Monday, 18 September 2017

कलक्टर ने पीएचईडी से मांगा लिखित जवाब

पेयजल व्यवस्था सुचारू नहीं होने पर कलक्टर ने पीएचईडी से मांगा लिखित जवाब



जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक में बिजली, सड़क, पेयजल, शिक्षा सहित अन्य सेवाओं की समीक्षा

जालोर। जिला कलक्टर एलएन सोनी ने कई गांवों में पेयजल व्यवस्था सुचारू नहीं होने को गंभीरता से लेते हुए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) से लिखित जवाब मांगा है। सोनी सोमवार को कलक्ट्रेट में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक में बिजली, पानी, स्वास्थ्य, सड़क सहित अन्य जरूरी सेवाओं की समीक्षा कर अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे।
बैठक में उप वन संरक्षक अनिता, अतिरिक्त जिला कलक्टर नरेश बुनकर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पीडी धानिया सहित विभागीय जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। 4 सितम्बर को हुई बैठक में जिले के 170 गांवों में जल प्रदाय की नियमित व्यवस्था नहीं होना सामने आया था। दो सप्ताह बीतने के बाद भी इनमें पेयजल व्यवस्था सुचारू नहीं होने को कलक्टर ने गंभीरता से लेते हुए विभाग से लिखित में जवाब मांगा है। विभाग को कारणों एवं भावी रूपरेखा से अवगत कराना होगा। उन्होंने पीएचईडी के अधीक्षण अभियंता को जल परिवहन एंजेडे को पूर्ण कर उपखण्ड अधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति से अनुमोदित प्रस्ताव लेकर बैठक में उपस्थित होने के निर्देश दिए। सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलक्टर ने पीएचईडी को इस सप्ताह में कम से कम 70 शिकायतों का निस्तारण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। दो माह से ज्यादा पुराने सभी 50 प्रकरणों का इसी सप्ताह निस्तारण करना होगा। 
जिला कलक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) को आईसीटी लेब में शिक्षण कालांश को सभी स्कूलों की समय सारणी में शामिल कर तीन दिन में पालना रिपोर्ट का प्रमाण पत्रा देने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष योग्यजन शिविरों में आदेश के बावजूद नहीं पहुंचने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) को लोगों की अधिक आवाजाही वाले स्थान चिह्नित कर पुस्तकालय, टॉय बैंक एवं कपड़ा बैंक स्थापना करने के निर्देश दिए।

आधा दर्जन वार्ड एक सप्ताह में ओडीएफ करें

नगर परिषद् जालोर क्षेत्रा में केवल दो वार्ड खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) होने को खेदजनक बताते हुए जिला कलक्टर सोनी ने ऐसे आधा दर्जन वार्डों को एक सप्ताह में ओडीएफ करने के निर्देश दिए जिनमें मात्रा 10 से कम शौचालय बनाने शेष रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्राी जल स्वावलम्बन अभियान के दूसरे चरण के शेष रहे आठ कार्य 10 दिन में पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

सर्वे कार्य की प्रगति रिपोर्ट तीन दिन में देनी होगी

जिला कलक्टर ने जल संसाधन विभाग से भीनमाल किसान आंदोलन के समझौते के मुताबिक किए जाने वाले सर्वे कार्य की प्रगति रिपोर्ट तीन दिन में मांगी है। उन्होंने मनरेगा में समय पर भुगतान नहीं होने पर कार्मिकों से की जाने वाली वसूली कार्रवाई दो दिन में पूरी करने को कहा। कलक्टर ने खनन विभाग को अवैध खनन रोकने के सख्त निर्देश देते हुए कहा कि इस संबंध में हर सोमवार को साप्ताहिक कार्रवाई से अवगत करवाएं।

विशेष योग्यजन पंजीयन की गति बढ़ाएं

 सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को विशेष योग्यजन पंजीयन विशेष अभियान के तहत पंजीयन गति बढ़ाने के निर्देश दिए।  महिला एवं बाल विकास विभाग को आंगनबाड़ी केन्द्रों पर रिक्त पदों को भरने के लिए अतिशीघ्र विज्ञापन जारी करने एवं वन स्टॉप सेंटर स्थापना की कार्रवाई तेज करने को कहा।

