Saturday, 13 January 2018

ग्राम पंचायत भवन तामलियार का हुआ लोकार्पण

ग्राम पंचायत भवन तामलियार का हुआ लोकार्पण




बाड़मेर। बाड़मेर के ग्राम पंचायत तामलियार पंचायत समिति रामसर में नवनिर्मित ग्राम पंचायत  भवन का लोकार्पण शिव विधायक मानवेन्द्र सिंह के हाथों किया गया।
ग्राम पंचायत के नव निर्मित भवन में अटल सेवा केंद्र एवं कई प्रकार की सरकारी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएगी। इस मौके पर सफी खान सम्मा, प्रधान श्रीमती मेंहरा समेजा समाज सेवी उदाराम मेघवाल, सरपंच दिवाली देवी, पूर्व जिला परिषद सदस्य मौलाना उमर एवं ग्राम वासी तामलियार सहित आस पास के सेकड़ो ग्रामीण उपस्तिथ रहे।

भ्रामक प्रचार के लिए गहलोत आमजनता से माफी मांगे-परनामी

भ्रामक प्रचार के लिए गहलोत आमजनता से माफी मांगे- परनामी
16 जनवरी को होने वाला आयोजन रचेगा नया इतिहास
प्रदेश के युवाआंे के लिए खुलेंगे रोजगार के नये रास्ते




बाड़मेर 13 जनवरी। रिफायनरी का सपना प्रदेष की मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने 2005 में देखा था जो अब साकार रूप ले रहा है। ये बात भाजपा के प्रदेषाध्यक्ष अषोक परनामी ने जिला स्तरीय मण्डल प्रभारी एवं मण्डल अध्यक्ष की बैठक के दौरान कही। उन्होने कहा कि अषोक गहलोत रिफायनरी को लेकर बयानबाजी कर रहे है मगर सच तो ये है कि कांग्रेस ने वोट की राजनिति के लिए आनन-फानन में जो षिलान्यास किया था वो जनता के लिए कितना मंहगा साबित होता इसका अन्दाजा आप लगा सकते है। उन्होने कहा कि गहलोत सरकार 56 हजार करोड बिना ब्याज दे रही थी जो आमजनता के साथ धोखा था जबकि वर्तमान सरकार केवल 16 हजार करोड बिना ब्याज देगा। इससे आमजनता का 40 हजार करोड रूपये का फायदा होगा। पूर्व मुख्यमंत्री अषोक गहलोत को इसके लिए आमजन से माफी मांगनी चाहिए। परनामी ने कहा कि आगामी 16 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी की सभा ऐतिहासिक बनाने के लिए सभी भाजपा कार्यकर्ताओं का जन सहयोग आवष्यक है। उन्होने कहा कि बाड़मेर 16 जनवरी का दिन राजस्थान के इतिहास में दर्ज होगा जब बाड़मेर में अपार जनसमुह अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर विकास की नई गाथा लिखेंगे। भाजपा जिला प्रवक्ता तनेराजसिंह गहलोत ने बताया कि  बैठक में राज्यमंत्री अमरामराम चौधरी,संसदीय सचिव लाधुराम विष्नोई,प्रदेष महामंत्री अभिशेक मटोरिया,जिला संगठन प्रभारी महेन्द्रसिंह राठौड़, राज्य मंत्री अषरफ अली खिलजी,प्रदेष मंत्री कैलाष मेघवाल,प्रदेष मंत्री के के विष्नोई,सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी,जिलाध्यक्ष डॉ जालमसिंह रावलोत,युआईटी चेयरमेन डॉ प्रियंका चौधरी,षिव विधायक मानवेन्द्रसिंह,बायतु विधायक कैलाष चौधरी,सिवाणा विधायक हमीरसिंह भायल,चौहटन विधायक तरूणराय कागा,प्रदेष कार्यकारणी सदस्य जितेन्द्रसिंह सेतराऊ,पूर्व विधायक कानसिंह कोटडी के अतिथ्य में सम्पन्न हुई। बैठक प्रारम्भ होने से पहले पण्डित दिनदयाल उपाध्याय के तस्वीर पर माल्यापर्ण किया गया। बैठक में स्वागत भाशण डॉ जालमसिंह रावलोत ने स्वागत भाशण दिया। आगामी 16 जनवरी को आयोजित होेने वाली प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी की सभा के कार्यक्रम की रूप रेखा प्रदेष महामंत्री अभिशेक मटोलिया ने रखी। बैठक के अन्त में सगठन प्रभारी  प्रोफेसर महेन्द्रसिंह राठौड़ ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यकर्ताओं को अधिक से अधिक जन भागीदार दर्ज करवाने का अवाहान किया।

