Sunday, 1 October 2017

किसानों की कर्ज माफी के संदर्भ में लिये जाने वाले निर्णय के लिए 

डॉ. रामप्रताप की अध्यक्षता में कमेटी गठित 

जयपुर। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने किसान प्रतिनिधियों की राज्य सरकार के साथ हुई वार्ता के बाद हुए समझौते के अनुरूप किसानों के पचास हजार रूपये तक कर्ज माफी की मांग के संदर्भ में लिए जाने वाले निर्णय के लिए जिस कमेटी की घोषणा की थी, उसका गठन कर दिया गया है। जल संसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप की अध्यक्षता में गठित यह उच्चस्तरीय विशेषज्ञ एवं तकनीकी कमेटी किसानों की कर्ज माफी के लिए उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, केरल सहित अन्य राज्यों में अपनाई गई प्रक्रिया का राजस्थान के संदर्भ में अध्ययन, परीक्षण एवं विश्लेषण तथा सभी संबंधित पक्षकारों से विचार-विमर्श कर एक माह में अपनी रिपोर्ट देगी।

इस 11 सदस्यीय कमेटी में उद्योग मंत्री राजपाल सिंह शेखावत, कृषि मंत्री  प्रभुलाल सैनी, सहकारिता मंत्री  अजय किलक, ऊर्जा राज्य मंत्री पुष्पेन्द्र सिंह, विधायक  अशोक परनामी, डिस्कॉम्स चेयरमैन  श्रीमत पांडे, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त  डीबी गुप्ता, प्रमुख शासन सचिव कृषि श्रीमती नीलकमल दरबारी, प्रमुख शासन सचिव सहकारिता  अभय कुमार को सदस्य एवं प्रमुख शासन सचिव आयोजना  अखिल अरोड़ा को सदस्य सचिव बनाया गया है। समिति में अध्यक्ष की पूर्वानुमति से विशेष आमंत्रित सदस्य भी बनाये जा सकेंगे। 

Saturday, 30 September 2017

हज यात्रियों के गांव पहुंचने पर हुआ इस्तकबाल  
47 दिन से हाजी पहुँचें अपने घर
गिड़ा। पंचायत समिति की ग्राम पंचायत खोखसर पश्चिम के हाजी सरादीन खान , वह हाजीन फुली  हाजी बनकर पहली बार अपने गांव खोखसर पहुँचने  इस्तकबाल किया गया समाजसेवी दिने खान मगंलिया खोखसर ने बताया कि इस साल मक्का - मदीना ,अल्लाह के घर की जियारत कर हाजी बनकर पहली बार हाजी गाव लोटने पर खोखसर के ग्रामीणो ने जोधपुर जिले के चाबा गाव सामने जाकर इस्तकबाल किया ओर सभी ने गले मिलकर हाजीयो को मुबारकबाद दी।
पुर्व सरपंच जले खान, खमीसे खान,सोमराज खान खीवरे खान, करीम खान, मिरे खान, भीखे खान, गफुर खान, समाजसेवी दिने खान , रजाक खान, कमेखान, कालु खान शकुर खान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे.|

Tuesday, 26 September 2017

नम आंखों से शहीद को विदाई, पैतृक गांव में उमड़े हजारों लोग

नम आंखों से शहीद को विदाई, पैतृक गांव में उमड़े हजारों लोग

अमेश बैरड़
ओसियाँ /जोधपुर

जोधपुर- जम्मू कश्मीर के तंगधार सेक्टर में पाकिस्तान की गोलीबारी में शहीद हुए जोधपुर के गणपत राम कड़वासरा को आज हजारों लोगों ने नम अांखों के साथ अंतिम विदाई दी। भारत माता के गगनभेदी नारों के बीच शहीद के छोटे भाई ने मुखाग्नि दी। इससे पूर्व आज सुबह शहीद की पार्थिव देह उसके गांव पहुंचने से पहले वहां हजारों लोग एकत्र हो गए। 