 नर्मदा प्रोजेक्ट में हर सप्ताह 750 मीटर पाइप डालना जरूरी 

नर्मदा प्रोजेक्ट कार्य की सतत् मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के लिए जिला कलक्टर सोनी ने अधिकारियों को प्रति सप्ताह 750 मीटर पाइप लाइन डालने का कार्य पूर्ण कर प्रमाण पत्रा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे काम की मॉनिटरिंग सही ढंग से होगी और गति बढ़ाने में मदद मिलेगी। यदि साप्ताहिक लक्ष्य हासिल नहीं होता है तो उसका कारण जानेंगे और समाधान किया जाएगा। एजेंसी जान-बूझकर देरी करेगी तो कार्रवाई की जाएगी।

 सांचौर शहर में फ्लाई ओवर का प्रस्ताव भिजवाया जाएगा

सांचौर शहर में यातायात व्यवस्था पर चर्चा के दौरान हाईवे पर रानीवाड़ा चौराहे एवं भीनमाल चौराहे के बीच कट लगाने से हादसे बढ़ने की आशंका जताते हुए अव्यावहारिक माना। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को प्रस्तावित फोर लेन की डीपीआर में फ्लाई ओवर बनाने का प्रस्ताव भिजवाया जाएगा जिससे स्थानीय यातायात उसके नीचे से अबाधित चलता रहे।

 टोल वसूली के संबंध में मांगी तथ्यात्मक रिपोर्ट

जिला कलक्टर ने 60 किलोमीटर के भीतर दो स्थानों पर टोल वसूली सहित अन्य बिन्दुओं को गंभीरता से लेते हुए सार्वजनिक निर्माण विभाग से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। विभाग को वस्तुस्थिति से संबंधित लिखित रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। इस रिपोर्ट में जिलेभर में स्थापित टोल बूथ के नियमों एवं इस संबंध में न्यायालय की ओर से दिए आदेशों का उल्लेख करना होगा। कलक्टर सोनी ने जिले में सड़कों से संबंधित समाचार पत्रों में छप रही खबरों का उल्लेख करते हुए सार्वजनिक निर्माण विभाग को सड़कों को सुधार कर राह सुगम बनाने के निर्देश दिए।

एक अक्टूबर से शत प्रतिशत मनरेगा कार्यों पर महिला मेट होगी

एक अक्टूबर से शत प्रतिशत मनरेगा कार्यों पर महिला मेट होगी 



जयपुर,। प्रदेश में आजीविका द्वारा गठित स्वयं सहायता समूहों के महिला फेडरेशन ब्लॉकों में महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत स्वीकृत समस्त कार्यों में शत प्रतिशत महिला मेट लगायी जायेगी तथा आने वाले समय में इन महिला समूहों को मनरेगा के कार्याें का कार्य एजेन्सी बनाई जायेगी।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री  राजेन्द्र राठौड़ ने सोमवार को इंदिरा गांधी पंचायती राज प्रशिक्षण संस्थान में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई क्लस्टर लेवल फेडरेशन के पदाधिकारियों की आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में महात्मा गांधी नरेगा योजना के 42 हजार कार्य आजीविका के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों को व्यक्तिगत लाभ के कार्य महिलाओं को स्वीकृत किये गये हैं जिनमें से 22 हजार कार्य प्रगति पर चल रहे हैं।
 राठौड़ ने सम्बोधित करते हुए कहा कि राजीविका गांव की गरीब महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने के लिए स्वयं सहायता समूह का गठन कर रही है। इस प्रयासों से आज प्रदेश में 75 हजार महिला स्वयं सहायता समूहों को बैंकों से लिंक किया जा चुका है। इस कार्य से आज इन महिलाओं के परिवारों की आजीविका के प्रयासों से उनकी आर्थिक व सामाजिक स्थिति में बदलाव के साथ समाज में सम्मानजनक वातावरण में जीवन जी रही हैं।
उन्होंने कहा कि आजीविका प्रत्येक महिला को सशक्त व आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कर मुख्यमंतर््ी के सपने को मूर्त रूप प्रदान कर रही है। आज प्रदेश में महिला समूहों से 9 लाख महिलायें जुड़ चुकी हैं। उन्होंने बताया कि महिला स्वयं सहायता समूहों के छोटे-छोटे काम-धन्धे के लिए राज्य सरकार द्वारा 560 करोड़ रुपये उपलब्ध करायें। इनके अलावा 200 करोड़ रुपये की राशि विभिन्न बैकों से उपलब्ध करायेंगे। इन महिला समूहों ने अब तक 100 करोड़ का लाभ कमाया है।
इस अवसर पर चूरू, धौलपुर जिलों से क्लस्टर लेवल फेडरेशन की महिला समूहों की महिलाओं ने अपने क्षेतर्् में किये गये सामाजिक सेवा के कार्यों की अपनी कहानी का प्रस्तुितकरण किया जो बहुत प्रेरणादायी रही।
इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुदर्शन सेठी, ग्रामीण विकास विभाग के शासन सचिव श्री रोहित कुमार व आजीविका के विभिन्न पदाधिकारी व विभिन्न जिलों से आयी 177 महिलायें उपस्थित थीं