ये रहे उपस्थित

बैठक में जिला महामंत्री बालाराम मूंढ,कैलाष कोटडिया,दषरथ मेघवाल,महावीरसिंह चुली,तनेराजसिंह गहलोत,एडवोकेट रूपसिंह राठौड़,एडवोकेट अमृत जैन,मोहनलाल कुर्डिया,पूर्व नगर परिशद् सभापति बलराम प्रजापत,आदुराम मेघवाल,कोर कमेटी के सदस्य पुराराम मेघवाल,हरीसिंह सोढा,मोहनदान देथा,सवाई कुमावत,मुंषीराज मेघवाल, गोविन्द मेघवाल,प्रधान कुम्भाराम संेवर,वीरसिंह भाटी,प्रागसिंह रामसर, जिला उपाध्यक्ष खुमाणसिंह,नाथुसिंह,राजाराम भादू,राणा कुलदीपसिंह सहित भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजुद थे।

Friday, 12 January 2018

रिफाइनरी से विपुल मात्रा मंे सृजित होंगे रोजगार के अवसरः कुणाल -राज्य सरकार की मंषा स्थानीय युवाआंे को मिले अधिकाधिक रोजगार

रिफाइनरी से विपुल मात्रा मंे सृजित होंगे रोजगार के अवसरः कुणाल
-राज्य सरकार की मंषा स्थानीय युवाआंे को मिले अधिकाधिक रोजगार



बाड़मेर/ हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेषन लिमिटेड की ओर से बाड़मेर मंे 9 मीलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता की रिफाइनरी स्थापित की जा रही है। इसकी स्थापना से विभिन्न आर्थिक क्षेत्रांे मंे कुषल मानव संसाधन के लिए विपुल मात्रा मंे रोजगार के अवसर सृजित होंगे। कौषल विकास आयुक्त एवं आरएसएलडीसी प्रबंध निदेषक कृष्ण कुणाल ने शुक्रवार को बाड़मेर जिला मुख्यालय पर अधिकारियांे की बैठक के दौरान कौषल विकास संबंधित गतिविधियांे की समीक्षा करते हुए यह बात कही।
आयुक्त कृष्ण कुणाल ने कहा कि रिफाइनरी परियोजना के दो चरण होंगे। प्रथम चरण मंे रिफाइनरी के निर्माण से संबंधित कार्य होगा, जो करीब 3-4 वर्ष मंे पूरा होगा। इसके लिए करीब एक लाख से अधिक मानव संसाधन मैसन, प्लम्बर, स्टोन मैसन, कारपेंटर, पेंटर, वेल्डर, गैस कटर, बार बैंडर, ग्राइंडर, फीटर, ड्राइवर कम मैकेनिक, सुपरवाइजर, इलेक्ट्रिषियन, इलेक्ट्रोनिक मैकेनिक, सुपरवाइजर,इंजीनियर्स की जरूरत होगी। इनमंे से अधिकतर टेªडस मंे प्रषिक्षण कार्यक्रम राजकीय एवं निजी औद्योगिक प्रषिक्षण संस्थानांे मंे संचालित है। उन्हांेने बताया कि शेष टेªडस मंे एचपीसीएल से आवष्यकता मांगी गई है ताकि उन टेªडस को भी औद्योगिक प्रषिक्षण संस्थानांे मंे प्रारंभ किया जा सके। उनके मुताबिक द्वितीय चरण मंे उत्पादन संबंधित कार्य होगा, जो लगातार चलेगा। इस चरण मंे उत्पादन तकनीकी एवं रिफाइनरी की मैटीनंेस से संबंधित कार्याें के लिए मानव संसाधन की आवष्यकता रहेगी। उन्हांेने कहा कि राज्य सरकार की मंषा है कि दोनांे चरणांे मंे स्थानीय युवाआंे को अधिकाधिक संख्या मंे रोजगार के अवसर प्राप्त हो सके। रिफाइनरी की मंषा, संचालन एवं रखरखाव के दौरान रिफाइनरी के अतिरिक्त आसपास के क्षेत्रांे मंे रिफाइनरी के बाय प्रोजेक्ट से संबंधित कारखाने, हास्पिटैलिटी, हैल्थ केयर, आटो मोबाइल, ड्राइवर कम मैकनिक, लेखा एवं आडिट, सेवा क्षेत्र के लिए भी विपुल मात्रा मंे रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। उन्हांेने कहा कि इस समग्र मानव संसाधन की आवष्यकताआंे के मददेनजर रखते हुए उचित पाठयक्रमांे मंे प्रदेष के युवाआंे को प्रषिक्षित कराए जाने की दिषा मंे कौषल, नियोजन एवं उद्यमिकता विभाग की ओर से प्रयास किए जा रहे है। इसके लिए राजस्थान कौषल एवं आजीविका विकास निगम की ओर से प्रषिक्षण प्रदाताआंे के माध्यम से जोधपुर जिले मंे 9 तथा बाड़मेर जिले मंे 5 कौषल विकास केन्द्रांे का संचालन किया जा रहा है। इसमंे 27 विभिन्न प्रकार के पाठयक्रमांे के अन्तर्गत 750 प्रषिक्षणार्थी प्रषिक्षण प्राप्त कर रहे है। आवष्यकतानुसार अधिक कौषल विकास केन्द्रांे की स्थापना कराई जाकर युवाआंे को प्रषिक्षण प्रदान कराया जाएगा।
आयुक्त कुणाल ने कहा कि एचपीसीएल की ओर से विषेषज्ञ प्रकृति के मानव संसाधनांे की आवष्यकता के अनुरूप स्वयं के स्तर पर पेट्रोलियम इंस्टीटयूट प्रदेष मंे स्थापित कर मानव संसाधन तैयार किया जाना प्रस्तावित है। बैठक मंे जिला कलक्टर षिवप्रसाद मदन नकाते ने जिले मंे चल रहे प्रषिक्षण कार्यक्रमांे के बारे मंे जानकारी दी। इस दौरान एचपीसीएल, आईटीआई समेत विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

