Wednesday, 9 August 2017

‘‘शहीदों के सम्मान में तेजा भक्त मैदान में‘ टीम पहुंची शहीदों के घर


 शहर गांव में शहीद प्रेमसिंह के परिजनों से जुटाई जानकारी

वीर तेजा विशेषांक में प्रकाशित होगी वीर गाथाएं

गिडा। शहीदों की वीर गाथाओं को संकलित करने को लेकर वीर तेजाजी भक्तों की टीम बुधवार को बाडमेर पहुंची तथा जिले के बायतू क्षेत्र में शहीदों के परिजनों से मुलाकात कर जानकारियां जुटाई। शहीदों की वीर गाथाओं को का प्रकाशन ‘‘वीर तेजा विशेषांक‘‘ में प्रकाशित किया जाएगा। ‘‘शहीदों के सम्मान में वीर तेजाजी भक्त मैदान‘‘ में टैग लाईन के साथ वीर तेजा भक्तों ने 20 जुलाई से अभियान शुरू कियां जहां से सीकर, झूंझूनू, चुरू, बीकानेर, नागैर, जोधपुर होते हुए बाडमेर पहुंची। टीम के बाडमेर पहुंचने पर टीम का जोरदार स्वगत किया गया। मिशन के संयोजक विश्वेन्द्रसिंह चैधरी के नेतृत्व में युवाओं की टोली बुधवार को बायतू क्षेत्र के शहर गांव में  शहीद प्रेमसिंह सारण, उंडू में शहीद खेताराम व राजमथाई गांव में शहीद नरपतसिंह के परिजनों से मिले तथा शहीदों से संबधित वीर गाथाओं को संकलित किया। बंशीलाल जांगू ने बताया कि तेजा भक्त करनाराम मांजू, नेमाराम गोदारा, दौलतराम डेलू, ओम काकड, अन्नराज गोदारा सहित कई जने उपस्थित रहे।


वीर तेजा विशेषांक में प्रकाशित होगी वीर गाथाएं

राजस्थान के वीर शहीदों की गाथाओं का संकलन कर वीर तेजा विशेषांक में प्रकाशित किया जाएगा। पुस्तक के संयोजक विश्वेन्द्र सिंह चैधरी ने बताया कि पुस्तक का प्रकाशन 31 अगस्त तक प्रकाशित किया जाएगा। तथा पुस्तक के माध्यम से शहीदों की वीर गाथाओं को घर-घर तक पहंुचाया जाएगा।


तीन दिन तक रहेगी बाडमेर में टीम

वीर तेजा भक्तों की टीम तीन दिन तक बाडमेर जिले में रहेगी, इस दौरान जिले से शहीद हुए वीरों के घर-घर तक जाएगी। तथा वहीं से वीर गाथाओं का संकलन किया जाएगा। इस दौरान शहीदों से संबंधित जानकारियों साथ-साथ परिजनों की वर्तमान स्थ्तिि के बारे में जानकारी जुटाई जा रही हैं।
फोटोः-
गिडा। शहर गांव में शहीद प्रेमसिंह सारण के घर तेजा भक्तों की टीम।
गिडा। शहीद के परिजनों से जानकारी जुटाते हुए तेजा भक्त।


Monday, 31 July 2017

 जालोर: बैरक में रखने के बजाय बाहर खुले में छोड़ा, रात को कोतवाली में मोबाइल पर बातें और व्हाट्सअप पर चैट करता रहा आयुक्त

राज्य स्तरीय समाचार पत्र की टीम  रात 10 बजे कोतवाली पहुंची तो बरमूड़ा-टी शर्ट में घूमता कैमरे में हुआ कैद