दीर्घकालीन कृषि ऋण अब मात्र 6.70 प्रतिशत की दर पर ब्याज दर में 0.40 प्रतिशत की कटौती

किसानों को मिलेगा फायदा

दीर्घकालीन कृषि ऋण अब मात्र 6.70 प्रतिशत की दर पर ब्याज दर में 0.40 प्रतिशत की कटौती

  
जयपुर। राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है कि किसानों को कम से कम ब्याजदर पर ऋण उपलब्ध कराए जाएं। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों के माध्यम से वितरित दीर्घकालीन कृषि ऋणों पर 0.40 प्रतिशत की कमी करने का निर्णय लिया है। अब समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को मात्र 6.70 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण मिल सकेगा। यह जानकारी सोमवार को सहकारिता मंत्री श्री अजय सिंह किलक ने दी।
न्यूनतम ब्याज दर है यह 
किलक ने बताया कि आजादी के समय से ही किसानों को 12 प्रतिशत से अधिक की ब्याजदरों पर ऋण मिलता था, लेकिन वर्तमान सरकार ने आते ही किसानों को मिलने वाले ऋणों पर ब्याजदर को कम करने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि समय पर ऋणों का चुकारा करने वाले किसानों को 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान देने का निर्णय किया गया। जिससे किसानों को मात्र 7.10 प्रतिशत ब्याजदर पर ऋण मिलने लगा। उन्होंने बताया कि नवीन ब्याज दर 15 सितम्बर से वितरित ऋणों पर लागू होगी। यह ब्याज दर किसी भी वाणिज्यिक बैंक द्वारा किसानों को दिए जा रहे ऋणों पर न्यूनतम ब्याजदर है। 

सहकारिता मंत्री ने बताया कि दीर्घ कालीन कृषि ऋण 12.10 प्रतिशत में 0.40 प्रतिशत की कमी और की गई है जिससे किसानों को 11.70 प्रतिशत पर ऋण उपलब्ध होगा। राज्य सरकार द्वारा 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जा रहा है, जिससे अब किसानों को मात्र 6.70 प्रतिशत की ब्याजदर से दीर्घकालीन ऋण मिल सकेंगे। उन्होंने बताया कि हाल ही में जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों के माध्यम से सहकार कल्याण योजनान्तर्गत वितरित किए जाने वाले ऋणों की ब्याज दर में 0.50 प्रतिशत की कमी की गई थी।
इन कार्यों के लिए मिलता है ऋण 

उन्होंने बताया कि प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों के माध्यम से कृषि कार्य यथा-ट्रेक्टर, थ्रेशर, ट्रॉली एवं अन्य कृषि यंत्रों की खरीद, नलकूप, नवकूप निर्माण, कूप गहरा/मरम्मत करने, विद्युत/डीजल पम्पसैट खरीद, स्पि्रंकलर एवं फार्म पॉण्ड, लिफ्ट इरिगेशन पम्प हाउस आदि के लिए ऋण दिया जाता है। उन्होंने बताया कि कृषि संबद्ध कार्य जैसे- फल वृक्षारोपण, डेयरी, मत्स्य पालन, भेड़ बकरी, मार्केट यार्ड, भू-समतलीकरण, भू-संरक्षण, कुक्कुट पालन, फूल खेती, मेहन्दी, अनाज भण्डारण, बायो गैस संयंत्र, वर्मी कम्पोस्ट निर्माण, कृषि क्लिनिक स्थापना आदि के लिए भी ऋण दिया जाता है।