गणपत की पार्थिव देह दिल्ली से सड़क मार्ग से गांव लाई गई। एक बारगी माहौल गमगीन हो गया। परिवार वाले देह से लिपटकर विलाप करने लगे। इसके बाद घर से स्कूल तक शव यात्रा निकाली गई। गांव की सरकारी स्कूल के पास राजकीय सम्मान के साथ गणपत का अंतिम संस्कार किया गया। शव यात्रा में हजारों लोग उमड़े। भीड़ ने शहीद के जयकारे लगाए। इस दौरान विधायक हनुमान बेनीवाल,संसदीय सचिव भैराराम सियोल, रामनारायण डूडी, लीला मदेरणा , नेता प्रतिपक्ष रामशेवर डूडी , सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

तीन वर्ष पहले सेना में हुआ भर्ती

तीन वर्ष पूर्व भारतीय सेना में भर्ती हुए ओसियां तहसील के खुड़ियाला गांव निवासी गणपत राम कड़वासरा इन दिनों तंगधार सेक्टर में सीमा पर तैनात थे। दो दिन पूर्व पाकिस्तान की तरफ से की गई गोलीबारी में वे गंभीर रूप सेे घायल हो गए थे। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
शहीद गणपत की पार्थिव देह आज सुबह गांव लाए जाने से पूर्व आसपास के गांवों से हजारों लोग वहां पहुंच गए। लोगों ने गगनभेदी नारों के बीच उसकी पार्थिव देह को वाहन से उतारा गया।
एक बार देह को घर में ले जाने के थोड़ी देर पश्चात शव यात्रा शुरू हुई। शव यात्रा शुरू होते ही लोगों ने जबतक हिन्दुस्तान रहेगा गणपत तेरा नाम रहेगा के नारों से माहौल में जोश भर दिया।
शव यात्रा में बड़ी संख्या में शामिल महिलाओं ने भी नारे लगाए। उसका अंतिम संस्कार घर के निकट ही खेत में किया गया। अंतिम संस्कार से पूर्व शहीद की पत्नी और मां अंतिम बार उसके दर्शन करने आई तो वहां खड़े सभी लोग अपने आंसू नहीं रोक पाए।
दो दिन से अपने आंसुओं को रोक रहे शहीद के पिता और भाई भी फफक उठे। बाद में शहीद के छोटे भाइयों ने मिलकर मुखाग्नि दी।



ढाई साल पूर्व हुआ था विवाह

ढाई साल पूर्व हुआ था विवाह

तीन साल पूर्व फौज में भर्ती होने केे छह माह बाद गणपत की शादी बाना का बास निवासी रूपी देवी के साथ हुई थी। उनके कोई संतान नहीं है। चार भाइयों में सबसे बड़े गणपत ने इसी वर्ष अप्रेल में अपनी बहन की शादी कराई थी।
राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने जम्मू-कश्मीर के तंगधार सेक्टर में सीमा पार से रविवार को हुई गोलीबारी में जोधपुर जिले के खुडियाला गांव निवासी सिपाही गणपतराम कडवासरा के शहीद होने पर संवेदना व्यक्त की है। 
मुख्यमंत्री ने अपने संवेदना संदेश में कहा है कि शहीद गणपतराम ने देश के लिए शहादत देकर अपने परिवार के साथ साथ पूरे प्रदेश और देश का सिर गर्व से ऊंचा किया है।





राजे ने दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए और शोक संतप्त परिजनों को यह आघात सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।