बिल न चुकाने पर मरीज को अस्पताल में रोककर रखना गैरकानूनी: हाईकोर्ट

बिल न चुकाने पर मरीज को अस्पताल में रोककर रखना गैरकानूनी: हाईकोर्ट

मुंबई। बंबई उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि बिलों का भुगतान नहीं होने पर किसी मरीज को अस्पताल में रोककर रखना गैरकानूनी है और सभी को इस बात की जानकारी होनी चाहिए। न्यायमूर्ति एस सी धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति भारती डोगरा की पीठ ने महाराष्ट्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग को रोगियों के कानूनी अधिकारों और दोषी अस्पतालों के खिलाफ लागू होने वाले दंडनीय प्रावधानों की जानकारी अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करने का निर्देश दिया।
व्यक्तिगत आजादी का हरण कर रहे हैं ऐसा अस्पताल
पीठ ने कहा, कोई अस्पताल किसी व्यक्ति को केवल इस आधार पर कैसे रोककर रख सकता है कि बिल का भुगतान नहीं हुआ, जबकि उसे सेहतमंद घोषित किया गया है। इस तरह का अस्पताल किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत आजादी का हरण कर रहा है। पीठ ने कहा, जनता के प्रत्येक सदस्य को पता होना चाहिए कि अस्पताल की ओर से इस तरह की कार्रवाई गैरकानूनी है।
आदेश जारी करना सरकार का काम
अदालत ने अस्पतालों के खिलाफ कोई विशेष नियामक आदेश जारी करने से इनकार करते हुए कहा कि यह सरकार का काम है। अदालत ने कहा, हम इन मुद्दों पर नियम जारी करके न्यायिक अधिकारों से परे नहीं जा सकते। हालांकि हम स्पष्ट कर दें कि हम इस तरह के मुद्दे को लेकर सहानुभूति रखते हैं।
सरकार दे संरक्षण
उन्होंने कहा कि सरकार को इस तरह के रोगियों और उनके परिवारों को संरक्षण प्रदान करने की प्रणाली बनानी चाहिए। पीठ ने कहा कि अस्पताल अपने बकाया बिल वसूलने के लिए हमेशा कानूनी तरीके अपना सकते हैं।
उच्च न्यायालय एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें दो मामलों का जिक्र किया गया जिनमें निजी अस्पतालों में रोगियों को कथित तौर पर बिलों पर विवाद के चलते रोककर रखा गया।

जिला प्रमुख प्रियंका मेघवाल ने जारी किया प्रेस नोट रिफाइनरी को लेकर ’’जनता मांगे जवाब’’

जिला प्रमुख प्रियंका मेघवाल ने जारी किया प्रेस नोट रिफाइनरी को लेकर ’’जनता मांगे जवाब’’