शत प्रतिशत ओडीएफ करने का लक्ष्य

31 मार्च तक प्रदेश शत प्रतिशत ओडीएफ करने का लक्ष्य


जयपुर, । ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री  राजेन्द्र राठौड़ ने अधिकारियों को कहा कि राजस्थान में 31 मार्च, 2018 तक शत प्रतिशत खुले में शौच से मुक्त करने का लक्ष्य है। इसलिये अधिकारियों को लक्ष्य के अनुसार काम करना होगा। जो अधिकारी ग्राम पंचायतों को ओडीएफ करने में लापरवाही करेगा उनके विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी।            
राठौड़ सोमवार को स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रदेश को खुले में शौच से मुक्त कराने के लिए बनाये जा रहे शौचालय निर्माण की जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिये कि ओडीएफ ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत सफाईकर्मी रखने व सफाई के उपकरण खरीदने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ओडीएफ ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत प्रदेश में आठ लाख लोगों को रोजगार देने की व्यवस्था की गयी। 150 लोगों पर दो सफाईकर्मी रखने का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने अधिकारियों को ओडीएफ एक ग्राम पंचायत का सत्यापन शीघ्र कराने के निर्देश देते हुए कहा कि शौचालय निर्माण में लम्बित भुगतान को तत्काल करायें।
 राठौड़ ने कहा कि प्रदेश में 6000 ग्राम पंचायत ओडीएफ हो चुकी हैं, 1800 ग्राम पंचायतों का सत्यापन कराया जायेगा। इसी प्रकार प्रदेश में दो वर्षों में 65 लाख से अधिक शौचालय बनायें जिसमें 25 प्रतिशत शौचालय शीघ्र बनाये जायेंगे।
उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत इस वर्ष 1 हजार 80 करोड़ रुपये व्यय करने थे। अब तक 50 प्रतिशत राशि व्यय की जा चुकी हैं शेष राशि 31 दिसम्बर, 2017 तक व्यय करने के अधिकारियों को निर्देश दिये। 

मनरेगा के संचालित 5.26 लाख कार्यों को

मनरेगा के संचालित 5.26 लाख कार्यों को 31 मार्च तक पूरा कराने का लक्ष्य 


जयपुर। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री  राजेन्द्र राठौड़ ने महात्मा गांधी नरेगा योजना अन्तर्गत प्रदेश में संचालित 5.26 लाख कायोर्ं को 31 मार्च, 2018 तक शत प्रतिशत पूर्ण करने के लिए समस्त मुख्यक कार्यकारी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिये हैं।
राठौड़ सोमवार को इंदिरा गांधी पंचायती राज प्रशिक्षण संस्थान में प्रदेश के समस्त जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से ग्रामीण विकास योजनाओं के विस्तार से समीक्षा कर रहे थे।
उन्होंने श्रमिकों एवं सामग्री मद का लम्बित भुगतान को शीघ्र करने के निर्देश दिये। श्री राठौड़ ने अधिकारियों को भूमिहीन गरीब परिवारों को मनरेगा में कार्य करने के लिए 30 सितम्बर, 2017 तक जॉब कार्ड जारी करने, कार्यस्थल पर सम्पूर्ण सूचना सहित डिस्प्ले बोर्ड लगाने, पानी व छाया करने, दवाईयों का किट रखने, बच्चे रखने आदि की व्यवस्था को सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने सभी जॉब कार्डधारियों को शत प्रतिशत आधार कार्ड से लिंक करने के निर्देश दिये।
उन्होंने प्रदेश में मनरेगा योजना के तहत 7 लाख रुपये की लागत से 3000 आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण के साथ साथ 4 हजार प्ले ग्राउण्ड, 2500 श्मशान घाट, 50 हजार कैटल शैड, 60 हजार फॉर्म पोण्ड के सभी कार्य गुणवत्ता पूर्ण कराने तथा गुणवत्ता के लिए सभी परिसम्पत्तियाँ का जियो टैगिंग कराने के निर्देश दिये।  राजस्थान में वर्ष 2017-18 में ग्रामीण विकास की विभिन्न योजनाओं के लिए 3942 करोड़ रुपये की राशि मिली है जिसमें से 1628 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जा चुकी हैं तथा अधिकारियों को 31 दिसम्बर, 2017 तक 80 प्रतिशत राशि खर्च करने के निर्देश दिये हैं।  राठौड़ ने कहा कि आवास योजना के तहत 4.65 लाख मकान बनाये जायेंगे जिनको गुणवत्ता पूर्ण बनाने के लिए प्रत्येक मकान के साथ ऑफिसर नियुक्त किया जायेगा। राठौड़ ने अधिकारियों को स्मार्ट विलेज के लिए होने वाले आवश्यक कार्यों की स्वीकृतियां तत्काल निकालने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पट्टा वितरण अभियान चलाया गया जिसमें 9 लाख पट्टे ग्रामीण दिये गये दूसरे चरण में अब सिवायचक भूमि पर जिन मकानों का निर्माण हो चुका है उनको आवासीय पट्टा जारी करने का काम किया जायेगा।  इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुदर्शन सेठी, ग्रामीण विकास विभाग के शासन सचिव  रोहित कुमार एवं पंचायती राज विभाग के शासन सचिव  नवीन महाजन, मनरेगा ग्रामीण विकास विभाग, पंचायती राज विभाग व प्रदेश के समस्त जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी उपस्थित थे। 

