Friday, 6 October 2017

पुष्कर में सर्वसमाज के लोगों के साथ मुख्यमंत्री का ‘जनसंवाद‘


पुष्कर में सर्वसमाज के लोगों के साथ मुख्यमंत्री का ‘जनसंवाद‘

खिलेगा पुष्कर, निखरेगा पुष्कर - मुख्यमंत्री


जयपुर। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावना के अनुरूप विश्व प्रसिद्ध तीर्थराज पुष्कर क्षेत्र का विकास करेगी तथा अक्षरधाम मंदिर की तर्ज पर इसे संवारा जाएगा। उन्होंने कहा कि पवित्र पुष्कर सरोवर के घाटों के सौंदर्यकरण तथा गंदे पानी की समस्या को दूर करने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है।
श्रीमती राजे ‘मुख्यमंत्री जनसंवाद‘ के तहत शुक्रवार को अजमेर जिले के पुष्कर में सर्वसमाज के प्रतिनिधियों को संबोधित कर रही थीं। पूरे दिन श्रीमती राजे ने पुष्कर क्षेत्र के विभिन्न समाजों के लोगों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा उनसे सुझाव लिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो श्रद्धालु पुष्कर क्षेत्र में आएं वे संतुष्टि के साथ एक अलग एहसास लेकर जाएं। इसके लिए यहां के लोगों को भी सरकार का सहयोग करना होगा।

दलितों की तरक्की से बदलेगी प्रदेश की तस्वीर


मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को ‘मुख्यमंत्री जनसंवाद’ कार्यक्रम की शुरूआत दलित समाज से की। सबसे पहले उन्होंने दलित समाज के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि दलितों की तरक्की से प्रदेश की तस्वीर बदलेगी। इस सोच के आधार पर हमारी सरकार काम कर रही है। बाबा साहेब अम्बेडकर के सपनों को साकार करते हुए हमारी सरकार निरन्तर दलित उत्थान में लगी हुई है।

उन्होंने कहा कि जब तक 36 की 36 कौमों और सब मजहबों का विकास नहीं होगा तब तक प्रदेश आगे नहीं बढ़ सकता। दलित समाज ने हमेशा देश का गौरव बढ़ाया है। दलित समाज भी हमारे परिवार का अभिन्न अंग है। देश के अनेक उच्च पदों पर दलित समाज के लोग पदस्थापित हैं जो दलित समाज के लिए गर्व की बात है।

प्रदेशवासियों की तकलीफें दूर करना मेरा फर्ज 


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी 7 करोड़ से अधिक लोगों को मैंने अपना परिवार माना है और मुखिया होने के नाते परिवार के सभी सदस्यों से सीधा संपर्क कर उनकी तकलीफें जानना और उनको दूर करना मेरा फर्ज है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर व्यक्ति को साथ लेकर हमें राजस्थान को नया प्रदेश बनाना है। ‘मुख्यमंत्री जनसंवाद’ कार्यक्रम सर्वसमाज के लोगों का अपने परिवार की मुखिया से सीधे जुड़ने और सरकार के बारे में अपना फीडबैक देने का जरिया है। इससे पता चलेगा कि जमीनी स्तर पर वास्तविकता क्या है। साथ ही, आमजन को अपनी समस्याओं के निराकरण में भी मदद मिलेगी।

मौके पर हल हुई पानी की समस्या

अजमेर जिले की श्रीनगर पंचायत समिति के अरड़का गांव के लोगों ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके गांव में पानी की समस्या है और बीसलपुर का पानी भी नहीं आता। यह सुनकर श्रीमती राजे ने मौके पर ही 80 लाख रूपये से पानी की टंकी बनाने के निर्देश दिए। इसके लिए राज्यसभा सांसद कोष से भी मदद ली जाए।