कार्यवाहक श्रम निरीक्षक रूपाराम मेहला को दी विदाई

श्रमिकों के लंम्बित प्रकरणों का जल्द निस्तारण करवाया जाएगा: चौधरी

कार्यवाहक श्रम निरीक्षक रूपाराम मेहला को दी विदाई


बालोतरा। सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय बालोतरा के कार्यावाहक श्रम निरीक्षक रूपाराम महेला के मूल पद जोधपुर कार्यालय में पदास्थापन होने पर बुधवार को भावभीनी विदाई दी गई। विदाई कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कार्यवाहक सहायक श्रम आयुक्त एवं उपखंड अधिकारी भागीरथराम चौधरी ने कहा कि वरिष्ठ श्रम निरीक्षक रूपाराम मेहला ने अपना मूल पद जोधपुर में होते हुए भी बालोतरा में सराहनीय सेवाएं दी तथा बाडमेर जिले में श्रम पंजीयन में सर्वाधिक कार्य किया। इनके मिलनसार व्यक्तित्व के जरिये किसी श्रमिक को परेशान नही होना पड़ा। उन्होंने यूनियन पदाधिकारियों से कहा कि जो कमठा मजदूर हैं उन्ही को सर्टिफिकेट जारी करे तथा उन्हे योजनाओं का फायदा दिलाने का प्रयास करे। विभाग में जो लम्बित प्रकरण हैं उनका भी जल्द ही निस्तारण किया जाएगा। श्रम निरीक्षक रूपाराम मेहला ने कहा कि बालोतरा में मुझे दो बार सेवा का मौका मिला, मेरा प्रयास रहा कि अधिकाधिक गरीब श्रमिकों को सरकारी फायदा पहुंचे। मुझे यहां का कार्यकाल सदैव याद रहेगा। कार्यक्रम में श्रम निरीक्षक मूलाराम जाखड, मघाराम गोदारा, रामचन्द्र गढवीर, लिपीक राजूसिंह, नितेश कुमावत, थार कमठा मजदूर यूनियन के जिलाध्यक्ष करनाराम मांजू, हनुमान प्रजापत, डूंगर राठी, मांगीलाल, बाबूराम, दिनेश रावल, मुकेश राजपुरोहित सहित यूनियनों के पदाधिकारी एवं श्रमिक उपस्थित रहे।

Monday, 25 September 2017

भ्रष्टाचार से मुकाबला


भ्रष्टाचार से मुकाबला 

वी. श्रीनिवास
वी. श्रीनिवास 1989 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं और वर्तमान में राजस्थान के राजस्व बोर्ड के अध्यक्ष पद के अतिरिक्त कार्यभार के साथ राजस्थान कर बोर्ड के अध्यक्ष हैं।

भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम, एक स्वतंत्र केंद्रीय सतर्कता आयोग, नियंत्रक और महालेखा परीक्षक, न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, लोकपाल एवं लोक आयुक्त अधिनियम 2013, व्हिसल ब्लोअर्स सुरक्षा अधिनियम 2011, काला धन एवं मनीलॉड्रिंग निरोधक अधिनियम, बेनामी लेनदेन (निषेध) अधिनियम सहित एक मजबूत और समय समय पर आजमाए गए संस्थागत एवं विधायी ढांचे के नेतृत्व में लड़ी जाती है जिसमें अपराधीकरण तथा रिश्वतखोरी से संबंधित कई सारे अन्य क्षेत्र भी शामिल हैं। सभी सरकारी कर्मचारियों यानी लोक सेवकों को वार्षिक आधार पर अपनी परिसंपत्तियों की घोषणा करने की आवश्यकता होती है। निर्वाचित प्रतिनिधियों को प्रत्येक चुनाव चक्र के दौरान अपनी परिसंपत्तियों की घोषणा करने की आवश्यकता होती है।
भारत के ‘अपराध के प्रति शून्य सहिष्णुता‘ के दृष्टिकोण एवं साथ ही, ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन‘ के दृष्टिकोण का परिणाम हाल के वर्षों में शासन के मॉडल को सरल बनाये जाने के रूप में सामने आया है। हाल के वर्षों में सरकार द्वारा उठाए गए कुछ महत्वपूर्ण कदमों में शासकीय कर्मचारियों द्वारा प्रमाण पत्र जमा किए जाने के लिए प्रमाणन/प्रमाणीकरण प्रणाली को समाप्त किया जाना, निम्न स्तर के पदों पर भर्ती के लिए व्यक्तिगत साक्षात्कार की आवश्यकता को समाप्त करना तथा 50 वर्ष से अधिक उम्र के अक्षम तथा संदिग्ध आचरण वाले सरकारी कर्मचारियों को उनकी सेवानिवृत्ति समय से पूर्व ही सेवा से हटा देना शामिल है। इसके अतिरिक्त, सरकार ने काले धन एवं भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए उच्च मूल्य वाली करेंसी को विमुद्रित कर दिया। काले धन से लड़ने के लिए एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। सरकार ने कोयला ब्लॉकों के लिए ऑनलाइन नीलामी का भी संचालन किया। सरकार ने यूरोप एवं कर छूट (टैक्स हेवेन्स) प्राप्त अन्य देशों में कर छूट की प्रणाली को समाप्त करने के लिए जी-20 की बैठकों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भी मांग की। स्विस अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय बैठकों में भारत ने कहा है कि काले धन एवं कर वंचना के प्रकोप से मुकाबला करना दोनों ही देशों के लिए एक ‘साझा प्राथमिकता‘ है।
झारखंड की अपनी हाल की एक यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री जी ने झारखंड में सखी मंडलों (स्वयं सहायता समूहों) को उपहारस्वरूप कुछ स्मार्ट फोन भेंट किए और उन्होंने कहा कि स्मार्ट फोन के उपयोग के बारे में ग्राम वासियों से उन्हें जो उत्तर सुनने को मिला, उसे सुन कर वे दंग रह गए। ‘सरकार को और अधिक स्मार्ट बनाने‘ पर भारत का फोकस भ्रष्टाचार के खिलाफ राष्ट्र की लड़ाई का सबसे अग्रणी हिस्सा रहा है। उसी मात्रा में सब्सिडी दिए जाने का लाभ मैनुअल प्रणाली की तुलना में एक ‘स्मार्ट शासन मॉडल‘ में अधिक प्रभावी तरीके से प्रदान किया जा सकता है।
जन धन योजना ने ओवरड्रॉफ्ट सुविधा के साथ बैंकिंग खातों तक सार्वभौमिक एवं स्पष्ट पहुंच उपलब्ध कराई। 2016 में, वित्तीय एवं अन्य सब्सिडियों, लाभों तथा सेवाओं की लक्षित प्रदायगी सुनिश्चित करने के लिए आधार अधिनियम प्रख्यापित किया गया। इस अधिनियम में आधार पहचान संख्याओं को निर्दिष्ट किए जाने के जरिये व्यक्तियों को सब्सिडियों की कारगर, पारदर्शी एवं लक्षित प्रदायगी उपलब्ध कराई गई। सरकार द्वारा उठाया गया तीसरा अहम कदम भीम (भारत इंटरफेस फॉर मनी) को लागू करना था जो भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम द्वारा विकसित एक मोबाइल ऐप्लीकेशन है। भीम ऐप्लीकेशन बैंकों के माध्यम से प्रत्यक्ष रूप से ई-भुगतान की सुविधा प्रदान करता है और इसका उपयोग सभी मोबाइल उपकरणों पर किया जा सकता है। सामूहिक रूप से मिल कर जन धन योजना -आधार अधिनियम और भीम ऐप्लीकेशन ने एक स्मार्ट गवर्नमेंट उपलब्ध कराया है जहां सब्सिडी प्रवाह समयबद्ध एवं प्रभावी तरीके से लाभार्थी तक पहुंच जाता है।