बाडमेर। बाडमेर जिला प्रमुख श्रीमती प्रियंका मेघवाल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि बाड़मेर में चार वर्ष पूर्व स्वीकृत व सितम्बर 2013 को समस्त औपचारिकताओं के बाद शिलान्यास की गई रिफायनरी कार्य को अब पुनः 16 जनवरी, 2018 को लगभग उन्हीं करारों व शर्तों के साथ शिलान्यास करवाया जा रहा हैं। बाड़मेर की आम जनता इस सशयं एवं शंका में हैं, कि उक्त कार्य को चार वर्ष तक रोकने का क्या उचित कारण? आमजन यह जानने को इच्छुक हैं कि ’प्रदेश की मुख्यमंत्री माननीया वसुन्धरा राजे ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा एचपीसीएल से रिफायनरी हेतु किये गये करार पर सवालिया निशान लगाते हुये कहा था कि ’’तेल हमारा, जमीन हमारी, तेल हमारा फिर हमारी भागीदारी मात्र 26 प्रतिशत क्यों?’’ तो हम भी और आम जनता भी आपसे यह पूछना चाह रही हैं कि तेल भी हमारा हैं, पानी भी हमारा हैं, जमीन भी हमारी हैं, फिर अभी भी उक्त करार में 26 प्रतिशत ही भागीदारी क्यों? तकरीबन वर्तमान सरकार के चार वर्ष पूर्ण हो चुके हैं, एक प्रतिशत भी हिस्सेदारी नहीं बढाई गई क्यों। पूर्ववर्ती सरकार द्वारा नमक उत्पादक स्थानीय खारवाल समाज से वादा किया था कि रिफायनरी प्रभावित लोगांे को उचित मुआवजा/अनुदान व खाने अन्यत्र शिफ्ट कर संतुष्ट किया जायेगा। अब उनके हितों पर कुठाराघात क्यों? चार वर्ष तक युवाओं को भटकाया व रोजगार से वंचित किया गया क्यों? राजस्थान को तकरीबन प्रतिवर्ष 10 से 15 करोड़ हजार करोड़ रूपये की आमदनी होनी थी, चार वर्षों में हजारों करोड़ रूपयों का नुकसान क्यों? इस सम्बन्ध में माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र जी मोदी व वसुन्धरा राजे सिन्ध्यिा प्रदेश व खास कर इस जिले के वाछिन्दों को आखिर क्यों गुमराह किया गया व किया जा रहा हैं, प्रदेश व इस खास कर इस जिले की ’’जनता मांगे जवाब’’ आपसे उचित जवाब मांग रही हैं।

आखिर बायतू विधायक से युवा क्यों हैं नाराज

आखिर बायतू विधायक से युवा क्यों नाराज हैं
बार-बार सभाओं में क्यों लग रहे हैं हनुमान बेनीवाल के नारे



बाड़मेर। बाड़मेर जिले की राजनीतिक परिदृश्य में इन दिनों सर्दी के मौसम में भी काफी गर्माहट चल रही हैं। बाड़मेर में युवाओं के लोकप्रिय विधायकों में से एक कैलाश चौधरी इन दिनों युवाओं के ही निशाने पर हैं, विधायक का युवा पुरजोर विरोध करते नजर आ रहे हैं। युवाओं की विधायक के प्रति नाराजगी का पता न तो विधायक को हैं न ही विधानसभा क्षेत्र के मौजीज लोगों को ऐसे में युवाओं को रोकना उनके लिए भी भारी पड़ रहा हैं। राजनीतिक सूत्र बताते हैं कि बायतू विधायक द्वारा एक मीडिया इन्टरव्यू में हनुमान बेनीवाल के संदर्भ में दिये गये बयान के बाद से हनुमान बेनीवाल समर्थक युवा विधायक के उस बयान से काफी नाराज दिखते हैं जिनमें विधायक चौधरी ने कहा था कि कौन हनुमान! यह वीडियों क्लीप पिछले दिनों बाड़मेर में किसान हुंकार रैली से पहले भी सोश्यल मीडिया पर वायरल हो रहा था, वहीं दूसरी और बेरोजगार युवाओं के प्रति विधायक की बैरूखी भी नाराजगी का कारण बन रही हैं।

विधायक के राम-राम करना भी पसंद नही करते लोग?

