वसुंधरा राजे की अध्यक्षता में केबिनेट की बैठक बुलाई गई। बैठक में सांवर लरल के निधन पर शोक प्रस्ताव पारित किया गया।
मीटिंग में बिगड़ी थी हालत
- भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पिछले माह 22 जुलाई को जयपुर में विधायकों व सांसदों की बैठक ले रहे थे। बैठक में सांवर लाल बोलने के लिए खड़े हुए और तभी बेहोश होकर गिर गए थे।
- उन्हें बेहोशी की हालत में एसएमएस अस्पताल लाया गया तो पल्स और ब्लड प्रेशर नॉन रिकॉर्डेबल थी।
-
इसके बाद कार्डिक एक्सपर्ट की टीम ने उन्हें 2 बार डीसी शॉक देकर संभाला। फिर उन्हें ऑब्जर्वेशन में रखा गया।
-
स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ ने बताया था कि सांवर लरल की दोनों किडनियां खराब हो चुकी थीं। इसके साथ ही उन्हें शुगर की भी प्रॉब्लम भी थी। उस दिन वे डायलिसिस कराने के बाद अमित शाह की मीटिंग में पहुंचे थे।
किसानों के मुद्दे पर बोलकर बैठे और चक्कर आया
- ऐसा कहा जा रहा है कि मीटिंग में किसानों की समस्याओं को लेकर बातचीत चल रही थी। सांवरलाल जाट ने भी अपनी बात रखी। फिर अपनी सीट की तरफ बढ़े। तभी उन्हें बैचेनी हुई और वे उठकर दरवाजे की तरफ जाने लगे। फिर लड़खड़ाकर गिर गए और बेहोश हो गए।
-
कुछ वक्त के लिए मीटिंग में मौजूद लोग के बीच अफरा-तफरी मच गई। सीएम वसुंधरा राजे ने फौरान अफसरों को उन्हें हॉस्पिटल पहुंचाने के आदेश दिए। सीएम खुद ऑफिस से बाहर आ गईंं।
ग्रीन कॉरीडोर बनाकर लाए थे अस्पताल
- ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया और उन्हें सवाई मान सिंह हॉस्पिटल पहुंचाया गया था। हेल्थ मिनिस्टर कालीचरण सराफ, राजेंद्र राठौड़ और श्रीचंद कृपलानी एंबुलेंस से उनके साथ एसएमएस अस्पताल पहुंचे।
-
उन्हें हॉस्पिटल में कार्डिक यूनिट-1 में रखा गया। डॉक्टर एसएम शर्मा की देखरेख में उनका इलाज चला।
-
उल्लेखनीय है कि ग्रीन कॉरिडोर के वक्त ट्रैफिक को क्लीयर करा दिया जाता है ताकि किसी मरीज को बिना किसी रुकावट के हॉस्पिटल पहुंचाया जा सके।
जानिए उनके बारे में
- सांवरलाल 62 वर्ष के थे, उनका जन्म एक जनवरी 1955 को हुआ।
-
सांवरलाल जाट अजमेर से लोकसभा सांसद थे। वे मोदी सरकार में जल संसाधन राज्य मंत्री भी रहे। नौ नवंबर 2014 से 5 जुलाई 2016 तक उन्होंने जल संसाधन राज्य मंत्री के रूप में केंद्र में काम किया है।
-
सांवरलाल का जन्म सन 1955 में राजस्थान के अजमेर जिले के गोपालपुरा नामक गांव में हुआ। उन्होंने वाणिज्य में स्नातकोत्तर करने के बाद राजस्थान विश्वविद्यालय में शिक्षक का कार्य किया। वे राजस्थान के अजमेर जिले की भिनाई विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रह चुके हैं।
-
सांवर लाल 1993, 2003 और 2013 में वे राजस्थान सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। 2014 में अजमेर से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद उन्हें मंत्री बनाया गया था, लेकिन बाद में मंत्रिमंडल में फेरबदल के दौरान हटा दिया गया था।
- सांवरलाल जाट अजमेर से सांसद हैं। उन्होंने 2014 लोकसभा चुनाव में सचिन पायलट को हराया था। इसके साथ ही वे राज्य किसान आयोग के अध्यक्ष भी रहे।

divya panchayat daily