Monday, 11 December 2017

अनुष्का शर्मा बनीं विराट कोहली की दुल्हनियां!

अनुष्का शर्मा बनीं विराट कोहली की दुल्हनियां!

एक्सक्लूसिव

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की शादी की खबरें पिछले कुछ दिनों से चर्चा में बनीं हुई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कोहली और अनुष्का ने सोमवार को इटली के टस्कन शहर में शादी कर ली है।  न्यूज एजेंसी एएनआई ने कुछ तस्वीरें जारी की हैं जिनके मुताबिक वीरूषका की शादी में कंटेनर से फूल ले जाए गए हैं। फिल्मफेयर की एक रिपोर्ट के मुताबिक विराट और अनुष्का आज रात 8 बजे इसकी आधिकारिक घोषणा करेंगे। हाल ही में अनुष्का अपने पूरे परिवार के साथ मुंबई से इटली के लिए निकलीं थी।  टीम इंडिया के कप्तान कोहली और एक्ट्रेस अनुष्का की शादी काफी दिन से चर्चा का विषय बनीं थी। कयास लगाया जा रहा था कि 12 दिसम्बर को इटली में शादी होगी। लेकिन इस बीच सोमवार को ही शादी की खबरें आनी लगीं। बता दें कि इससे पहले अनुष्का के कुछ पड़ोसियों ने भी इस बात को स्वीकार किया था कि अनुष्का के पिता ने उन्हें शादी के लिए इनवाइट किया था।

गिड़ा- अगरबती की सिंगारी से सुलग गई दुकान

गिड़ा अगरबती की सिंगारी से सुलग गई दुकान
शटर तोड़ ग्रामीणों ने बचाया हजारों का सामान

दिव्य पंचायत न्यूज नेटवर्क

गिड़ा। कस्बे में देर शाम एक प्लास्टिक बर्तन की दुकान में आग लगने से आधी दुकान में रखा सामना जल गया। देर शाम करीबन साढे सात बजे दुकानदार छैलसिंह दुकान में अगरबती करने के बाद दुकान बंद करके घर चला गया पीछे अगरबती की सिंगारी दुकान रखे सामान पर गिर गई तथा धीरे-धीरे विकराल रूप धारण करते हुए दुकान में रखा सामान जलने लग गया। दुकान से धुंआ निकलता देखकर आस-पास के दुकानदारों व ग्रामीणों ने सजगता दिखाते हुए दुकान का शटर तोड़ कर पानी व मिट्टी डालकर आग को बुझा कर पूरी दुकान में फैलने से पहले ही रोक दिया अन्यथा दुकानदार को बड़ा नुकसान हो सकता था। इस दौरान नरसिंगाराम कड़वासरा, वीरम डेलू, ओम घाट, बलवंतसिंह वीदा, रहीमखां, देवराम कड़वासरा सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।

Sunday, 10 December 2017

भाजपा में जाट समाज का नेतृत्व कौन करेगा?

भाजपा में जाट समाज का नेतृत्व कौन करेगा?
बड़ा सवाल प्रोफेसर जाट व डॉ. दिगम्बर के निधन के बाद भाजपा मेंदमदार जाट लीडर कौन!
कर्नल सोनाराम चौधरी हैं सबसे ऊपर, लेकिन संघ और मूल भाजपाई रखते हैं दूरी?
आखिर अब सीएम किसे बनायेगी जाट राजनीति का मोहरा

बंशीलाल चौधरी
सम्पादक
दिव्य पंचायत
 9166522591




विधानसभा चुनाव को एक वर्ष से कम समय रहा गया हैं तो अब जातिगत समीकरण और जोड़-तोड़ बिठाने की कवायद शुरु होने वाली हैं, भाजपा व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के लिए सबसे बड़ी चिंता जाट समाज का नेतृत्व। हाल ही में पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष प्रोफेसर सांवरलाल जाट व बीस सूत्री कार्यक्रम के उपाध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री के नजदीकी डॉ. दिगम्बर सिंह के निधन के बाद सरकार के प्रदेश स्तरीय कोर कमेटी और समीकरणों को बनाने में जाट नेतृत्व की कमी खलती नजर आ रही हैं। अब भाजपा के लिए जाट समाज का नेतृत्व करने का माद्दा रखने वाले नेता बाड़मेर-जैसलमेर सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी के अलावा कोई चेहरा नजर नही आ रहा हैं। कर्नल सोनाराम चौधरी जाट समाज को एक रखने का माद्दा रखते हैं तो पूरे देश में इनकी छवि भी एक कद्दावर जाट नेता के रूप में हैं ऐसे में भाजपा के लिए उनका पार्टी में होना बड़ा फायदे मंद हो साबिता हो सकता हैं। लेकिन राजनीतिक सूत्र बताते हैं कि संघ और भाजपा के कोर को कर्नल सोनाराम चौधरी पंसंद नही हैं, ऐसे में मुख्यमंत्री के सामने सबसे बड़ा संकट यह होगा की वह किस नेता को जाट समाज का ताज पहनाये। वैसे भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष कैलाश चौधरी का प्रदेश की राजनीति में दखल रहता हैं, पर कैलाश चौधरी की छवि जाट नेता की नही रही हैं, ऐसे में इनके ईशारे पर जाट राजनीति का धु्रवीकरण हो ऐसा नही कहा जा सकता हैं, ऐसे में देश की सबसे बड़ी पार्टी के सामने राजस्थान में लगभग 21 प्रतिशत वोटरों वाली जाति के लिए नेतृत्व ढूंढना बड़ा मुश्किल हो रहा है। दूसरी और तीसरे मोर्चे के नाम पर निर्दलीय विधायक हनुमान बेनिवाल शोषित, पीडि़त दलित और किसानों के नाम पर जाट जाति का नेतृत्व की बाते कह रहे हैं, उनकी सभाओं में दिख रही भीड़ से भी जाट समाज के नेतृत्व की आवाज आती हैं, लेकिन इनकी बात भी जाट समाज के गले नही उतर रही हैं। देखना होगा भाजपा के जाट समाज का नेतृत्व किनके हाथों में होगा।

