Wednesday, 25 October 2017

देश की विभिन्न सीएचसी में शैय्या वृद्धि के प्रयास

देश की विभिन्न सीएचसी में शैय्या वृद्धि के प्रयास


जयपुर,। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री कालीचरण सराफ ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में परीक्षण करवाकर आवश्यकतानुसार शैय्या बढ़ाने की कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्ववर्ती सरकार ने जाते-जाते बिना वित्तीय प्रावधान के 990 शैय्या बढ़ाने की स्वीकृति दे दी थी। अब राज्य सरकार वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर शैय्या बढ़ाने की कार्यवाही कर रही है।
सराफ बुधवार को सदन में प्रश्नकाल के दौरान विधायकों द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे।  श्री सराफ ने विश्वास दिलाया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यकता के अनुरूप शैय्याओं में वृद्धि करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सिवाना सीएचसी में शैय्या बढ़ाने के लिए प्रस्ताव वित्त विभाग को स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है, वहां से स्वीकृति प्राप्त होते ही बैड की संख्या 30 से बढ़ाकर 50 कर दी जाएगी।

चिकित्सा मंत्री ने बताया कि सिवाना के लिए नवम्बर में प्रथम सप्ताह में एक एम्बुलेंस भी भिजवा दी जाएगी। साथ ही सिवाना में ट्रोमा सेंटर स्थापित किए जाने के प्रस्ताव का भी परीक्षण करवाया जाएगा। इसी तरह पादरू में भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को क्रमोन्नत करने के लिए परीक्षण करवाया जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार डॉक्टरों के रिक्त पद भरने का पूरा प्रयास कर रही है। हाल ही 911 चिकित्सकों की भर्ती निकाली, लेकिन इनमें से 462 चिकित्सकों ने ही ज्वाइन किया। उन्होंने बताया कि प्रतीक्षा सूची में 252 चिकित्सकों को भी नियुक्ति के लिए आमंत्रित किया, लेकिन अभी भी पद खाली हैं, जिन्हें शीघ्र भरने का प्रयास किया जाएगा।

इससे पहले विधायक श्री हमीर सिंह भायल के मूल प्रश्न के जवाब में श्री सराफ ने बताया कि राज्य सरकार के 21 मार्च, 2013 के  आदेश द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र समदडी में 20 शैय्याओं की वृद्धि कर 30 से 50 किये जाने की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई थी। उन्होंने बताया कि इसके लिए अतिरिक्त पदों के सृजन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

 श्री सराफ ने बताया कि कस्बा सिणधरी व सिवाना में वर्तमान में 30-30 शैय्याओंयुक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्वीकृत है। सिणधरी में वर्ष 2016 में स्वीकृत शैय्याओं का उपयोगिता प्रतिशत (बी.ओ.आर.) 88.93 प्रतिशत रहा एवं सिवाणा में वर्ष 2016 में स्वीकृत शैय्याओं का उपयोगिता प्रतिशत (बी.ओ.आर) 96.04 प्रतिशत रहा है। उक्त संस्थानों पर आगामी वित्तीय वर्षो में वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर शैय्याओं में वृद्धि किये जाने पर विचार किया जायेगा। उन्होंने बताया कि ग्राम पादरू एवं मोकलसर पंचायत समिति सिवाना, जिला बाड़मेर के अन्तर्गत आता है। उक्त ग्राम में वर्तमान में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्वीकृत है।

चिकित्सा मंत्री ने बताया कि भारत सरकार द्वारा ग्रामीण जनसंख्या आधारित निर्धारित मानदण्डानुसार एक लाख की ग्रामीण जनंसख्या के आधार पर एक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खोले जाने का प्रावधान है। ग्रामीण जनसंख्या आधारित निर्धारित मानदण्डानुसार आगामी वित्तीय वर्षो में वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता तथा गुणावगुण के आधार पर पंचायत समिति सिवाना में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में क्रमोन्नत किए जाने के प्रयास किये जायेंगे।
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राजस्थान पहला राज्य, जहां विगत तीन वर्षों में आईएएस और आरएएस अधिकारियों के विरुद्ध कुल 72 प्रकरण दर्ज किये गये

राजस्थान पहला राज्य, जहां विगत तीन वर्षों में आईएएस और आरएएस अधिकारियों के विरुद्ध कुल 72 प्रकरण दर्ज किये गये



