Saturday, 9 December 2017

राजसमन्द घटना पीड़ित परिवार को दी 5 लाख की सहायता राशि पुलिस महानिदेशक ने किया घटना स्थल का दौरा

राजसमन्द घटना पीड़ित परिवार को दी 5 लाख की सहायता राशि पुलिस महानिदेशक ने किया घटना स्थल का दौरा 




राजसमन्द। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने राजसमन्द में हुई दर्दनाक हत्या के पीड़ित परिवार को राज्य सरकार की ओर से 5 लाख रुपए की सहायता प्रदान की है। शनिवार को राजसमन्द के एसडीएम  राजेन्द्रप्रसाद अग्रवाल ने मृतक के दामाद श्री मुशरफ खान को सहायता राशि का चैक भेंट किया। 

यह चैक मृतक अफराजुल की पत्नी श्रीमती गुलबहार के नाम जारी किया गया है। यह चैक अंजुमन कमेटी के सदर एड्वोकेट मोहम्मद फिरोज खान व उपाध्यक्ष रफीक मोहम्मद, परिजनों तथा क्षेत्रावासियों की मौजूदगी में दिया गया।
इससे पहले मुख्यमंत्री के निर्देश पर शनिवार को राजसमन्द पहुंचे पुलिस महानिदेशक श्री ओपी गल्होत्रा ने घटना स्थल का दौरा किया। उन्होंने इस घटना तथा इसके बाद राजसमन्द में पैदा हुए हालातों के बारे में पुलिस अधिकारियों से विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभाकक्ष में पीड़ित परिवार तथा संबंधित लोगों से घटना के बारे में विस्तृत चर्चा भी की।
गल्होत्रा ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि श्रीमती राजे इस मामले को लेकर बेहद गंभीर हैं और निरंतर फीडबैक ले रही हैं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि घटना के दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। पुलिस महानिदेशक ने घटना को नृशंस बताते हुए कहा कि इसकी तफ्तीश पूरी गंभीरता से की जा रही है। मामले मेंं साइन्टिफिक एवं फोरेन्सिक तथ्य मिले हैैं। इनका हर स्तर पर अनुसंधान जारी है ।
घटना को लेकर राजसमन्द पुलिस द्वारा अब तक की गई कार्यवाही के प्रति उन्होंने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुलिस शीघ्र अनुसंधान पूर्ण कर महीने भर में चार्जशीट कोर्ट में पेश करने का प्रयास कर रही है। पूरा प्रयास है कि मामले में न्यायालय से जल्द से जल्द फैसला हो और दोषियों को शीघ्र सजा मिले। 
इस अवसर पर एडीजी क्राइम श्री पंकजकुमार सिंह, उदयपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री आनंद श्रीवास्तव, जिला कलक्टर श्री पीसी बेरवाल, जिला पुलिस अधीक्षक श्री मनोज कुमार सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान(ग्रामीण)तृतीय चरण जिला स्तरीय समारोह का शुभारंभ जैसलमेर के पूनमनगर में

मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान(ग्रामीण)तृतीय चरण जिला स्तरीय समारोह का शुभारंभ जैसलमेर के पूनमनगर में



जैसलमेर। मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान(ग्रामीण) के तृतीय चरण का जिला स्तरीय समारोह जैसलमेर जिले की ग्रामं पंचायत पूनमनगर में जगथाई नाडी पर आयोजित हुआ। राजस्व राज्य मंत्री एवं जैसलमेर जिले के प्रभारी श्री अमराराम चौधरी, प्रभारी सचिव श्री हेमन्त गेरा, जिला प्रमुख श्रीमती अंजना मेघवाल, यूआईटी अध्यक्ष डॉ.जितेन्द्रसिंह, जिला कलक्टर श्री कैलाश चन्द मीना, ने जगथाई नाडी पर भूमि पूजन व शिलान्यास पट्टिका का अनावरण कर तृतीय चरण के अभियान का विधिव्त आगाज किया।