सरकार ने केंद्रीय सतर्कता आयोग के माध्यम से निवारक सतर्कता को बढ़ावा देने का प्रयास किया है। सीवीसी द्वारा कई निवारक सर्तकता उपाय लागू किए गए हैं। गवर्नमेंट ई-मार्केट (जीईएम) जैसे उपायों ने सार्वजनिक खरीद में जवाबदेही एवं शुद्धता को बेहतर बनाने में मदद की है। आयोग ने छात्रों एवं युवाओं की शिक्षा के जरिये आचार नीति को बढ़ावा देने, सतर्कता जागरुकता सप्ताह मनाने, लोक सेवकों के अधिकार एवं उनसे अंतःसंपर्क को कम करने के जरिये प्रक्रिया को सरल बनाने, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करने तथा निवारण उत्पन्न करने के लिए साबित गलत आचरण के सभी मामलेां में कठोर सजा प्रदान करने का प्रयास किया है। सीवीसी ने ई-संकल्प, जिसे नागरिकों एवं संगठनों द्वारा स्वेच्छा से लिया जाएगा, के जरिये भ्रष्टाचार के खिलाफ जन आंदोलन उत्पन्न करने का प्रयास किया है।
इसके अतिरिक्त, सरकार ने लेखा परीक्षण एवं लेखांकन प्रक्रियाओं को मजबूत बनाने का प्रयास किया है। वित्तीय शासन के क्षेत्र में लागू कुछ बड़े बदलावों में रेल बजट एवं आम बजट का एकीकरण, योजना एवं गैर योजना व्ययों का विलय, विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के लिए कई क्षेत्रों को खोलना एवं वस्तु तथा सेवा कर (जीएसटी) लागू करना शामिल है। शहरी एवं ग्रामीण स्थानीय निकायों को फंड के प्रवाह की विशालता को देखते हुए नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने उनके लेखा परीक्षण की एक महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में पहचान की है। सीएजी ने टैक्स फाइलिंग, आकलन तथा वसूली प्रक्रियाओं के बढ़ते ऑटोमेशन से उत्पन्न डिजिटल सूचना की बड़ी मात्रा पर भी ध्यान केंद्रित किया है।
सरकार में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए उल्लेखनीय प्रयास किए गए हैं। सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम एक अधिकार आधारित कानून है जिसने राष्ट्र के प्रशासन में नागरिकों के लिए एक स्थायी हिस्सेदारी का सृजन किया है। आरटीआई अधिनियम की वजह से शासन में बेहतरी आई है। सूचनाओं को साझा करने के जरिये, नागरिक निर्णय निर्माण प्रक्रिया के हिस्से बन गए हैं जिसकी वजह से नागरिकों तथा सराकर के बीच भरोसा पैदा होता है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम भ्रष्टाचार की रोकथाम करने के संबंधित कानून को मजबूत बनाने का एक कानून है। इस कानून में आधिकारिक कार्यों के संबंध में कानूनी पारिश्रमिक लेने के अतिरिक्त परितोषण लेने पर दंड देने का प्रावधान है। इसकी जांच से सबंधित अधिकार सीबीआई एवं राज्य पुलिस अधिकारियों को दिए गए है। सरकार ने कहा है कि लोक सेवकों के लिए जवाबदेही के मानकों को वास्तविक स्तर पर रखा जाना चाहिए जिससे कि अधिकारी गणों को ईमानदार निर्णय लेने में कोई हिचकिचाहट न हो सके।
देश में व्हिसल ब्लोअर्स को वैधानिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए सरकार ने 2015 में व्हिसल ब्लोअर्स अधिनियम में संशोधन किए हैं। इन संशोधनों में राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित चिंताओं पर ध्यान दिया गया है और खुलासों, जो देश की संप्रभुता और अखंडता को पूर्वाग्रह पूर्ण तरीके से प्रभावित कर सकते हैं, के खिलाफ सुरक्षापायों को मजबूत बनाया गया है। बेनामी लेनदेन (निषेध) अधिनियम, 1988 को मजबूत बनाने के लिए उसमें संशोधन किया गया जिससे कि आय कर अधिकारियों को बेनामी संपत्तियों को संलग्न करने तथा जब्त करने के लिए अधिकारसंपन्न बनाया जा सके। इसके अतिरिक्त, अगर कोई व्यक्ति सक्षम न्यायालय द्वारा बेनामी लेनेदेन के अपराध के मामले में दोषी पाया गया तो उसे सश्रम कारावास की सजा दी जाएगी तथा उस पर आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा। इस संशोधित कानून के अस्तित्व में आने के बाद से कई बेनामी संपत्तियों की पहचान की जा चुकी है।
निष्कर्ष के रूप में, ऐसा कहा जा सकता है कि भारत भ्रष्टाचार एवं काले धन के खिलाफ लगतार लड़ाई लड़ ही रहा है। स्मार्ट शासन पर ध्यान केंद्रित किए जाने के द्वारा किए जा रहे इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम दिखाई देने लगे हैं।