जयपुर। गृह मंत्री  गुलाब चंद कटारिया ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि देश में राजस्थान पहला राज्य है, जहां भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में विगत तीन वर्षों में 2014 से 2017 में आईएएस और आरएएस अधिकारियों के विरुद्ध कुल 72 प्रकरण दर्ज किये गये। कटारिया प्रश्नकाल में विधायकों की ओर से पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 10 भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियोें के विरुद्ध 18 प्रकरण एवं 50  राजस्थान प्रशासनिक सेवा  के अधिकारियों के विरुद्ध 54 प्रकरण दर्ज किये गये। उक्त प्रकरणों में से 10 प्रकरणों में चालान एवं 6 प्रकरणों में अंतिम प्रतिवेदन प्रस्तुत कर दिया गया है।
गृहमंत्री ने बताया कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में दर्ज प्रकरणों में 11 आईएएस तथा 120 आरएएस अधिकारियों के विरुद्ध न्यायालय  में चालान पेश किये गये तथा 23 आईएएस  तथा 112 आरएएस अधिकारियों के विरुद्ध  अंतिम प्रतिवेदन प्रस्तुत किये गये। उन्होंने बताया कि 24 आईएएस व 86 आरएएस अधिकारियों के विरुद्ध दर्ज प्रकरण लम्बित है।
कटारिया ने बताया कि उक्त अधिकारियों के विरुद्ध आलोच्य अवधि में दर्ज 56 प्रकरणों में जांच लम्बित है एवं जिन प्रकरणों में न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया  जा  चुका है, उनमें से 5 प्रकरणों को सीआरपीसी की धारा 173(8) में लम्बित रखा गया है। उन्होंने बताया कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में दर्ज  प्रकरणों में अंकित आरोप काफी जटिल प्रकृति के होते हैं , जिनकी जांच में  विभिन्न कानूनी पहलुओं से  परीक्षण संबंधित विभागों से अभिलेखादि एकत्रित एवं  अवलोकन करने एवं नियमों के अनुरूप विश्लेषण एवं परीक्षण करने तथा विधि विज्ञान प्रयोगशाला  में  परीक्षण करवाने इत्यादि में समय  लगना स्वाभाविक है। अतः प्रकरणों की जांच पूर्ण कर दोषियों के  विरुद्ध चालान प्रस्तुत करने के संबंध में ब्यूरो द्वारा निश्चित समयावधि नहीं  बताई जा सकती है, इसके बावजूद ब्यूरो द्वारा त्वरित गति से प्रकरणों में जांच पूर्ण करने के प्रयास किये जा  रहे हैं।
इससे पहले विधायक  मोहन लाल गुप्ता के मूल प्रश्न के उत्तर में गृह मंत्री ने बताया कि कुल 60 आईएएस  एवं आरएएस अधिकारियों के विरूद्ध 72 प्रकरण दर्ज हुए।
उन्होंने बताया कि उक्त प्रकरणों में से 10 प्रकरणों में चालान एवं 6 प्रकरणों में अंतिम प्रतिवेदन माननीय न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया गया है।  गृहमंत्री ने बताया कि आलोच्य अवधि में दर्ज 56 प्रकरणों में उक्त अधिकारियों के विरूद्ध जांच लम्बित है। कटारिया ने बताया कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में दर्ज प्रकरणों में अंकित आरोप जटिल प्रकृति के होते हैं, जिनकी जांच में विभिन्न कानूनी पहलुओं से परीक्षण, सम्बंधित विभागों से अभिलेखादि एकत्रित/अवलोकन करने एवं उनका नियमों के अनुरूप विश्लेषण/परीक्षण करने तथा विधि विज्ञान प्रयोगशाला में परीक्षण करवाने इत्यादि में समय लगना स्वभाविक है।  अतः प्रकरणों की जांच पूर्ण कर दोषियों के विरूद्ध चालान प्रस्तुत करने के संबंध में ब्यूरो  द्वारा  निश्चित समयावधि  नहीं बताई जा सकती है, इसके बावजूद ब्यूरो द्वारा त्वरित गति से प्रकरणों में जांच पूर्ण करने के प्रयास किए जा रहे है।

Monday, 23 October 2017

तीन महीने से पड़े के नीचे बेडिय़ों से बंधा हुआ है लूणाराम

कहां हैं सरकार, सो रहा हैं प्रशासन?
इंसान पशु से भी बदतर जिंदगी जीने को मजबूर
तीन महीने से पड़े के नीचे बेडिय़ों से बंधा हुआ है लूणाराम