जैसलमेर जिले के प्रभारी मंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के दो चरणों में मिली सफलता के फलस्वरूप इस अभियान का तृतीय चरण चालू किया गया है। उन्होंनें कहा कि इस अभियान से वर्षाती जल संरक्षण को बहुत बढाव मिला है एवं जल संरक्षण के क्षेत्र में इस अभियान की तारीफ हर स्तर पर हुई है। उन्हाेंनें शहीद पूनमसिंह को नमन करते हुए कहा कि इस ऎतिहासिक गांव से इस तृतीय चरण की शुरूआत हुई है जिसमें अवश्य ही सफलता मिलेगी वहीं मंहतों का आर्शीवाद मिलने से इसमे और गति आएगी। उन्होंनें कहा कि जल ही जीवन है एवं जल के इस महत्वपूर्ण अभियान को जन-जन का अभियान बनाकर हमें वर्षाती जल की एक-एक बूंद को बचाना है ताकि हम हमारे आने वाली पीढी के लिए जल बचा सकें। उन्होंनें कहा कि जैसलमेर के वाशिंदें जल के महत्व को जानते है इसलिए वे इसमें अपना पूरा सहयोग प्रदान करें। उन्होंनें सरपंच एवं ग्रामीणों द्वारा जगथाई नाडी को जन सहयोग से विकसित करने पर बधाई दी एवं कहा कि वे इस नाडी को तालाब का रूप प्रदान करें।

श्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने चार साल के कार्यकाल में अनेकों जनकल्याणकारी योजनाएं चलाकर गरीबों का उत्थान किया है एवं हर क्षेत्र में विकास के नये कीर्तिमान स्थापित हुए है। उन्होंनें कहा कि राजस्थान देश के अग्रणीय प्रदेशों की गिनती में सुमार हो गया है। उन्होंनें जल की कीमत समझकर उसको बचत करने की सीख दी एवं कहा कि जिस उत्साह के साथ इस अभियान में लोगों ने जो रूचि दिखाई उससे लगता है कि इसमें अवश्य ही सफलता होगी एवं हम जल के रूप में आत्मनिर्भर बनेगें। उन्होंनें भामाशाहों द्वारा दिए गए आर्थिक सहयोग के लिए बधाई दी एवं कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्ेश्य जन सहयोग से ही जल संरचनाओं को विकसित करना एवं आमजन का जुडाव अभियान में लाना है।

इस अवसर पर प्रभारी सचिव जिला प्रमुख सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि संबंधित अधिकारियों ने विचार व्यक्त किये। 

अतिथियों ने दिखाई रथ को हरी झण्डी


जगथाई नाडी पर मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान तृतीय चरण के लिए तैयार किए गए चेतना रथ को प्रभारी मंत्री चौधरी के साथ ही अन्य अतिथियों ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। अभियान के आगाज पर बालिकाओं ने मंगल कलश सिर पर धारण कर नाडी पर उत्साह दिखाई वहीं विद्यार्थियों ने चेतना रैली निकाली। पूरा माहौल मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन से ओत प्ररोत हो गया।

Wednesday, 6 December 2017

पचपदरा की खारड़ी से आसुनगर नया गांव घोषित

पचपदरा की खारड़ी से आसुनगर नया गांव घोषित

प्रदेश में आठ मजरे-ढाणी नवीन राजस्व ग्राम घोषित

जयपुर। राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर राजसमन्द, बाड़मेर, जोधपुर तथा झुंझुनूं जिले में आठ मजरे-ढाणियों को नवीन राजस्व ग्राम घोषित किए हैं।
अधिसूचना के अनुसार राजसमन्द जिले की नाथद्वारा तहसील में कुंठवा मूल राजस्व ग्राम से एक पनिया का गुड़ा, बाड़मेर जिले की तहसील पचपदरा के मूल राजस्व ग्राम बगनावास से खेड़ा व खारड़ी से आसुनगर, रामसर तहसील के मूल राजस्व ग्राम निहालाणियों का टोबा व मांनाणियों की बस्ती से अर्जुन केशरानी को नवीन राजस्व ग्राम घोषित किया है।
इसी प्रकार जोधपुर जिले की शेरगढ़ तहसील के मूल राजस्व गांव खिरजा खास से शहीद प्रभूसिंह नगर तथा फलोदी तहसील के मूल राजस्व ग्राम बैंगटी कलां से शिवदान सिंह नगर तथा झुंझुनूं जिले की उदयपुरवाटी तहसील के मूल राजस्व ग्राम बजावा से मूण्ड़ों की ढ़ाणी व बास बजावा को नवीन राजस्व गांव घोषित किया है। अधिसूचना के अनुसार मूल राजस्व ग्रामों तथा नवीन राजस्व ग्रामों की पृथक-पृथक जमाबंदी, खसरा नंबर, नक्शे तथा अभिलेखों के परिशोधन के लिए संबंधित जिलों के कलेक्टरों को अधिकृत किया गया है।