सीधा संवाद करे ऎसा मुख्यमंत्री पहली बार


इस अवसर पर सर्वसमाज के लोगों ने श्रीमती राजे का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पहली बार उन्हें किसी मुख्यमंत्री को व्यक्तिशः अपनी छोटी से छोटी समस्याएं और सुझाव बताने और उनसे सीधा संवाद करने का मौका मिला है। सर्वसमाज के लोगों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर परिवहन मंत्री  यूनुस खान, संसदीय सचिव एवं स्थानीय विधायक  सुरेश रावत सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

बायतू विधायक कैलाश चौधरी ने मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र में लगाई किसान चौपाल

बायतू विधायक कैलाश चौधरी ने मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र में लगाई किसान चौपाल

झालावाड में सुनी जन समस्याएं

रायपुर में किसान चौपाल को संबोधित करते हुए भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष चौधरी।
गिडा। बायतू विधायक एवं किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष कैलाश चौधरी ने मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे के गृहक्षेत्र में किसान चौपाल लगा कर किसानों की परिवेदनाएं सुनी। गौरतलब रहे हाडौती क्षेत्र में कांग्रेस की किसान न्याय यात्रा निकाली जा रही हैं। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट के सामने भाजपा के किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष कैलाश चौधरी हाड़ोती क्षेत्र में किसानों की चौपाल लगाकर राज्य सरकार की योजनाओं का बखान कर रहे हैं।

झालरापाटन विधानसभा क्षेत्र में लगाई किसान चौपाल

शुक्रवार को विधायक चौधरी ने मुख्यमंत्री के $गृह क्षेत्र झालरापाटन के रायपुर में किसान चौपाल को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों कि हितो को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फसल बीमा योजना लागू कर किसानों को राहत प्रदान की। उन्होने कहा कि स्वामीनाथन आयागे की रिपोर्ट के अनुसार किसानों के हितों का ध्यान रख रहा हैं। चौधरी ने कहा कि कांग्रेस ने 60 साल के शासन में सिर्फ  और सिर्फ गरीबों के शोषण का काम किया है। इस दौरान झालरापाटन विधानसभा क्षेत्र के जनप्रतिनिधि एवं बडी संख्या में किसान उपस्थित रहे।



Thursday, 5 October 2017

खोखसर: अज्ञात लोगों ने चौराहे पर गाढ दिया पत्थर, पुलिस को पता ही नही?

खोखसर: अज्ञात लोगों ने चौराहे पर गाढ दिया पत्थर, पुलिस को पता ही नही?

पीडब्ल्यूडी की संजीदगी से हटा पत्थर, गिडा में हो चुका हैं बवाल


 गिडा। निकटवर्ती खोखसर गांव के मुख्य चौराहे पर रात्रि मे अज्ञात लोगों द्वारा पत्थर लगा कर सार्वजनिक रास्ते पर नाजायज कब्जा करने का प्रयास किया गया। लेकिन इसकी जानकारीह पुििलस के पास नही है। दिव्य पंचायत ने गिडा थानाधिकारी से वार्ता करनी चाही तो उन्होने बाहर होने का हवाला दिया वहीं बीट प्रभारी ने पहले तो मामले से अनभिज्ञता जाहिर की लेकिन सवाल पर सवाल करने पर ऐसी बात होनी स्वीकार करते हुए बताया कि किसी ने मल्लीनाथ सर्किल लिखा हुआ पत्थर गाड दिया था, उसे सार्वजनिक निमार्ण विभाग ने हटा दिया।
इसकी सूचना सार्वजनिक निर्माण विभाग को मिलने पर सहायक अभियंता ने मौके पर पहुंच कर पत्थर को हटा दिया गया।  जानकारी के अनुसार खोखसर गांव के मुख्य चौराहे पर बुधवार रात्रि में अज्ञात लोगों द्वारा तथा कथित पत्थर लगाकर कब्जा करने का प्रयास किया, इस की जानकारी ग्रामीणों को मिलने पर सूचना प्रशासन को दी गई। सूचना मिलने पर सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा पत्थर को उखाड कर हटा दिया।