आज करीबन दोपहर एक बजे का समय होगा मैं पाटोदी में अस्थाई बस स्टेण्ड पर बाईक खड़ी कर दोस्त की मोबाईल की दुकान की ओर जाने लगा तभी पास खडें टेक्सी चालक गोपसिंह राजपुरोहित ने आवाज दी कि बंशी इधर आओ.....मैंने पीछे देखा और उनके पास गया, उन्होने ने जो बात बताई जो रौंगटे खड़ा कर देने वाला था उन्होने बताया कि अपने पड़ौस में लूणाराम जो मानसिक स्थिति ठीक नही होने से खेजड़ी के पेड़ से बंधा हुआ हैं।




इतना सुनते ही मैने दोस्त की दुकान जाने के बजाय मोटर साईकिल को स्टार्ट किया और सीधा भाखरसर ग्राम पंचायत के मेघोणी कुम्हारों की ढाणी लूणाराम के हालात जानने उनके घर की ओर रवाना हो गया, वहां पहुंचा तो उनका  आगे चार पांच लडक़े और एक महिला मायूस स्थिति में खडे थे, पास ही कि खेजडी से नीचे लोहे की सांकल से बांधा हुआ लूणाराम जोर जोर से अपने आप से बाते करता हुआ बिना कपड़ो के बैठा था, मैने लूणाराम के हालात के बारे में पूछा तो छोटे भाई हुकमाराम ने जो बात बताई वो इंसान के दिल को हिला देने वाली थी, उसने बताया कि लूणाराम की मानसिक स्थिति ठीक नही होने से पिछले तीन महिने से खेजडी बांधा हुआ है, उसने बताया कि खुला छोडऩे पर भाग जाता है, लोगों के घरों में घुस जाता हैं इसके डर से बांधा हुआ हैं, किसी अच्छे अस्पताल में ले जाकर ईलाज कराने की हिम्मत हमारी नही है, उसके परिवार के बारे में पूछा तो बताया कि पास में खडी महिला इसकी पत्नी हैं तथा पांच संतान हैं यह सुनकर मेरे दिमाक ने गुलाटी मारते हुए सोचने पर मजबूर कर दिया कि भला भगवान भी ऐसे गरीब व्यक्ति से क्या मांग रहा हैं जो इस तरह से मजबूर इंसानों को परेशानी में डाल कर कौनसी परीक्षा लेना चाहता हैं। गरीब बेसहारा लूणाराम की पत्नी की सूखी आंखे दिन भर खेजडी की ओर देखती हैं ओर मन ही मन सोचती है कि कब मेरा पति सही होगा और मेरे सुनहरे दिन लौटेंगे। दूसरी और छोटे-छोटे मासूम बच्चे भी अपने पापा के ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं, आखिर बिना ईलाज के कोई व्यक्ति कैसे ठीक होगा, मेरा प्रशासन और  सरकार से निवेदन है कि वह आगे आए और लूणाराम का ईलाज करवा कर उसे मुख्यधारा की जिंदगी जीने के लिए परिवार को सहायता दे ताकि कोई इंसान पशु से बदतर हालातों से उभर कर सामने आए।

विवादास्पद विधेयक विधानसभा में पेश, कांग्रेस विधायकों का विरोध जारी

विवादास्पद विधेयक विधानसभा में पेश, 

कांग्रेस विधायकों का विरोध जारी

जयपुर। विरोध के बावजूद राजस्थान सरकार ने लोकसेवकों को संरक्षण देने के लिए विवादास्पद विधेयक को विधानसभा में पेश कर दिया है। सरकार के अनुसार विधेयक का उद्देश्य सरकारी अधिकारियों को बेवजह के मुकदमों से बचाना है।उनके मुताबिक बिल पारित हो जाने से अधिकारी खुलकर काम कर सकेंगे। विपक्षी दलों का कहना है कि इस बिल के पास हो जाने से भ्रष्ट अधिकारियों को और बल मिलेगा। 
उनका कहना है कि कोई भी व्यक्ति कोर्ट चला जाता है और वहां पर 156(3) के तहत आदेश लेकर सरकारी अधिकारियों के खिलाफ मुकदमे दायर करवा देता है। और बाद में पूरा मामला ही झूठा निकल आता है।