Tuesday, 5 December 2017

2018 में पन्द्रह सार्वजनिक अवकाश होंगे, राज्य सरकार ने जारी की अधिसूचना

2018 में पन्द्रह सार्वजनिक अवकाश होंगे, राज्य सरकार ने जारी की अधिसूचना

दिव्य पंचायत न्यूज नेटवर्क

जयपुर। राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर कलैण्डर वर्ष 2018 में (ग्रेगारियन) 15 सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है।
अधिसूचना के अनुसार 26 जनवरी, 2018 शुक्रवार को गणतन्त्र दिवस, शुक्रवार (2 मार्च धूलण्डी), गुरूवार 29 मार्च महावीर जयन्ती, शनिवार 14 अप्रेल डा. अम्बेडकर जयन्ती, शनिवार 16 अप्रेल ईदुलफितर(चांद दिखाई देने की दशा में), 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस, बुधवार 22 अगस्त ईदुलजुहा (चांद दिखाई देने की दशा में) सार्वजनिक अवकाश रहेंगे।
इसी प्रकार 3 सितम्बर, 2018 सोमवार का श्री कृष्ण जन्माष्टमी, शुक्रवार 21 सितम्बर मोहर्रम (ताजिया) (चांद दिखाई देने की दशा में),  मंगलवार 2 अक्टूबर महात्मा गांधी जयन्ती, शुक्रवार 19 अक्टूबर विजयदशमी,  बुधवार 7 नवम्बर दीपावली, गुरूवार 8 नवम्बर गोवर्धन पूजा, शुक्रवार 23 नवम्बर गुरुनानक जयन्ती तथा मंगलवार 25 दिसम्बर, 2018 का क्रिसमस डे का सार्वजनिक अवकाश रहेगा। अधिसूचना के अनुसार 25 मार्च 2018 को रामनवमी, 1 अप्रेल वार्षिक बैंक खाता बन्दी तथा 26 अगस्त,2018 को रक्षाबंधन अवकाशों को रविवार होने के कारण सूची में सम्मिलित नहीं किया गया है।

राज्य सरकार के 4 साल -- विकास एवं जनकल्याण की प्रतीक फ्लेगशिप योजनाएं -

राज्य सरकार के 4 साल -- विकास एवं जनकल्याण की प्रतीक फ्लेगशिप योजनाएं  -गुलाब बत्रा

स्वाधीनता संग्राम में राजस्थान सहित देश के विभिन्न अंचलाें में निकाली जाने वाली प्रभात फेरियों, सभाओं, रैली इत्यादि में गाया जाने वाला एक गीत अत्यंत लोकप्रिय हुआ। इस गीत के बोल थे-झंडा ऊँचा रहे हमारा-विजयी विश्व तिरंगा प्यारा। इसी क्रम मेंं क्रांतिकारी विजय सिंह पथिक का लिखा गीत प्राण मित्रों भले ही गंवाये, पर न ये झंडा नीचे झुकने पाये-गीत भी लोकप्रिय हुआ। बदली हुई परिस्थितियों में यह झंडा विकास के नये आयाम से जुड़ी फ्लेगशिप योजनाओं का प्रतीक बन गया है। 