आपसी सौहार्द बिगाडने का प्रयास

ग्रामीणों का कहना हैं कि गांव के चौराहे पर तथाकथित लोगों द्वारा विशेष नाम का पत्थर लगा कर आपसी भाईचारे को बिगाडने का प्रयास किया गया, उन्होने बताया कि गनीमत रही कि कोई अनहोनी नही हुई।

इनका कहना हैं

सार्वजनिक निर्माण विभाग की सडक के बीचों-बीच पत्थर लगाकर कब्जे का प्रयास किया गया, उसकों हटा दिया हैं।

ताजाराम
सहायक अभियंता 
पीडब्ल्यूडी, बायतू। 

मैं किसी मामले की जांच को खोखसर गया था तभी किसी ने बताया कि यहां कोई पत्थर गाडा गया था जिसे हटा दिया गया।

रणजीतसिंह
बीट प्रभारी खोखसर, पुलिस चौकी केसुम्बला


शहरी सुधारों पर आयोजित हुई आरयूआईडीपी की कार्यषाला

शहरी सुधारों पर आयोजित हुई आरयूआईडीपी की कार्यषाला 

जोधपुर, राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) और एचसीएम रीपा जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में जोधपुर संभाग के षहरी निकायों के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के लिए शहरी क्षेत्रीय सुधारों पर एक दिवसीय आमुखीकरण कार्यषाला गुरूवार 5 अक्टूबर को टाउनहॉल सभागार में आयोजित की गई। कार्यषाला में आरयूआईडीपी के तृतीय चरण के तहत किये जाने वाले शहरी क्षेत्रीय सुधारों पर चर्चा की गई साथ ही भारत सरकार और राजस्थान सरकार के द्वारा शहरी विकास के लिए  चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में स्थानीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के मध्य सामंजस्य पर जोर दिया गया। नगर निगम के महापौर घनष्याम ओझा ने कहा कि निकायों का सीधा जुड़ाव जनता से है इसलिए निकाय जनता को सरकारी योजनाओं  से जोड़ने और मोटीवेट करने में अपनी भूमिका का निर्वहन करें। हम जन प्रतिनिधियों पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है कि सरकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों को षीघ्र मिले।  कार्यषाला को सम्बोधित करते हुये सम्भागीय आयुक्त रतनलाल लाहोटी ने षहरी विकास को एक बड़ी चुनौती बताते हुये इसे एक मल्टी डायमेंसन्ल टास्क बताया। उन्होंने नगर निकायो द्वारा स्वंय के वित्तीय संसाधन जुटाने पर ज़ोर दिया। इस अवसर पर बोलते हुये नगर निगम के आयुक्त ओमप्रकाष कसेरा ने षहरों के समक्ष चुनौतियों का जिक्र करते हुये कहा कि षहरों में जनसंख्या का घनत्व तेजी से बढ़ रहा है और लोंगो की अपेक्षाये भी बढ़ी है।आरयूआईडीपी के अतिरिक्त परियोजना निदेषक गिर्राज सिंह हाडा ने कार्यषाला के उद्देष्यों पर बोलते हुए परियोजना के विभिन्न चरणों में किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी और प्रतिभागियों के सवालों के जवाब दिये। ंउन्होनंे कहा कि आरयूआईडीपी के प्रथम व द्वितीय चरण के अनुभवों के आधार पर तीसरे और चोथे चरण में प्रोजेक्ट में कई बदलाव किये गये है और परिसम्पत्तियों के विकास के साथ उनके संचालन व संधारण पर भी जोर दिया गया है।सेन्टर फॉर अरबन गवर्नेंस के प्रमुख पुरषोत्तम बियानी ने कार्यषाला को सम्बोधित करते हुये कहा कि चुने हुए जन प्रतिनिधियों व अधिकारियों के लिए ये जरूरी है कि उन्हे सरकारी योजनाओं की सही जानकारी हो।
कार्यषाला में स्वच्छता सर्वेक्षण पर जानकारी दी गई। वक्ताओं ने अपने क्षेत्र में अपनाये जा रहे नवाचार और कार्य योजना के क्रियान्वयन में आ रही परेषानीयों की जानकारी दी। आमुखीकरण कार्यषाला में षहरी सुधारों के लिए उठाएं गए कदमों तथा परियोजना और स्थानीय निकायों के बीच समन्वय पर चर्चा कि गई। खुले सत्र में प्रतिभागियांे ने अपने अनुभव साझा किये।
कार्यषाला में आरयूआईडीपी के अधीक्षण अभियन्ता सुरेष चन्द गुप्ता सहित संभाग के शहरी निकायों केे सभापति, उप सभापति, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, वार्ड मेम्बर, आयुक्त, कार्यकारी अधिकारी, राजस्व अधिकारी एवं अभियंताओं नें भाग लिया।