Sunday, 15 October 2017

ग्रामीणजन एकजुटता से विकास कार्यों में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज करायें

सरकार गांव एवं ग्रामीणों के सर्वांगीण विकास हेतु पुरजोर प्रयासरत




जयपुर। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री  राजेन्द्र राठौड़ ने कहा है कि राज्य सरकार गांव एवं ग्रामीणों के सर्वांगीण विकास के लिए पुरजोर प्रयासरत है, इस हेतु ग्रामीणजन एकजुटता से विकास कार्यों में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज करायें।

ग्रामीण विकास मंत्री शनिवार को चूरू तहसील के ग्राम मेघसर, बीनासर, पोटी, सहनाली बड़ी एवं सहनाली छोटी में विभिन्न विकास कार्यों के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने गांव मेघसर में 6 लाख रुपये की लागत से शहीद भींवराज राजकीय माध्यमिक विद्यालय में एक कक्षा-कक्ष, 35 लाख रुपये की लागत से श्मशान भूमि की चार दीवारी, 15 लाख रुपये की लागत से खुर्रा निर्माण एवं 12 लाख रुपये की लागत से गांव में गंदे पानी की निकासी के लिए निर्मित नाला निर्माण कार्य का उद्घाटन करते हुए कहा कि गत तीन वर्षों में गांव में एक करोड़ 24 लाख 85 हजार रुपये के विकास कार्य पूर्ण कर ग्रामीणों को लाभान्वित किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गांवों में पट्टा वितरण शिविर आयोजित कर ग्रामीणों को घर बैठे पट्टे जारी करने से ग्रामीण ऋण प्राप्त कर अपना रोजगार प्राप्त कर रहे है। ग्रामीणों को जागरुक होकर अपने श्रमिक कार्ड बनाने चाहिए ताकि केन्द्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें।
पंचायती राज मंत्री ने ग्रामीणों की मांग पर गांव मेघसर में इन्टरलॉक खुर्रा, पशु चिकित्सा केन्द्र, सी.सी. सड़क, हरिजन बस्ती में सामुदायिक भवन निर्माण, आर.ओ. प्लांट एवं ट्यूबवैल की घोषणा करते हुए कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत नरेगा योजना में 150 घरों पर 2 सफाई कर्मचारी नियुक्त कर गांव में स्थाई स्वच्छता की व्यवस्था की जायेगी ताकि गांव स्वच्छ रहेगा तो देश स्वच्छ हो सकेगा।

बीनासर ः अनाज भण्डार संग्रहण केन्द्र का उद्घाटन ः- ग्रामीण विकास मंत्री ने गांव बीनासर में 7 लाख रुपये की लागत से निर्मित अनाज भण्डार संग्रहण केन्द्र का उद्घाटन करने के बाद आयोजित समारोह में कहा कि गत तीन वर्षों में गांव में 163 लाख 55 हजार के विकास कार्यों को मूर्त रूप देेने से गांव की कायापलट नज़र आ रही है। उन्होंने कहा कि गांव में पट्टा वितरण शिविर में 250 पट्टे जारी कर ग्रामीणों को लाभान्वित किया गया है

पंचायती राज मंत्री ने ग्रामीणों की मांग पर विद्यालय में कमरा निर्माण, हरिजन श्मशान घाट की चार दीवारी, ढाणियों का विधुतीकरण, गौरव पथ, विद्यालय का क्रमोन्नत, घर-घर मीठा पानी सप्लाई करने की घोषणा करते हुए कहा कि वर्ष 2022 तक हर गरीब व कमजोर व्यक्ति को छत मिलेगी।

पोटी ः सामुदायिक भवन का उद्घाटन ः- पंचायती राज मंत्री ने गांव पोटी में सामुदायिक विकास भवन का उद्घाटन करने के बाद कहा कि गांव में 134 लाख रुपये के विकास कार्य कराए गये हैं तथा 55 लाख के स्वीकृत कार्य शीघ्र शुरू होंगे। उन्होंने कहा कि गांव की एकजुटता विकास कार्यों के मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन, श्रमिक कार्ड, पट्टा वितरण शिविर में हुए कार्यों की चर्चा करते हुए कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के हितों के लिए पुरजोर प्रयासरत है। उन्होंने ग्रामीणों की मांग पर विधायक कोष से सामुदायिक केन्द्र, विद्यालय में कमरा एवं हरिजन बस्ती में ट्यूब वैल की घोषणा की।