स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद पंचवर्षीय योजनाओं के माध्यम से विकास के लिए विभिन्न कार्यक्रम हाथ मेंं लिए गए। इनकी समीक्षा करते हुए विकास आधारित योजनाओं मेंं नए आयाम जोड़े गये। एक लम्बी अवधि तक यह सिलसिला चला। अब समग्र विकास के रूप मेंं फ्लेगशिप योजनाओं का सूत्रपात हुआ। संसदीय प्रणाली और संघीय शासन व्यवस्था के अन्तर्गत केन्द्र तथा राज्य सरकारों ने मिल जुलकर विकास योजनाओं को जमीनी हकीकत देने की दिशा मेंं कार्य किया। भौगोलिक दृष्टि से सबसे बड़े प्रांत एवं विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों की तरह विशाल मरूस्थलीय इलाके को समेटे राजस्थान को केन्द्र सरकार से विशेष दर्जा देने की मांग की जाती रही है। ऎसी परिस्थितियों मेंं केन्द्र सरकार ने कई अवसरों पर विशेष अनुदान या सहायता राशि उपलब्ध करवायी है। 
फ्लेगशिप योजना एक तरह की बड़ी छतरी का रूप लिए होती है, जिसमें व्यापक जन कल्याण के साथ-साथ सामुदायिक विकास का मार्ग भी प्रशस्त होता है। इन योजनाओं मेंं महिला सशक्तीकरण, निःशक्तजनों सहित समाज के विभिन्न वर्गों की परेशानियों को दूर कर अंतिम व्यक्ति को न्याय एवं राहत पहुंचाने पर विशेष बल दिया गया है। स्वयं मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधियों एवं सरकारी मशीनरी द्वारा फील्ड मेंं जाकर फीड बैक लेने से इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन मेंं पारदर्शिता से काम हो रहा है। साथ ही कार्य प्रक्रिया मेंं सुधार लाने और संभावित भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने मेंं भी मदद मिली है। यही नहीं इन योजनाओं के क्रियान्वयन मेंं जन सहयोग से शासन-प्रशासन तथा आम जनता के बीच विश्वास की कड़ी मजबूत हुई है और प्रशासन के स्तर पर नई कार्य संस्कृति एवं मानवीय संवेदना की भावना विकसित हुई है। 
अहम बात यह भी है कि केन्द्र सरकार ने कुछ फ्लेगशिप योजनाओं का श्रीगणेश राजस्थान से किया। वहीं मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे की दूरदृष्टि एवं प्रशासनिक अनुभव तथा कुशलता से कई अनूठी योजनाओं का सूत्रपात किया गया जिसका अनुसरण विभिन्न राज्यों मेंं भी हुआ। ऎसी अभिनव योजनायें राष्ट्रीय, अन्तर्राष्ट्रीय एजेन्सियाें के लिए अध्ययन एवं शोध का विषय बनी और इनके बेहतर क्रियान्वयन से पिछड़ेपन से अभिशप्त राजस्थान को अग्रणी राज्याें मेंं शामिल होने का गौरव हासिल हुआ। इनमें भामाशाह योजना विशेष उल्लेखनीय है। भारत में मुगल शासन मेंं स्वाभिमान की रक्षा के लिए भामाशाह ने महाराणा प्रताप के समक्ष अपनी सारी निधि समर्पित की थी। समाज के प्रति सरकार की जवाबदेही की इसी भावना से प्रेरित होकर श्रीमती वसुंधरा राजे के प्रथम मुख्यमंत्रित्व काल मेंं आरम्भ इस योजना को इस बार महत्वाकांक्षी स्वरूप प्रदान किया गया। महिला सशक्तिकरण के साथ आमजन को पारदर्शी तरीके से विभिन्न राजकीय सेवाओं का सीधे लाभ पहुंचाया गया। नतीजतन एक करोड 48 लाख परिवाराें के 5 करोड़ 47 लाख सदस्यों के लिए डी.बी.