 जालोर/ रिश्वतके आरोप में रविवार सुबह ट्रेप हुए नगर परिषद आयुक्त त्रिकमदान चारण की पुलिस कोतवाली ने रात भर पूरी खातिरदारी की। जिस आयुक्त को एसीबी ने रविवार शाम को कोतवाली थाने के बैरक में एक बंदी की तरह डालकर कोतवाली को सुपुर्द किया था, उसे कोतवाली स्टाफ ने एसीबी के जाते ही बैरक से बाहर निकालकर ना केवल कपड़े, पंखा, घर का बिस्तर उपलब्ध करवाया बल्कि मोबाइल तक थमा दिया। जिस पर शाम 7.38 बजे तक ना केवल वह व्हाट्स पर चैट करता रहा, बल्कि 10 बजे तक कोतवाली परिसर में घूमकर फोन पर बातचीत करता रहा। इधर, सूचना पर  टीम वहां पहुंची तो आयुक्त कोतवाली परिसर में बरमुड़ा-टीशर्ट में मोबाइल पर बात करते हुए घूम रहा था। जब फोटो लेने लगे तो दौड़ता हुआ कोतवाली के अंदर भाग गया।

कॉलडिटेल निकालने पर खुल सकते हैं और राज :

 आयुक्तत्रिकमदान चारण ने पुलिस कोतवाली में होने के बावजूद रात करीब साढ़े 10 बजे तक मोबाइल पर बातचीत की। ऐसे में एसीबी यदि उसकी कॉल डिटेल निकाल कर देखे तो इस मामले में और भी राज खुल सकते हैं कि इस दौरान उसने किस-किस से बात कर एसीबी की जांच को प्रभावित करने की कोशिश की। शेष|पेज15

आयुक्त को किया निलंबित 

रिश्वत के आरोप में धरे गए आयुक्त को स्वायत्त शासन विभाग जयपुर के निदेशक एवं संयुक्त सचिव ने निलंबित कर दिया है। इधर, सोमवार को पाली एसीबी कोर्ट में पेश करने पर उसकी जमानत हो गई है। निलंबन के दौरान मुख्यालय जयपुर होगा।

10.30 बजे तक कोतवाली में घूम रहा था आयुक्त 

राज्य स्तरीय समाचार पत्र की टीम को सूचना मिली कि आयुक्त पुलिस कोतवाली थाना परिसर में मोबाइल पर बात करते हुए घूम रहा है। इस पर जब टीम वहां पहुंची तो आयुक्त वहां घूम रहा था। इसके अलावा अंदर उसके लिए पंखा तथा घर से बिस्तर लाए हुए रखे थे। इधर, जब आयुक्त के फोटो लिए गए तो वहां मौजूद पुलिसकर्मी चंद्रचूड़़ तथा एक अन्य पुलिसकर्मी ने बदतमीजी की बल्कि मोबाइल भी छीनकर फोटो डिलीट करने का कहने लगे।

इनका कहना है... 

प्रदेश के राज्य स्तरीय समाचार पत्र के अनुसार सोमवार सवेरे इस तरह की शिकायतें मिली थी कि कोतवाली ने आयुक्त को वीआईपी सुविधा उपलब्ध करवाई। रिश्वत में ट्रेप होने के बाद वह एक आरोपी था। जिसे एक बंदी की तरह हमने अंडरगारमेंट में बैरक में डालकर कोतवाली को सुपुर्द किया था। उस बैरक के बाहर उसकी निगरानी के लिए एक संतरी भी लगाया जाता है, लेकिन यदि उसे बाहर रखा गया और मोबाइल आदि की सुविधा दी गई तो कानूनन गलत है।

- अन्नराज राजपुरोहित, पुलिस उप अधीक्षक, एसीबी चौकी, जालोर 

यदि ऐसा है तो पता करवाता हूं 


मुझे इस तरह की जानकारी नहीं है। पता करवाता हूं। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी।

- विकास शर्मा, पुलिस अधीक्षक, जालोर 

साभार दैनिक भास्कर

  • सीएम की सादगी, धरे रह गये जालोर प्रशासन के तामझाम
  • जनता की दुःख दर्द सुनने आई सीएम राजे के स्वागत में प्रशासन ने बिछाया रेड कॉर्पोरेट