इस अवसर पर जिला प्रमुख हरलाल सहारण ने कहा कि राज्य सरकार गांव एवं ग्रामीणों के विकास के लिए विभिन्न योजनाएं, अभियान, शिविर एवं कार्यक्रम आयोजित करने के साथ-साथ गांवों को ‘स्मार्ट विलेज’ के रूप में विकसित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गत तीन वर्षों में गांवों में गौरव पथ, सड़क, पेयजल, चिकित्सा, शिक्षा के क्षेत्र में विकास के नये आयाम स्थापित कर ग्रामीणों को शहरों जैसी सुविधाएं मुहैया करा रही है। विक्रमसिंह कोटवाद ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार की मंशा है कि हर गरीब व कमजोर वर्ग के व्यक्ति को सरकार की योजनाओं का लाभ मिले, इसके लिए किसानों, श्रमिकों एवं जरूरतमंदों को जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ रही है। डॉ. वासुदेव चावला ने ग्रामीणों से कहा कि वे एकजुटता एवं जागरुकता से गांव के विकास के लिए अपनी भागीदारी दर्ज करावें ताकि गांव में अधिकाधिक विकास कार्य हो सके।

सहनाली छोटी व बड़ी में विकास कार्य ः- ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री ने चूरू तहसील के ग्राम सहनाली बड़ी में सामुदायिक भवन, श्मशान भूमि की चार दीवारी एवं आर.ओ.प्लांट का उद्घाटन एवं 60 लाख रुपये की लागत के किसान पथ का शिलान्यास करने के बाद आयोजित समारोह में ग्रामीणों से कहा कि वे गांव के सर्वांगीण विकास के लिए एकजुटता से विकास कार्यों में अपनी भागीदारी दर्ज करायें।

इस अवसर पर पंचायती राज मंत्री ने ग्रामीणों की मांग पर नायकों की धर्मशाला, सहनाली बड़ी से जुहारपुरा तक सड़क, इन्टरलॉक खुर्रा एवं सामुदायिक भवन में एक कमरा निर्माण की घोषणा की।
पंचायती राज मंत्री ने गांव सहनाली छोटी में 60 लाख रुपये की लागत से निर्मित गौरव पथ का उद्घाटन करते हुए कहा कि गांव को स्वच्छ एवं साफ-सुथरा बनाने के लिए ग्रामीणों को सकारात्मक प्रयासों की जरूरत है।

इस दौरान समाजसेवी सर्वश्री ताराचन्द भामू, बलवीर सिंह ढाका, ग्राम सरपंच (बीनासर) हनुमानसिंह, सरपंच (सहनाली बड़ी) ताराचन्द सिहाग, करणीसिंह रायपुरिया सहित अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे। 

Friday, 6 October 2017

बालोतरा। एक दिन तक बन्द रहेगी फैक्ट्रियां

एनजीटी के आदेशों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश फ्लो मीटर लगाने के निर्देश