टी. के माध्यम से 30 करोड़ 26 लाख रुपये नकद एवं गैर नकद ट्रांजेक्शन तथा लाभार्थियों के बैंक खातों मेंं दस हजार 852 करोड़ रुपये की धनराशि हस्तांतरित की गई। भामाशाह योजना मेंं सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मनरेगा भुगतान, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, जननी सुरक्षा एवं छात्रवृत्ति सुविधा का समावेश किया गया। इसी के तहत भामाशाह स्वास्थ्य योजना मेंं गरीबों को उच्च स्तर के तथा निजी चिकित्सालयों मेंं चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राजकीय एवं निजी कुल 1 हजार 304 चिकित्सालयों को जोड़ा गया। प्रत्येक परिवार के लिए सामान्य बीमारी मद मेंं सालाना तीस हजार रुपये तथा चिन्हित गंभीर बीमारियों हेतु 3 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर किया गया। बीमा से पूर्व की समस्त 1 हजार 715 बीमारियों को कवर करते हुए अब तक 17 लाख 21 हजार क्लेम बीमा कम्पनी को भेजे जा चुके हैं एवं  933 करोड़ रुपये की चिकित्सा सुविधाएं सुलभ करवाई जा चुकी हैं। इसी के साथ ग्रामीण क्षेत्रों मेंं 15 अगस्त 2016 से आरम्भ आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र योजना के अन्तर्गत प्रथम चरण में 295 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के रूप में विकसित किया गया है।
वहीं द्वितीय चरण में चयनित 600 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में से 286 को आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के रूप में प्रारम्भ किया गया है। इन केन्द्रों पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवायें उपलब्ध करवाकर इन्हें ‘‘वेलनेस सेन्टर‘‘ के रूप मेंं विकसित किया जा रहा है। देश के अन्नदाता किसानों की 2022 तक आमदनी दुगुनी करने के लक्ष्य के अनुरूप प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजस्थान के सूरतगढ़ मेंं 2014-15 से राष्ट्रव्यापी मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना आरम्भ की थी। प्रदेश मेंं 78 लाख किसानों को यह कार्ड उपलब्ध कराने के साथ किसानाें को संतुलित खाद एवं उर्वरक प्रबंधन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। खेती मेंं सिंचाई पानी की जरूरत तथा पेयजल के लिए राजस्थान सरकार ने इस दिशा मेंं अनुकरणीय योजना आरम्भ की है। भारत के लगभग दस फीसदी क्षेत्रफल को समेटे मरूस्थलीय राजस्थान मेेंं पानी की उपलब्धता महज डेढ़ प्रतिशत है। आजादी के सत्तर साल बीतने पर भी आम आदगी को पानी नसीब नहीं होने की चुनौती को स्वीकारते हुए गांवों के साथ शहरी क्षेत्रों में मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान की शुरूआत की गई। दो चरणों के बाद अब तीसरे चरण की शुरूआत की जा रही है। इस योजना ने जन अभियान का भागीरथ रूप ले लिया है। राजनीतिक दृष्टि से विरोध के बावजूद अब तक साढ़े सात हजार से अधिक गांवों मेंं 2 हजार 795 करोड़ लागत और 66 शहरी क्षेत्रों मेंं 62.37 करोड़ रुपये की लागत के 1 हजार 393 काम हाथ में लिए गए थे। जिनमें से 1 हजार 307 कार्यों को पूरा करके पेयजल के स्थायी समाधान का सफल प्रयास किया गया है। शहरी इलाकों मेंं बावड़ियों, तालाबों, जोहड़ाें इत्यादि के जीर्णोद्धार से जल संरक्षण की विरासत को भी सहेजा गया है। 