मुख्यमं़त्री वसुंधरा राजे सोमवार को बाढप्रभावित ईलाकों का दौरा करने के लिए जालौर पहुंची, सीएम के स्वागत के लिए हेलीपेड पर जालोर जिला प्रशासन द्वारा स्वागत के लिए रेड कॉर्पोरेट सहित कई तरह के तामझाम किये गये, यहां तक कि सलामी के लिए पुलिस टुकडी भी खडी कर दी, जैसे सीएम साहिबा जैसे कोई जश्न के कार्यक्रम में शामिल होने आ रही थी, लेकिन इसके उलट प्रदेष की मुख्यमंत्री श्रीमती वसंधरारो सिंधिया को प्रशासन के तामझाम पंसद नही आए उन्होने हेलीकॉप्टर में ही बैठे-बैठे इन्हे देख कर अधिकारियों को लताडते हुए स्वागत के लिए बिछे रेड कॉर्पोरेट को हटाने को कहा, सीएम की नजरियें को भांप कर सलामी के लिए तैयार टुकडी को साईड में कर दिया साथ ही बिछा रेड कॉर्पोरेट भी हटा दिया गया। सीएम बाढ प्रभावितों का दुःख दर्द सुनने के लिए आई थी, सीएम की इस सादगी की प्रशसंा हो रही हैं।

बंशीलाल चौधरी
सम्पादक 
दिव्य पंचायत हिन्दी साप्ताहिक
9166522591


  • चिकित्साकर्मियों के अवकाश निरस्त 
  •  जयपुर, । प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में अतिवृष्टि को दृष्टिगत रखते हुए चिकित्सकों एवं चिकित्साकर्मियों के अवकाश निरस्त कर दिये गये हैं। सभी चिकित्साकर्मियों को मौसमी बीमारियों के संबंध में विशेष सर्तकता बरतने के निर्देश दिये गये हैं। 
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ ने बताया कि इस मौसम में मौसमी बीमारियों की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए चिकित्साधिकारियों एवं चिकित्साकर्मियों को विशेष सर्तकता बरतने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि सभी राजकीय चिकित्सा संस्थानों में मौसमी बीमारियों से संबंधित दवाइयों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिये गये


  • बाढ़ पीड़ितों के आंसू मेरे आंसू-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया

बाढ़ से नुकसान रोकने के लिए सरकार करेगी स्थाई समाधान



जालोर। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा है कि प्रदेश के बाढ़ संभावित इलाकों को नुकसान से बचाने के लिए स्थाई समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऎसे कई जिले हैं जहां बार-बार बाढ़ के हालात उत्पन्न होते हैं और जन जीवन प्रभावित होता है। ऎसे सभी जिलों को बाढ़ से बचाने के लिए स्थाई हल निकाला जाएगा। मुख्यमंत्री सोमवार को जालोर और सिरोही में पत्रकारों को सम्बोधित कर रही थीं।  श्रीमती राजे ने कहा कि 24-25 जुलाई को बाढ़ की स्थिति बनते ही मैंने प्रभावित इलाकों में प्रभारी मंत्रियों और प्रभारी सचिवों को भेज दिया था, जो वहां लगातार पीड़ितों से मिल रहे हैं और राहत एवं बचाव कार्यों में मदद कर रहे हैं। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना, सीआरपीएफ एवं होमगार्ड पूरी मुस्तैदी से रात-दिन राहत एवं बचाव कार्य चला रहे हैं। जहां कहीं भी लोगों के पानी में फंसे होने और आवश्यक वस्तुओं की कमी की सूचना मिल रही है, राहत एवं बचाव दल पीड़ितों तक तत्काल पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब तक 11 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। वायु सेना के हेलिकॉप्टर के माध्यम से 42 लोगों की जानें बचाई गई हैं।

  • बाढ़ पीड़ितों के आंसू मेरे आंसू-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने जालोर एवं सिरोही में अधिकारियों की बैठक लेते हुए कहा कि बाढ़ पीड़ितों का दर्द मेरा दर्द है, उनके आंसू मेरे आंसू हैं। उन्हें अतिशीघ्र राहत पहुंचाना मेरी पहली प्राथमिकता है, इसमें किसी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