संसदीय सचिव चौधरी ने की जन सुनवाई परिवादों के शीध्र निस्तारण के निर्देश



बाडमेर। संसदीय सचिव भैराराम चौधरी ने गुरूवार को सर्किट हाउस में लोगों की जन सुनवाई कर संबंधित अधिकारियों को परिवादों का त्वरित निस्तारण कर राहत पहुंचाने के निर्देश दिए।
गुरूवार प्रातः सर्किट हाउस में आयोजित जन सुनवाई के दौरान संसदीय सचिव चौधरी ने लोगों की विभिन्न समस्याओं एवं शिकायतों की सुनवाई की। उन्हांेने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं की जांच कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों की लगातार मॉनिटरिंग कीे जा रही है। साथ ही जिला प्रशासन के साथ बैठक के दौरान प्रत्येक प्रकरण की समीक्षा की जाएगी। जन सुनवाई के दौरान तनेराम नगर बाडमेर निवासी पूंजराज बामणिया द्वारा अतिक्रमण हटाकर आम रास्ता खुलवाने, ग्राम सणाऊ तहसील चौहटन निवासी हरीसिंह द्वारा खरीफ ऋण दिलाने, पिताम्बर दास माहेश्वरी द्वारा मौका निरीक्षण कर जमीन को मुक्त कराने, ग्राम सेलोडिया दक्षिण तहसील गडरारोड निवासी उम्मेदसिंह द्वारा गोचर भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्यवाही कर गोचर भूमि का सीमाज्ञान कराने, आचार्यो का वास बाडमेर निवासी खीमराज द्वारा कदीमी रास्ता खुलवाने, जालिपा निवासी देवाराम द्वारा कटाण रास्ता खोलने, बाडमेर निवासी हीरालाल जीनगर द्वारा भवन निर्माण की स्वीकृति दिलाने सहित विभिन्न समस्याओं से जुडे प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किये गये, जिन पर संसदीय सचिव चौधरी ने जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। जन सुनवाई के दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर ओ.पी. बिश्नोई, पुलिस उप अधीक्षक एससी सेल रतनलाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