अपने आप मेंं अनूठी मुख्यमंत्री राजश्री योजना बालिकाओें के उज्जवल भविष्य का प्रतीक बन गई है। भ्रूण हत्या का कलंक मिटाने और लिंगानुपात को सही करने के दिशा मेंं यह मील का पत्थर साबित होगी। सरकारी चिकित्सा केन्द्रों पर जून 2016 के बाद जन्म लेने वाली बालिकाएं इस योजना में लाभ की पात्र हैं। अब तक 7 लाख 92 हजार 811 बेटियों को इस योजना से लाभान्वित किया गया है। इस योजना के अन्तर्गत 198 करोड़ 20 लाख रुपये की राशि अब तक वितरित की जा चुकी है। ऎसी बेटी की पहली वर्षगांठ पर ढाई हजार रुपये, सरकारी विद्यालय मेंं पहली कक्षा मेंं प्रवेश पर चार हजार रुपये, छठी कक्षा मेंं पांच हजार, दसवी मेंं 11 हजार रुपये तथा बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण करने पर 25 हजार रुपये यानि कुल 50 हजार रुपये का परिलाभ दिया जायेगा।
ग्रामीण तथा शहरी गौरव पथ योजना के तहत नगरीय शासन एवं ग्राम पंचायत स्तर पर नालियों सहित सीमेंंट सड़कों का निर्माण किए जाने से सुचारू आवागमन संभव हुआ है। खाद्यान्न सुरक्षा की दृष्टि से सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी एवं मजबूत बनाने के लिए सरकार ने प्रभावी कदम उठाये है। अन्नपूर्णा भंडार योजना के तहत उचित मूल्य की दुकानों पर मल्टी ब्रांड की उपभोक्ता वस्तुओं की उपलब्धता से राशन विक्रेता की अतिरिक्त आमदनी का उपाय किया गया है। ऎसे 5 हजार 919 भंडार खोले गये हैं तथा 25 हजार पंजीकृत पोस मशीनें लगाकर राशन वस्तुओं की कालाबाजारी की रोकथाम के प्रयास किए गए है। युवाओं की रोजगार समस्या के समाधान के लिए राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम ने विभिन्न ट्रेड्स मेंं दो लाख 8 हजार युवाओं को प्रशिक्षण दिया है। इसके अलावा एक लाख 50 हजार सरकारी नौकरियों के अलावा 11 लाख 50 हजार युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराये गये हैं। 
लालकिले से प्रधानमंत्री ने स्वच्छता का आहवान किया था। स्वच्छ भारत मिशन के तहत राजस्थान को 2017-18 तक खुले में शौच से मुक्त बनाने का संकल्प है। कुल 9 हजार 891 ग्राम पंचायताें मेंं 71 फीसदी पंचायतें खुले में शौच से मुक्त हो गई हैं तथा 83 लाख 58 हजार 831 शौचालय विहीन परिवारों मेंं से 73 लाख 75 हजार परिवार शौचालय सुविधा का लाभ लेने लगे हैं। अजमेर, चित्तौडगढ़, बीकानेर, चूरू, झुंझूनूं एवं पाली जिले की सभी ग्राम पंचायतें खुले में शौच से मुक्त हैं। शहरों मेंं दो लाख 87 हजार शौचालयों के निर्माण के साथ  शहरों को भी इस कलंक से मुक्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं। 
फ्लेगशिप योजनाओं मेंं निःशक्तजनों को राहत देने के लिए पं.दीनदयाल उपाध्याय विशेष योग्यजन शिविर लगाकर लगभग 8 लाख 77 हजार विशेेष योग्यजनों का पंजीयन किया गया। इसके अतिरिक्त 47 हजार 646 विशेष योग्यजनों को निःशक्तता प्रमाण पत्र भी जारी किये गए हैं।  इन्हें कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए मार्च तक शिविर लगाये जायेंगे। इसी प्रकार ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्राें में शिविर लगाकर पट्टा वितरण अभियान को गति दी गई। राजस्व लोक अदालत न्याय आपके द्वार अभियान मेंं किसानों एवं ग्रामीणों के अपने स्वामित्व खातेदारी अधिकार एवं उत्तराधिकार सम्बन्धी विवादों का निस्तारण किया गया। आंकड़े देखें तो 95 लाख से अधिक प्रकरणों एवं लम्बित पुराने 2 लाख 15 हजार प्रकरणों का निपटारा कर आमजन को राहत दी गई। राजस्थान सम्पर्क पोर्टल के माध्यम से आमजन को ऑनलाइन शिकायतें दर्ज कराने की सुविधा देकर 17 लाख 27 हजार दर्ज परिवादों मेंं से 15 लाख 30 हजार प्रकरण निस्तारित किए गए हैं। इस प्रकार फ्लेगशिप योजनाएं राजस्थान को प्रगति पथ पर अग्रसर करने मेंं अहम भूमिका निभा रही है। 