श्रीमती राजे ने कहा कि जब से प्रदेश के ये जिले भारी बारिश के कारण प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहे है तब से वे एक क्षण के लिए भी लोगों की तकलीफ से खुद को दूर नहीं कर पाईं हैं और राहत-बचाव कार्यों की पल-पल जानकारी ले रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 जुलाई को मैंने वीडियो कॉन्फ्रेंस से जिला कलक्टरों एवं अन्य अधिकारियों को पूरी सजगता एवं सक्रियता से आपात स्थितियों से निपटने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि गत शनिवार को भी वे बाढ़ प्रभावित लोगों की तकलीफ जानने निकली थी, लेकिन मौसम खराब होने के कारण हेलिकॉप्टर आगे नही जा सका और न चाहते हुए भी वापस लौटना पड़ा। 

श्रीमती राजे ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के हालात का हवाई सर्वेंक्षण करने के बाद कहा कि जयपुर में खराब मौसम होने के बावजूद आज फिर से वे बाढ़ पीड़ितों की तकलीफ जानने के लिए पहुंची है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा की इस घड़ी में पीड़ितो के साथ खड़ी है और उनकी हर संभव मदद की जा रही है। 

  • राशन का ऑफलाइन वितरण होगा


मुख्यमंत्री ने जालोर एवं सिरोही में बचाव एवं राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए बाढ़ पीड़ितों को तत्काल राहत देने के लिए पोस मशीनों के बजाय ऑफलाइन व्यवस्था से राशन सामग्री के वितरण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने नुकसान का आकलन करने के लिए विशेष गिरदावरी करवाकर शीघ्र रिपोर्ट भिजवाने के निर्देश दिए ताकि राष्ट्रीय आपदा राहत कोष से शीघ्र सहायता राशि प्राप्त की जा सके। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को एक्स-गे्रशिया अनुदान के रूप में 3800 रुपये की राशि ऑफलाइन वितरित करने को कहा।

  • फसल बीमा की अन्तिम तिथि बढ़ाने के लिए केन्द्र को पत्र


श्रीमती राजे ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए आवेदन करने की अन्तिम तिथि को 31 जुलाई से 1 माह और बढ़ाने के लिए राज्य सरकार केन्द्र को आग्रह करेगी। उन्होंने राहत शिविरों में रह रहे लोगों तथा विभिन्न स्थानों पर फंसे लोगों को भोजन तथा पानी का समुचित प्रबन्ध करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ग्रस्त गांवों में चिकित्सा दल भेजने तथा प्रभावितों को अविलम्ब आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने को कहा। 

  • जालोर-आहोर को जोड़ने वाली पुलिया का निरीक्षण किया


श्रीमती राजे ने जालोर को आहोर से जोड़ने वाली सड़क पर क्षतिग्रस्त साकरना पुलिया का निरीक्षण किया। उन्होंने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को इस पुलिया सहित क्षतिग्रस्त सड़कों एवं अन्य पुलियाओं की मरम्मत का काम और तेज करने के निर्देश दिए ताकि आवागमन शीघ्र सुचारू किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां-जहां भी बिजली, जल आपूर्ति, संचार की व्यवस्था प्रभावित हुई है, उन्हें तुरंत बहाल किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि बाढ़ की चपेट में आई गौशालाओं में गोवंश के इलाज के बेहतर इंतजाम किए जाए। जान-माल और पशुधन के नुकसान पर मुआवजा तत्काल वितरित कर पीड़ितों को राहत प्रदान की जाए। उन्होंने राहत एवं बचाव दलों और स्थानीय नागरिकों का आपदा पीड़ितों की मदद करने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने विभिन्न माध्यमों से आर्थिक मदद मुहैया करा रहे सामाजिक संगठनों एवं भामाशाहों का आभार व्यक्त किया।  

जालोर में हेलीपेड पर हुई राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा बैठक में सांसद देवजी पटेल, विधायक श्रीमती अमृता मेघवाल, जिला कलक्टर एलएन सोनी, पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा सहित जन प्रतिनिधि एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

सिरोही में समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री  राजेन्द्र राठौड़, गोपालन राज्यमंत्री ओटाराम देवासी, सांसद श्री देवजी पटेल, उपमुख्य सचेतक मदन राठौड़, विधायक ज्ञानचन्द पारख,  जगसीराम कोली,  समाराम गरासिया, जिला प्रमुख श्रीमती पायल परसरामपुरिया, जिला कलक्टर संदेश नायक, पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश सहित जनप्रतिनिधि एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