रेलवे सुरक्षा बल 47 अतिरिक्‍त रेलवे स्‍टेशनों पर बाल सुरक्षा अभियान चलाएगा,

रेलवे सुरक्षा बल 47 अतिरिक्‍त रेलवे स्‍टेशनों पर बाल सुरक्षा अभियान चलाएगा, यह अभियान अब कुल 82 रेलवे स्‍टेशनों पर चलाया जाएगा। 

बाल सुरक्षा अभियान मौजूदा 35 रेलवे स्‍टेशनों पर सफलतापूर्वक चल रहा है।

रेलवे सुरक्षा बल ने पिछले तीन वर्षों में लगभग 21 हजार बच्‍चों का बचाव किया है।

गृह मंत्रालय ने बाल सुरक्षा अभियान के तहत रेलवे सुरक्षा बल की उल्‍लेखनीय सेवाओं के लिए पुरस्‍कृत किया है।


रेलवे सुरक्षा बल द्वारा मुसीबत में फंसे बच्‍चों की सहायता के लिए चलाए जा रहे अभियान की सफलता को देखते हुए रेल मंत्रालय ने निर्णय लिया है कि वह इस अभियान को मौजूदा 35 स्‍टेशनों के साथ 47 अतिरिक्‍त रेलवे स्‍टेशनों पर भी चलाएगी। इन अतिरिक्‍त रेलवे स्‍टेशनों पर बाल सुरक्षा अभियान चलाने से अब यह अभियान कुल 82 रेलवे स्‍टेशनों पर चलाया जाएगा। ए1 श्रेणी के 75 स्‍टेशनों को इस अभियान के तहत शामिल किया जाएगा।
‘ऑपरेशन मुस्‍कान’ लापता बच्‍चों के बचाव और पुनर्वास के लिए गृह मंत्रालय द्वारा चलाई गई  एक प्रमुख पहल है। यह एक समर्पित अभियान है जहां पुलिस संगठन गुमशुदा बच्‍चों की खोज और बचाव के लिए विभिन्‍न कार्य योजनाएं चलाते हैं और ऐसे बच्‍चों को उनके परिवार से मिलाते हैं। रेलवे पुलिस और रेलवे रक्षा बल बचाव उपाय करती है और रेल गाडि़यों और रेलवे परिसरों में ऐसे गुमशुदा बच्‍चों की सहायता करती है जिन्‍हें संरक्षा और सहायता की जरूरत होती है।
वर्ष 2014, 2015 व 2016 के दौरान रेलवे रक्षा बल के कार्मिकों ने 20,931 बच्‍चों का बचाव किया इनमें 1,317 ऐसे बच्‍चे थे जो मानव तस्‍करी में फंसे थे। इनमें 944 लड़के और 373 लड़कियां शामिल थीं। वर्तमान वर्ष 2017 में अगस्‍त तक 7,126 बच्‍चों को रेलवे सुरक्षा बल ने मुक्‍त कराया है इनमें 185 ऐसे बच्‍चे थे जो मानव तस्‍करी के जाल में फंसे थे, इनमें 124 लड़के और 61 लड़किया शामिल हैं।
रेलवे सुरक्षा बल प्रतिदिन रेलों और रेल परिसरों से 20-25 ऐसे बच्‍चों को उनके माता-पिता, रिश्‍तेदारों अथवा स्‍वयंसेवी संगठनों के सुरक्षित हाथों में सौंप रही है। ये बच्‍चे कानून द्वारा स्‍थापित बाल कल्‍याण समितियों और कानूनी पुनर्वास संस्‍थानों को भी सौंपे जाते हैं। यह कल्‍याणकारी कार्य करके प्रति वर्ष रेलवे सुरक्षा बल के कर्मियों ने हजारों दुखी और हताश माता-पिता और रिश्‍तेदारों के चेहरे पर मुस्‍कान वापस दी है।
परिणामस्‍वरूप ‘मुस्‍कान अभियान’ के तहत लापता बच्‍चों के बचाव के लिए चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल द्वारा किए जा रहे अथक प्रयासों और त्‍वरित मानवीय कदमों को देखते हुए गृह मंत्रालय ने  रेल सुरक्षा बल को उल्‍लेखनीय सेवा के लिए पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया है।
चिन्हित रेलवे स्‍टेशनों पर विशेष बूथ और बाल सहायता स्‍थल बनाए हैं। यहां पर रेलवे सुरक्षा बल के कर्मचारी 24 घंटे तैनात रहते हैं। इनके अलावा महिला व बाल विकास मंत्रालय द्वारा नामांकित स्‍वयंसेवी संग्‍ठन और बाल सहायता से संबद्ध कर्मचारी भी तैनात रहते हैं। यह सेवा रेलवे के लिए मानदंड संचालन प्रक्रिया के तहत चलाई जाती है ताकि रेलवे परिसरों और गाडि़यों में इस प्रकार के जरूरतमंद बच्‍चों को सहायता और संरक्षण प्राप्‍त हो सके।  यह सेवा रेल मंत्रालय राष्‍ट्रीय बाल अधिकार सुरक्षा कमिशन (एनसीपीसीआर) व महिला व बाल विकास मंत्रालय संयुक्‍त रूप से चला रहा है।
पृष्‍ठभूमि
बड़ी संख्‍या में घर से भागे हुए, माता-पिता से बिछुड़े हुए और मानव तस्‍करी में शामिल बच्‍चे देश के विभिन्‍न भागों में यात्रा करते पाए जाते हैं। रेलवे ऐसे बच्‍चों की सहायता करती है और कई रेलवे परिसरों में ही उनको शरण देती है और उनके जीवन-यापन करती है। ये बच्‍चे हिंसा, शोषण और उपेक्षा के शिकार होते हैं। रेलवे सुरक्षा बल का लक्ष्‍य ऐसे लाखों बच्‍चों की सुरक्षा करना है जो अपना रास्‍ता भटक कर माता-पिता से बिछुड़ गए हैं। यह बल ऐसे बच्‍चों की तस्‍करी रोकने के लिए समर्पित है और समय पर उपर्युक्‍त कार्रवाई करके बच्‍चों का बचाव करती है।  