Thursday, 30 November 2017

निर्माण श्रमिकों को योजनाओं का अधिकाधिक फायदा दिलाने का प्रयास करे- श्रम निरीक्षक जाखड़

निर्माण श्रमिकों को योजनाओं का अधिकाधिक फायदा दिलाने का प्रयास करे- श्रम निरीक्षक जाखड़

आदर्श जाट महासभा जिलाध्यक्ष का अभिनंदन





बालोतरा। निर्माण श्रमिकों को विभाग की योजनाओं की अधिकाधिक जानकारी देकर लाभान्वित कराने का प्रयास करे यह बात गुरुवार को थार कमठा मजदूर यूनियन कार्यालय में वरिष्ठ श्रम निरीक्षक मूलाराम जाखड ने कही। उन्होने कहा कि बाडमेर जिले में पंजीकृत श्रमिकों योजनाओं से जोडने का प्रयास करे। इस अवसर पर श्रम निरीक्षक मगाराम गोदारा ने कहा कि निर्माण श्रमिक अपने पंजीयन आवेदन के बाद विभाग की योजनाओं की जानकारी के लिए तत्पर रहे तथा समय-समय पर विभागीय योजनाओं के बारे में अपडेट होते रहे। यह बात श्रम निरीक्षको ने आर्दश जाट महासभा के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष करनाराम मांजू के स्वागत एवं अभिनंदन समारोह में कही। इस अवसर पर थार कमठा मजदूर यूनियन के सचिव पुरखाराराम सारण ने श्रम निरीक्षकों का साफा पहना कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर यूनियन के सदस्यों ने निरीक्षकों का माल्यापर्ण किया गया। इस अवसर पर प्रेम गोदारा, विरेन्द्र सारण, गजेन्द्र गोदारा, धन्नाराम भूंकर, हुक्माराम जाखड, गोविंद वैष्णव, धन्नाराम पाबडा, विरधाराम ढाका, प्रहलादराम गोदारा सहित कई जने उपस्थित रहे। 




आर्दश जाट महासभा जिलाध्यक्ष का स्वागत

आर्दश जाट महासभा के जिलाध्यक्ष बनने पर करनाराम मांजू का गुरुवार को श्रम निरीक्षक मूलाराम जाखड़ व मगाराम गोदारा ने स्वागत एवं अभिनंदन किया।

Wednesday, 29 November 2017

आदर्श जाट महासभा समाज को संगठनात्मक रूप से मजबूत करेगाः डेलू

आदर्श जाट महासभा समाज को संगठनात्मक रूप से मजबूत करेगाः डेलू

गिडा मंे नवनियुक्त जिलाध्यक्ष का हुआ स्वागत

 


 गिडा। आदर्श जाट महासभा के प्रांतीय अधिवेशन में प्रदेशाध्यक्ष रामनारायण चौधरी द्वारा मनोनित जिलाध्यक्ष करनाराम मांजू का स्वागत एवं अभिनंदन समारोह गिडा प्रधान लक्ष्मणराम डेलू के मुख्य आतिथ्य एवं सरपंच पूनमाराम घाट की अध्यक्षता में रखा गया। समारोह को संबोधित करते हुए प्रधान लक्ष्मणराम डेलू ने कहा कि समाज को संगठनात्मक रूप से मजबूति देने के लिए ऐसे संगठनों की जरूरत होती हैं जो समाज को नेतृत्व प्रदान कर सके। मांजू को जिम्मेदारी सौंपी गई हैं मुझे पूरा विश्वास हैं कि इस पर खरा उतरेंगे। इस अवसर पर गिडा सरपंच पूनमाराम घाट ने कहा कि जाट समाज राजनीतिक, शैक्षिक स्तर पर मजबूत हो इसके लिए ऐसे संगठनांे की आवश्यकता हैं, निष्ठा और समर्पित भाव से काम करते हुए मांजू इस काम को मुकाम पर पहुंचायेंगे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए करनाराम मांजू ने कहा आदर्श जाट महासभा एक ऐसा संगठन हैं जो बिना किसी राजनीति की बात करते हुए समाज को शिक्षा, सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र मंे नई उर्जा देने का प्रयास करेगा। इस अवसर पर खोखसर पूर्व सरपंच वगताराम लूखा, हीरा की ढाणी सरपंच गोकलराम गोदारा, डॉ. जोगेश चौधरी, अधिवक्ता चुनाराम जाखड, हनुमान राम कूकणा, जीएसएस व्यवस्थापक डूंगरराम बाना, अचलाराम सांई, हीर भारती, ओमप्रकाश घाट, अर्जिनवीस अशोक जाखड, विजाराम जाखड, चुनाराम घाट, घमाराम ककडावा,, मूलाराम, चुनाराम खोथ, धर्मेन्द्र बेनिवाल, राजाराम जाखड, पन्नाराम सारण रतेउ, राजेन्द्र सारण, कुंभाराम, बहादुरसिंह कडवासरा सहित कई बडी संख्या मंे लोग उपस्थित रहे।


divya panchayat daily