Saturday, 29 July 2017

बाडमेर-जैसलमेर सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी आज बालोतरा दौरे पर रहेंगे

लूणी नदी सहित जल भराव वाले क्षेत्रों का जायजा लेंगे

बालोतरा। बाडमेर-जैसलमेर सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी रविवार को अपने संसदीय क्षेत्र के बालोतरा के दौरो पर रहेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार सांसद चौधरी दोपहर बाद करीबन 2.30 पर बालोतरा पहुंचेगे यहां से प्रशासनिक  अधिकारियों के साथ लूणी नदी का जायजा लेंगे इसके अलावा क्षेत्र के जल भराव वाले ईलाकों को दौरा कर जन समस्याएं सुनेगे। सांसद पिछले दो दिनों से बाडमेर के बाढ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं। 

घूसखोर जालोर नगर परिषद आयुक्त को एसीबी ने पकडा

50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथो धरे गये त्रिकमदान चारण

एक ओर नगर निकाय अधिकारी भ्रष्टाचार की लाईन में



दिव्य पंचायत न्यूज नेटवर्क

जालोर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरों ने कार्रवाई करते हुए घूसखोर जालोर नगर परिषद के आयुक्त को रंगे हाथों गिरफ्तार किया हैं। एसीबी की ओर से प्राप्त जानकारी के अनुसार भ्रष्ट आयुक्त त्रिकमदान चारण मुख्यमंत्री षहरी जन कल्याा शिविर के पट्टा जारी करने की एवज में घूस मांग रहे थे, इसी सन्दर्भ में जालोर निवासी डायाराम माली ने एसीबी जालोर मे शिकायत दर्ज करवाई कि पट्टा बनाने की एवज में जालोतर नगर परिषद आयुक्त त्रिकमदान चारण द्वारा बडी रकम मांगी जा रही हैं। एसीबी ने परिवादी की शिकायत का सत्यापन किया जाने पर सही पाई गई, जिस पर रविवार को ट्रेप का आयोजन कर 50 हजार रूपये लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया हैं।

लोअर के दाहिने जेब में मिली घूस की राशि

जालोर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरों के पुलिस उपाधीक्षक अन्नराज सिह राजपुरोहित द्वारा आयोजित ट्रेप में आयुक्त चारण के लोअर के दाहिने जेब से 50 हजार रूपये की राशि बरामद की गई हैं। 

क्या हैं पूरा मामला


दिव्य पंचायत को मिली जानकारी के अनुसार परिवादी डायाराम वल्द लादूराम माली निवासी राजेन्द्र नगर जालोर ने एसीबी में परिवाद पेश किया कि उससे मुख्यमंत्री शहरी जन कल्याण शिविर मे खसरा संख्या 1919 जालोर का पट्टा जारी करने की एवज में नगर परिषद आयुक्त द्वारा रिश्वत मांगी जा रही हैं। जिस पर एसीबी ने 28 जुलाई को परिवाद के सत्यापन की जांच की गई तथा रविवार 30 जुललाई 2017 को ट्रेप का आयोजन कर आयुक्त को उनके सरकारी आवास से रंगे हाथों गिरफ्तार किया हैं।

मुख्यमंत्री की महत्ती योजना पर दाग

भ्रष्ट आयुक्त त्रिकमदान चारण ने प्रदेश की मुख्यमंत्री श्रीमती वसंुधराराजे सिंधिया की महत्वपूर्ण योजना मुख्यमंत्री शहरी जनकल्याण शिविर में आई पत्रावलियों पर घूस मांग कर दाग लगा दिया हैं। मुख्यमंत्री ने जनता को राहत देने के लिए शिविरों का आयोजन किया, लेकिन प्रदेश भर में नगर निकाय के अधिकारियों ने न जाने कितने वारे‘-न्यारे इन शिविरों की आड में किये।

पहले भी लग चुके हैं अनियमितताओं के आरोप

नगर परिषद आयुक्त चारण इससे पूर्व फलौदी नगर पालिका में ईओं के पद पर कार्यरत थे वहां पर भी इन पर अनियमिताओं के आरोप लगाये गये थे।

divya panchayat daily