आमजन की समस्याआंे का त्वरित निस्तारण करें : चौधरी

आईडी के आधार पर सत्यापन करने के साथ मोबाइल पर बात कर वस्तुस्थिति की जानकारी ली


बाड़मेर। आमजन की समस्याआंे का त्वरित निस्तारण करें। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप आमजन को प्राथमिकता से राहत पहुंचाई जाए। संसदीय सचिव भैराराम ने बाड़मेर जिला मुख्यालय पर गुरूवार को कलेक्ट्रेट कांफ्रेस हाल मंे आयोजित बैठक के दौरान राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरणांे की समीक्षा करते हुए यह बात कही।
संसदीय सचिव भैराराम चौधरी ने राजस्थान संपर्क पोर्टल को मुख्यमंत्री की अभिनव पहल बताते हुए कहा कि अधिकारी सकारात्मक सोच के साथ पोर्टल पर दर्ज होने वाले प्रकरणों का समाधान कर आमजन को राहत प्रदान करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने अभिनव पहल करते हुए सम्पर्क पोर्टल शुरु किया है। इसके माध्यम से आम व्यक्ति की सीधी पहुंच अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक संभव हो सकी है। मुख्यमंत्री की आमजन को राहत पहुंचाने की मंशा को साकार करने के लिए अधिकारी सकारात्मक भाव से कार्य करें। उन्होंने कहा कि जो काम होने वाला हो और नियमों के दायरे में आता हो तो तुरंत निस्तारित कर दें, ताकि प्रार्थी को राहत मिल सके। यदि करना संभव नहीं हो तो संबंधित व्यक्ति को कारण सहित अवगत कराकर संतुष्ट कर दें। इससे आमजन को वास्तविक स्थिति की जानकारी हो सकेगी। संसदीय सचिव चौधरी ने सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज कई प्रकरणों का आईडी नंबर के आधार पर रेण्डमली सत्यापन किया। निस्तारित प्रकरणों की ऑनलाइन वेरिफिकेशन रिपोर्ट एवं संलग्न दस्तावेज देखे। उन्होंने निस्तारण के पश्चात् प्रार्थी के हस्ताक्षरयुक्त संतुष्टी पत्र अपलोड करने के निर्देश दिए। चौधरी ने प्रार्थियों से मोबाइल फोन पर बात कर निस्तारण से मिली राहत की हकीकत जांची। पेंशन नहीं मिलने के प्रकरण में नेनोदेवी से बात करने पर उसने पेंशन नहीं मिलने की बात कही। इस पर जिला कलक्टर शिवप्रसाद मदन नकाते ने कोषाधिकारी से प्रार्थी का पूरा रिकॉर्ड मंगवाया। इस दौरान जिला कलक्टर शिवप्रसाद मदन नकाते ने संपर्क पोर्टल पर दर्ज होने वाले प्रकरणों के निस्तारण एवं मॉनिटरिंग की जानकारी देते हुए कहा कि इसकी नियमित रूप से समीक्षा करने के साथ प्रार्थी को यथासंभव राहत पहुंचाने का प्रयास किया जाता है। बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक डा.गगनदीप सिंगला, अतिरिक्त जिला कलक्टर ओ.पी.बिश्नोई, उप महानिरीक्षक पंजीयन जीतेन्द्रसिंह नरूका, जिला रसद अधिकारी अशोक सांगवा समेत विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
चिह्नित 78 प्रकरण सत्यापित करने के निर्देश : संसदीय सचिव चौधरी ने अपने स्तर पर चिह्नित किए गए 78 प्रकरणों की सूची जिला कलक्टर को सौंपकर दोबारा सत्यापित करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इन प्रकरणों के निस्तारण में कुछ छोटी-मोटी कमियां हैं जिससे प्रार्थी पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। इनमें कार्रवाई कर आगामी बैठक में रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
विभिन्न प्रकरणांे मंे परिवादियांे से की बातचीत: संसदीय सचिव चौधरी ने अभे का पार ग्राम पंचायत मंे आवास स्वीकृति के एवज में रूपए मांगने, चार माह से शक्कर नहीं मिलने, बागावास निवासी अणछी को भुगतान नहीं मिलने,जालीपा मेडिकल कालेज के पास रास्ता खुलवाने, सेड़वा के मोहनलाल की ओर से दर्ज करवाए परिवाद समेत विभिन्न मामलांे मंे संबंधित पक्ष से बातचीत की। इसमंे कई मामलांे मंे संबंधित पक्ष को राहत मिलने की बात सामने आई। वहीं अन्य मामलांे मंे संबंधित अधिकारियांे को प्रभावी कार्रवाई कर राहत पहुंचाने तथा वस्तुस्थिति से आगामी बैठक मंे अवगत कराने के निर्देश दिए गए।