Saturday, 16 September 2017

बायतू विधानसभा के गिडा क्षेत्र में बती गुल

बायतू विधानसभा के गिडा क्षेत्र  में बती गुल

शुक्रवार दोपहर से नही हैं बिजली, मोबाईल भी देने लगे जवाब

गिडा। बायतू विधानसभा क्षेत्र का गिडा ईलाके मंे पिछले दो दिन से बती गुल हैं। केन्द्र सरकार 2018 तक घर-घर बिजली कनेक्शन देने का दावा कर रही हैं, वही जिन इलाकों में बिजली चली जाती हैं, वहां तो अधिकारियों की मर्जी से ही वापस आती हैं, इसके लिए भले ही ग्रामीण कितना ही प्रयास कर ले पर बिजली तो विभाग के अधिकारियों इच्छा से आती हैं। जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर से गिडा के कई ईलाकों मे बिजली नही हैं।


मोबाईल फोन भी डिचार्ज हो गये

36 घंटे से अधिक समय हो चुका हैं बिजल गुल हुए, समय पर बिजली नही होने से अब मोबाईल फोन भी जवाब देने लग गये हैं।


Wednesday, 13 September 2017

16 विकास अधिकारियां से मांगा स्पष्टीकरण

16 विकास अधिकारियां से मांगा स्पष्टीकरण
बाड़मेर। जिले की 16 पंचायत समितियांे के विकास अधिकारियांे ने जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एम.एल.नेहरा ने ई-पंचायत साफ्टवेयर संबंधित कार्य संपादित नहीं किए जाने पर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही तीन दिवस के भीतर स्पष्टीकरण नहीं दिए जाने पर 17 सीसीए के तहत आरोप पत्र शासन सचिव को भिजवाने की चेतावनी दी गई है।
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नेहरा ने गडरारोड़ पंचायत समिति के विकास अधिकारी गणपतराम सुथार, रामसर एवं चौहटन पंचायत समिति के हनुवीरसिंह, सेड़वा के किशनलाल, धोरीमन्ना के नरेन्द्र सोउ, गुड़ामालानी एवं सिणधरी के हीराराम, सिवाना के भोमसिंह, बालोतरा के सांवलाराम, कल्याणपुर के गौरव विश्नोई, पाटोदी के हरफूलसिंह, बायतू के गौतम चौधरी, शिव के डा. चांगदेव सोपान कामठे, गिड़ा पंचायत समिति के विकास अधिकारी शैलेन्द्र जोशी से ई-पंचायत साफ्टवेयर संबंधित कार्य संपादित करने मंे बरती गई शिथिलता के संबंध मंे स्पष्टीकरण 

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