क्या है मोदी की सौभाग्य योजना?

क्या है मोदी की सौभाग्य योजना? किसे मिलेगा फायदा?


नई दिल्ली.प्रधानमंत्री ने सोमवार को हर घर तक बिजली पहुंचाने की योजना सौभाग्य लॉन्च की। यह योजना सातों दिन चौबीसों घंटे हर घर में बिजली पहुंचाने की है। इस योजना का फायदा उन लोगों को मिलेगा जो पैसों की कमी के चलते अभी तक बिजली कनेक्शन हासिल नहीं कर पाए हैं। साफ है कि योजना का फोकस गरीब परिवारों को फायदा पहुंचाने पर है।जानिए इस योजना के बारे में...

क्या है सौभाग्य योजना?

- इसका पूरा नाम प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना - साैभाग्य है। इसके तहत सभी राज्यों में मौजूद हर घर तक 31 मार्च 2019 तक बिजली पहुंचाने का टारगेट रखा गया है। हालांकि, पेट्रोलियम मिनिस्टर और पावर मिनिस्टर आरके सिंह का कहना है कि दिसंबर 2018 तक इस टारगेट को पूरा कर लिया जाएगा।
- यह योजना उन 18 हजार गांवों तक बिजली पहुंचाने की स्कीम से जुड़ी है जिसे 2018 तक पूरा करने का टारगेट रखा गया था। इसका टारगेट भी रिवाइज कर दिसंबर 2017 की डेडलाइन रखी गई है। चूंकि इस योजना में गांवों को कवर किया जाना है, इसलिए घरों को कवर करने के लिए सौभाग्य योजना लाई गई है।
कैसे होगी सौभाग्य योजना की फंडिंग?
- यह योजना 16,320 करोड़ रुपए की है। इसमें केंद्र सरकार 60% की मदद करेगी। स्पेशल कैटेगरी में आने वाले राज्यों के लिए केंद्र से 85% मदद दी जाएगी।
- योजना में 10% कॉन्ट्रिब्यूशन राज्य सरकारों का होगा। बाकी की 30% फंडिंग फाइनेंशियल इंस्टिट्यूशंस और बैंकों से कर्ज लेकर होगी।
- गांवों में मौजूद घरों तक बिजली पहुंचाने के लिए 14 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। 1700 करोड़ रुपए शहरी इलाकों के घरों तक बिजली पहुंचाने के लिए खर्च होंगे।
किसे मिलेगा हर घर बिजली योजना का फायदा?
- बिजली के फ्री कनेक्शन मुहैया कराने के लिए सामाजिक, आर्थिक और जाति जनगणना 2011 के आंकड़ों का इस्तेमाल किया जाएगा। यानी इस सेंसस में शामिल उन परिवारों या घरों को इस योजना का फायदा मिलेगा, जिनकी पहचान बिना बिजली कनेक्शन वाले घरों के रूप में की गई है।
- योजना के तहत सरकार ट्रांसफॉर्मर, बिजली के तार, खंभे लगाने में भी मदद करेगी।
जो 2011 की जनगणना में शामिल नहीं था, क्या उसे हर घर बिजली योजना का फायदा नहीं मिलेगा?