गैर सरकारी संगठन एवं संस्थाओं के पंजीयन के लिए शुरू हुई ऑनलाईन व्यवस्था

गैर सरकारी संगठन एवं संस्थाओं के पंजीयन के लिए शुरू हुई ऑनलाईन व्यवस्था

संस्थाओं में पारदर्शिता एवं जवाबदेही होगी सुनिश्चित 


जयपुर। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे के नेतृत्व में सूचना प्रौद्योगिकी तकनीक के अधिक से अधिक प्रयोग को बढ़ावा देकर विभाग एवं संस्थाओं की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता एवं जवाबदेही स्थापित करना तथा आमजन को सहुलियत प्रदान करना हमारी प्राथमिकता है। इसी कड़ी में परोपकार एवं सामाजिक कार्यों के लिए गठित किए जाने वाले गैर सरकारी संगठनों, संस्थाओं या समितियों के पंजीयन के लिए ऑन लाईन सुविधा प्रारम्भ की गई है। अब ऎसी संस्थाओं के पंंजीयन के लिए आमजन को बार-बार पंजीयन कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पडेंगे। यह जानकारी सहकारिता मंत्री श्री अजय सिंह किलक ने गुरूवार को दी।

उन्होंने बताया कि राजस्थान संस्था रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1958 के तहत संस्था के ऑन लाईन पंजीयन के लिए कई विकल्प हैं। आवेदक चाहे तो स्वयं इंटरनेट के माध्यम से एसएसओ आईडी बनाकर प्रस्तावित संस्था के लिए ऑनलाईन पंजीयन कर सकता है। यदि आवेदक के पास यह सुविधा नहीं है तो वह ई-मित्र कियोस्क पर जाकर ऑन लाईन आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर सकता है।

 किलक ने बताया कि यह सुविधा सिंगल विण्डो क्लियरेंस सिस्टम के तहत www.swcs.rajasthan.gov.in होम पेज पर सहकारिता विभाग के अन्तर्गत उपलब्ध कराई गई है। ऑनलाईन पंजीयन के संबंध में दिशा निर्देश तथा लिंक सहकारिता विभाग की वेबसाईट www.rajcooperatives.nic.in  पर भी उपलब्ध कराए गए हैं।


सहकारिता मंत्री ने बताया कि गैर सरकारी संगठन, संस्थाओं में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए संस्था के पंजीयन हेतु सभी आवेदक सदस्यों एवं कार्यकारिणी के सदस्यों के आधार कार्ड नम्बर अथवा भामाशाह कार्ड नम्बर को अनिवार्य किया गया है। इस प्रक्रिया के दौरान संस्था को बी.आर.एन. (बिजनेस रजिस्ट्रेशन नम्बर) भी दिया जाएगा।

प्रमुख शासन सचिव, सहकारिता अभय कुमार ने बताया कि वेबसाईट पर आवेदकों की सुविधा के लिए प्रस्तावित संस्था के ‘‘उद्देश्य’’ एवं ‘‘नियम और विनियम’’ के प्रारूप उपलब्ध कराए गए हैं, जिन्हें डाउनलोड किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इनमें आवेदक राजस्थान संस्था रजिस्ट्रकरण अधिनियम, 1958 में वर्णित उद्देश्यों एवं प्रावधानों के अध्यधीन संशोधन कर सकता है। कुमार ने बताया कि पंजीयन योग्य आवेदन प्राप्त होने पर आवेदक को शुल्क जमा कराने की सूचना ऑनलाईन दी जाएगी। आवेदक द्वारा पंजीयन शुल्क जमा कराने पर 30 दिवस में डिजीटल हस्ताक्षर से पंजीयन प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि ऑनलाईन पंजीकरण हो जाने पर आवेदक संबंधित रजिस्ट्रार (संस्था) के डिजीटल हस्ताक्षरयुक्त कार्यकारिणी की सूची, सदस्यों की सूची, नियमों-विनियमों एवं पंजीयन प्रमाण पत्र की प्रति ऑनलाईन जारी की जाएगी, जिन पर क्यू आर कोड भी अंकित होगा।

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