एक दिन तक बन्द रहेगी फैक्ट्रियां




बालोतरा। बालोतरा में फैक्ट्रियों के कारण होने वाले प्रदूषण की रोकथाम हेतु  जिला कलेक्टर  शिवप्रसाद नकाते ने उपखंड अधिकारी के कार्यालय में प्रदूषण नियंत्रण हेतु प्रदूषण नियंत्रण हेतु गठित प्रबोधन समिति की बैठक ली। प्रदूषण से संबंधित लोगों के द्वारा की गई शिकायतों की सुनवाई की गई। जिला कलेक्टर  के द्वारा प्रबंधन समिति की बैठक में एनजीटी के द्वारा दिए गए निर्देशों की कठोरता से पालना करने हेतु प्रबोधन समिति के सदस्यों को आदेशित किया एवं पाबंद किया सीईटीपी के अध्यक्ष एवं सचिव बालोतरा एवं जसोल तथा बिठूजा के इंडस्ट्रियल एरिया के प्रतिनिधियों को सभी इंडस्ट्रीज में इलेक्ट्रॉनिक फ्लो मीटर लगाने हेतु CG w में आवेदन करने हेतु एवं सिक्योरिटी राशि भरने हेतु सात दिवस में कार्य कार्यवाही करने हेतु  पाबंद किया जो फैक्ट्री मालिक साथ निभाना इन शर्तों की पालना नहीं करेंगे उन सभी फैक्ट्री को कानूनी रुप से बंद करने की कार्रवाई की जाएगी सीटीपी बालोतरा के एच आर टी एस प्लांट की पक्की दीवार बनाने हेतु उचित कारवाई करने एवं फोन में हाई हाई डेंसिटी पॉलीमर लाइनिंग करने हेतु सीटीपी ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं सचिव को पावन किया गया इस RDX प्लांट में पानी की आवक को कंट्रोल करने हेतु फैक्ट्रियों की क्लोजर की अवधि 1 दिन और बढ़ाई गई बालोतरा इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित समस्त फैक्ट्रियां एक एक और दिन के लिए बंद रहेगी जो भी कारखाना क्लोज़र की अवधि के दौरान पाया जाता है उसके खिलाफ कनेक्शन काटने की कार्यवाही एवम सेट करने की कार्रवाई की जाएगी इसके अलावा बिट्टू जा बालोतरा और ससुराल में जो भी अवैध फैक्ट्रियों का संचालन हो रहा है उसको तुरंत प्रभाव से कनेक्शन काटने एवं स्विच करने के आदेश  जिला कलेक्टर ने प्रबंधन समिति में प्रदान की रीजनल ऑफिसर बालोतरा प्रदूषण नियंत्रण मंडल को आदेशित किया गया कि वे एनजीटी की आदेशों की समस्त पालना करवाना सुनिश्चित कराने इसके साथ ही उपखंड अधिकारी बालोतरा तहसीलदार पचपदरा प्रदूषण नियंत्रण मंडल की टीम रीको मैनेज अधीक्षण अभियंता पीएचईडी एवं बिजली विभाग को निर्देश प्रदान किए गए कि वह अवैध रूप से संसद में संचालित होने वाली समस्त इकाइयों की तुरंत प्रभाव से कनेक्शन काटने की कार्रवाई को अमल में लाने सीटीपी जसौल एवं बालोतरा के अध्यक्ष और सचिव को एनजीटी की पालना हेतु आरो प्लांट एचआरटीसी प्लांट में  पानी की आवक रे निकासी पर पूर्ण रुप से अपनी देख-रेख में नियंत्रण रखने हेतू आदेशित किया गया।

सहकारी संस्थाओं से मांगे भर्ती के लिए प्रस्ताव

सहकारी भर्ती बोर्ड ने शुरू किया काम

सहकारी संस्थाओं से मांगे भर्ती के लिए प्रस्ताव



जयपुर। सहकारिता मंत्री अजय सिंह किलक ने शुक्रवार को बताया कि सहकारी संस्थाओं में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भर्ती के लिए सहकारी भर्ती बोर्ड ने प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी है। अपेक्स बैंक, राजस्थान राज्य सहकारी बैंक, उपभोक्ता संघ, राजफैड, आरसीडीएफ, केन्द्रीय सहकारी बैंक, प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंक, होलसेल भण्डार, दुग्ध संघ, क्रय-विक्रय सहकारी समितियों से उनके यहां भर्ती योग्य रिक्त स्वीकृत पदों के संबंध में प्रस्ताव 15 अक्टूबर तक मांगे गए हैैं ताकि उन पदों के लिए भर्ती की कार्यवाही की जा सके।

श्री किलक ने बताया कि सहकारी संस्थाओं में पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से योग्य कार्मिकों की भर्ती कर उनकी कार्यप्रणाली में रचनात्मक सुधार करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसके मद्देनजर सहकारी नियमों में संशोधन कर तीन सदस्यीय सहकारी भर्ती बोर्ड का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि इस भर्ती बोर्ड के द्वारा उन सभी संस्थाओं में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी, जिनमें राजकीय हिस्सा राशि 5 लाख रुपये से अधिक है।

रजिस्ट्रार एवं प्रमुख शासन सचिव, सहकारिता श्री अभय कुमार ने बताया कि सहकारी संस्थाओं में सहकारी भर्ती बोर्ड संस्था विशेष के लिए लागू नियमों के आधार पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भर्ती करेगा लेकिन भर्ती बोर्ड को कर्मचारियों के चयन के लिए मापदण्ड एवं प्रक्रिया को निर्धारित करने की स्वतंत्रता प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि भर्ती बोर्ड रजिस्ट्रार, सहकारिता से अनुमोदित किसी भी प्रतिष्ठित एवं उपयुक्त विशेषज्ञता प्राप्त एजेन्सी की सेवा ले सकता है।

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