- जो घर या परिवार 2011 की जनगणना में शामिल नहीं हो सके थे, यानी दूसरे शब्दों में जो गरीबी रेखा से ऊपर हैं, वे भी 500 रुपए देकर बिजली कनेक्शन हासिल कर सकेंगे। 500 रुपए की यह रकम भी एकमुश्त नहीं देनी होगी। यह बिजली के बिलों से 10 किस्तों में वसूली जाएगी। यानी किस्त 50 रुपए महीने की होगी।
योजना के तहत क्या मिलेगा?
- एक LED लाइट और एक चार्जिंग प्वाइंट मिलेगा। बिजली कनेक्शन पर स्मार्ट मीटर लगेगा। यह प्री-पेड कनेक्शन होगा। यानी आपके बिजली कनेक्शन को भी मोबाइल या डीटीएच कनेक्शन की तरह मोबाइल से रिचार्ज कर सकेंगे। यह रिचार्ज भीम ऐप से करा सकेंगे।
किन राज्यों में है फोकस?
- सौभाग्य योजना के तहत उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, झारखंड, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तरी राज्य पर फोकस किया गया है।
सुदूर इलाके में मौजूद घरों तक बिजली कैसे पहुंचेगी?
- ऐसे घरों के लिए सौभाग्य योजना के तहत बैट्री बैंक मुहैया कराया जाएगा। साथ ही 200 से 300 WP (वॉट्स पीक) का सोलर पावर पैक भी दिया जाएगा। इस पावर पैक में 5 LED लाइट, एक पंखा, एक पावर प्लग और 5 साल के लिए मेनटेनेंस सर्विस दी जाएगी।
सौभाग्य योजना पर अमल कैसे होगा?
- हर घर का मोबाइल ऐप से सर्वे किया जाएगा। जिन्हें योजना का फायदा मिलना है, उनकी पहचान कर उनसे मौके पर ही बिजली कनेक्शन की एप्लिकेशन ली जाएगी। ऐप के जरिए ही उनके घर पर उनका फोटो और आईडी स्टोर कर लिया जाएगा।
मोदी सरकार आखिर क्यों सौभाग्य योजना लाई है?
- जो सरकार ने बताया: सरकार का कहना है कि हर घर में बिजली होगी तो इससे केरोसिन के इस्तेमाल में कमी लाई जा सकेगी। एजुकेशन, हेल्थ सर्विसेस में सुधार आएगा। हर घर तक रेडियो, टीवी, मोबाइल की कनेक्टिविटी बढ़ेगी। इससे इकोनॉमिक एक्टिविटी और इम्प्लॉयमेंट बढ़ेगा। खासकर महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार होगा।
- जो सरकार चाहती है: इस योजना को पूरा करने का टारगेट मार्च 2019 का रखा गया है। उसी वक्त लोकसभा चुनाव होंगे। लिहाजा, इसे आप चुनावी योजना भी मान सकते हैं। जिन राज्यों को इस योजना के फोकस में रखा गया है, उनमें से मध्य प्रदेश और राजस्थान में अगले साल चुनाव हैं। वहीं, यूपी ऐसा राज्य है जहां बीजेपी-एनडीए को 2014 में सबसे ज्यादा 73 लोकसभा सीटें मिली थीं। इन राज्यों में जम्मू-कश्मीर भी शामिल है, जिसे मुख्यधारा में लाने के लिए मोदी सरकार खासतौर पर जोर दे रही है।

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