विधायक कैलाश चौधरी का एक और वीडियो क्लीप सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा हैं जिसमें विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र में  सामाजिक कार्यक्रम में किसी व्यक्ति से नमस्कार-राम-राम करने का प्रयास करते हैं लेकिन वो व्यक्ति मुंह मोड़ लेते हैं जिसमें भी विधायक कहते दिखते हैं कि उनकी बेईज्जती की जा रही हैं।

विधायक की बैठकों में लग रहे हैं हनुमान बेनीवाल के नारे

विधायक  कैलाश चौधरी अपने क्षेत्र के दौरे पर हो या जिले से बाहर कोई कार्यक्रम कर रहे हो उसमे कुछ युवा पहले से ही तैयार रहते हैं वो हनुमान बेनीवाल जिंदाबाद के नारे लगा कर विधायक के प्रति नाराजगी जाहिर करते दिख रहे हैं। गत दिनों गिड़ा क्षेत्र में एक सभा का आयोजन चल रहा था वहां पर युवकों ने विधायक को काले झंडे दिखाते हुए नारेबाजी शुरु कर दी।

अब नागौर में लगे नारे

शुक्रवार को बायतू विधायक कैलाश चौधरी नागौर जिले के डीडवाना क्षेत्र में एक कार्यक्रम में बायतू विधायक कैलाश चौधरी का संबोधन चल रहा था उसमें पिछे से युवाओं ने हनुमान बेनीवाल जिंदाबाद के नारे लगाने शुरु कर दिये। ऐसे में एक सवाल उठता है कि आखिर युवाओं में लोकप्रिय दो विधायकों के समर्थक का आपस में इस तरह का टकराव स्वच्छ राजनीति के लिए कतई जायज नही दिख रहा हैं।

20 सालों से सडक़ों पर घूमने पर मजबूर मानसिक रोगी खोखसर के अचलाराम की आर्थिक स्थिति खराब कौन करवाये ईलाज

20 सालों से सडक़ों पर घूमने पर मजबूर मानसिक रोगी
खोखसर के अचलाराम की आर्थिक स्थिति खराब कौन करवाये ईलाज

गिडा। क्षेत्र के खोखसर गांव में पिछले 20 सालों से एक मानसिक रोगी ईलाज के अभाव में सडक़ों पर घूम रहा हैं। परिवार की माली हालात ठीक नही होने से ईजाल करवाने की स्थिति में नही हैं, जिसके चलते 40 वर्षीय अचलाराम गांव की गलियों में घूम कर अपने दिन काट रहा हैं। जानकारी के अनुसार खोखसर की बागथल गांव  के अचलाराम कड़वासरा की मानसिक स्थिति ठीक नही होने से दिमाग अपसेट रहता हैं जिससे वो दिन भर इधर-उधर घूमता रहा हैं, गरीब परिवार से अचलाराम के पिता का 10 साल पहले निधन हो गया था, अब अचलाराम के छोटे भाई टिकमाराम के कंधो पर परिवार का भार हैं, वह जैसे-तैसे मजदूरी करके परिवार और भाई का पेट पाल पहा हैं। टिकमाराम बीपीएल चयनित हैं, लेकिन उसके पास इतना पैसा नही हैं कि वह मानसिक रोगी अपने बड़े भाई का ईजाल करवा कर मुख्यधारा मे ला सके। 

भामाशाहों के सहयोग से ठीक हो गया था रईसखान

कंकोलगढ़ क्षेत्र के रईस खा की मानसिक स्थिति ठीक नही होने से भामाशाहों और संस्थाओं के सहयोग से ईलाज  करवाया गया वो अब सही तरीके से जीवन यापन कर रहा हैं। उसी तरह से अब अचलाराम के ईलाज के लिए भामाशाह आगे आए तो ईलाज हो सकता हैं तथा अपनी मुख्यधारा की जिंदगी जी सकता हैं।

नही मिल रही हैं पैंशन

पीडि़त के भाई टिकमाराम ने बताया कि सरकार की ओर से अचलाराम को मानसिक रोगी का प्रमाण पत्र जारी कर रखा हैं, लेकिन इसे न तो पैंशन मिल रही है, न ही कोई अन्य सहायता प्राप्त हो रही हैं। सरकारी स्तर पर मदद नही मिलने से इसका ईलाज करवाना हमारे लिए संभव नही हैं। ग्रामीण दिनेखां खोखसर ने बताया कि अचलाराम को 10 वर्षों तक घर में बांधे रखा बाद में खुला छोड़ा अब खोखसर गांव में दुकानों पर घूमता हैं तथा बिस्कुट, नमीकन खाकर दिन निकाल रहा हैं। 

इनका कहना हैं

1996 में मेरे साथ तीन साल तक असलाराम ने गुजरात मे लैबर के रूप मे काम किया था तब कोई दिक्कत नही थी हिन्दी में बाते करता था, उसके बाद से अचानक से मानसिक रोग से पीडि़त हो गया।
मोटाराम हुडा, खोखसर पश्चिम ग्रामीण

divya panchayat daily