एसडीएम जाट का स्वच्छ भारत अभियान जारी छुट्टी के दिन उपखंड अधिकारी जाट पहुंच गये राम नगर ग्राम पंचायत कुछ घ्ंाटों में चमका दिया गांव

एसडीएम जाट का स्वच्छ भारत अभियान जारी
छुट्टी के दिन उपखंड अधिकारी जाट पहुंच गये राम नगर ग्राम पंचायत
कुछ घ्ंाटों में चमका दिया गांव

छुट्टी के दिन उपखंड अधिकारी जाट पहुंच गये राम नगर ग्राम पंचायत

कुछ घ्ंाटों में चमका दिया गांव

 

 

दिव्य पंचायत न्यूज नेटवर्क

टोंक। उपखंड अधिकारी प्रभातीलाल जाट ने रविवार अल सुबह उपखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में पीला पंजा लेकर पहुंच गये। अपनी विशिष्ठ कार्यशैली के लिए जाने जाने वाले एसडीएम जाट ने रविवार को छुट्टी के दिन एन्जॉय करने के बजाय स्वच्छ भारत अभियान के तहत कार्यवाही करने का बीड़ा उठाया और जेसीबी लेकर अरणिया माल क्षेत्र की राम नगर ग्राम पंचायत पहुंच गये, उक्त पंचायत में सड़कों के दोनो किनारों पर अतिक्रमण और कचरे के ढेर लगे हुए थे, जिनको हटाने सहित बबूल की झाडिय़ों को कटवा कर राम नगर को स्वच्छ कर दिया।


अल सुबह गांव में जेसीबी सहित उपखंड अधिकारी की गाड़ी को देखकर ग्रामीण अचरज में पड़ गये कि ऐसा क्या हो गया कि यहां पर अधिकारी और जेसीबी क्यों आई, आस-पास से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गये। जब उन्हे पता चला कि उपखंड अधिकारी प्रभातीलाल जाट गांव को स्वच्छ एवं साफ रखने का संदेश लेकर आए हैं तथा बर्षो से काबिज अतिक्रमण और कचरे के ढेरों को हटाने को आए हैं तो ग्रामीण भी उपखंड अधिकारी के साथ सहयोग करने में जुट गये।


कुछ ही घंटों में चमक गया राम नगर

उपखंड अधिकारी के निर्देशन में राम नगर ग्राम पंचायत में स्वच्छता अभियान के तहत कचरे के ढेर सहित बबूल में पेड़ काट कर सड़कों को चौड़ा करने सहित साफ-सफाई होने से कुछ ही घंटों में गांव की सूरत ही बदल गई।

उपखंड अधिकारी ने भी ली सेल्फी

ग्रामीणों की खुशी और राम नगर में साफ सफाई करवाने के बाद गद्गद् उपखंड अधिकारी प्रभातीलाल जाट ने भी गांव की चौड़ी सड़क के साथ सेल्फी लेने से नही चुके।

सरकार के चार साल- ग्रामीण क्षेत्रों में सडक़ों के खस्ताहाल!

सरकार के चार साल- ग्रामीण क्षेत्रों में सडक़ों के खस्ताहाल!





दिव्य पंचायत. न्यूज नेटवर्क
बालोतरा। क्षेत्र में वर्षों पहले बनी सडक़ें और गारंटी पीरियड की सडक़ों का नवीनीकरण और मरम्मती करण के चंद दिनों बाद ही टूटने से राहगिर और ग्रामीण परेशान हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार गिड़ा एवं पाटोदी क्षेत्र में अधिकांश सम्पर्क सडक़ों की खस्ताहाल हैं। बागुडी से मलवा और खारापार होते हुए गिड़ा जाने वाली सडक़ जगह-जगह से टूटी हुई है। सडक़ के पास बनी पटरी के जगह-जगह बड़े-बड़े खड्डे हैं तो मुख्य सडक़ भी टूट कर कंकरिट में तब्दिल हो चुकी है। इस सडक़ पर गई बार वाहन चालकों के फिसलने से दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। ग्रामीण बाबूराम वेरड़ ने बताया कि इस सडक़ की स्थिति को लेकर कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को अवगत करवाया लेकिन कोई समाधान नही हो रहा हैं। इसी सडक़ मार्ग पर प्रसिद्ध मलवेश्वर महादेव मंदिर हैं, यहां जाने वाली सडक़ भी जगह-जगह से टूटी हैं, ऐसे में श्रद्धालु अपने वाहनों को धीरे-धीरे चलाकर भगवान में दर पर पहुंचते हैं।

सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों और यहां के स्थानीय जनप्रतिनिधियों के चहेते ठेकेदार निर्माण कार्यों में धांधली बरत कर जमकर चांदी कूट रहे हैं, जिसका नजीजा यह रहता हैं कि पेचवर्क हो या सडक़ों का नवीनीकरण चंद महिनों में सडक़े पुरानी स्थिति में आ जाती हैं, सडक़ों का डामर बिखर जाता हैं। हाल ही पचपदरा से पाटोदी की ओर जाने वाली सडक़ का पेचवर्क कार्य किया गया, लेकिन पेचवर्क के परखच्चे चंद दिनों में उडऩे शुरु हो गये हैं। उक्त सडक़ के पेचवर्क में घटिया सामग्री उपयोग को लेकर सतापक्षीय पार्टी के पदाधिकारी तक आरोप लगा चुके हैं।

गिड़ा-परेऊ का पेचवर्क उखड़ा

गिड़ा से परेऊ की ओर जाने वाली 14 किमी लम्बी दूरी की इस सडक़ का दो माह पूर्व किया गया था जिसका पेचवर्क टूट गया हैं, सडक़ कई जगहों पर खड्डों में तब्दिल हो गया हैं।

बताया जा रहा हैं उक्त सडक़ का पेचवर्क यहां के जनप्रतिनिधियों के रिश्तेदार ठेकेदार द्वारा किया गया हैं, जिसके चलते जनप्रतिनिधियों के वृद्धहस्त के चलते अपनी मन मर्जी से कार्य किया गया हैं। 
पाटोदी-भाखरसर सडक़ फिर से टूटी

पाटोदी से भाखरसर की ओर जाने वाली सडक़ के पेचवर्क कार्य को 7-से आठ माह पूर्व किया गया था लेकिन इस सडक़ की स्थिति आज बेहद खराब हैं, इस सडक़ पर जगह-जगह हो रखे गड्डों से कई बार दर्दनाक हादसे भी हो चुके हैं जिससे लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी हैं। 

Saturday, 9 December 2017

सांसद बनकर एडिशनल डाइरेक्टर को धमकाने वाला डॉक्टर चौधरी सस्पेंड

सांसद बनकर एडिशनल डाइरेक्टर को धमकाने वाला डॉक्टर चौधरी सस्पेंड


जयपुर । राज्य सरकार के कार्मिक विभाग ने शनिवार को एक आदेश जारी कर भरतपुर के अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष चौधरी को निलम्बित कर दिया है। डॉ. चौधरी को उनकी गिफ्तारी की तिथि 5 दिवस से निलम्बित माने जाने के आदेश जारी किये गये है। 

विभाग के अतिरिक्त निदेशक श्री गिरीश पाराशर ने 23 नवम्बर को फोन पर सांसद बनकर गालीगलौच करने एवं धमकाने के मामले मे 21 नवम्बर को अशोक नगर थाने में मामला दर्ज करवाया था। अशोक नगर थाने ने इस मामले में अनुसन्धान कर डॉ. मनीष चौधरी को भरतपुर से गिरफ्तार कर लिया। उन्हे भारतीय दण्ड धारा 353, 506, 507, 504, 384 एवं 419 के अपराध मे प्रथम दृस्टया लिप्त पाये जाने पर गिरफ्तार किया गया। डॉ. मनीष चौधरी को 48 घंटे से अधिक अभिरक्षा मे रहने पर राजस्थान सिविल सेवा नियम के अन्तर्गत गिरफ्तारी के दिन 5 दिसम्बर से ही निलम्बित माने जाने के आदेश जारी किये गये है। 

नहर के किनारे जमीन दी पर पानी पर कुंडली मारकर बैठ गया सिंचाई विभाग


नहर के किनारे जमीन दी पर पानी पर 

कुंडली मारकर बैठ गया सिंचाई विभाग



भैरूसिंह भाटी तेजपाला



जैसलमेर। कुंए के पास होकर भी कोई यदि बरसो से प्यासा रहे तो सुनने मे बड़ा अचरज लगेगा पर यह हकीकत है जिले के तेजपाला गांव के कुछ परिवारो की। तेजपाला के दलित परीवारो को करीब 33 वर्ष पूर्व नहरी क्षेत्र मे भूमि दी गयी पर खेती के लिए सिंचाई विभाग ने पानी नही दिया नतिजन भूमि लेने वाले लोग पानी की उम्मीद मे बुजुर्ग हो चले है पर प्रसाशन की नींद नही टूटी है। अब वंचित लोगो ने चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी है।
मंत्री, अफसर से लेकर पटवारी तक सभी कर्मचारियों तक ये काश्तकार एड़ियां रगड़ रगड़ कर परेषान हो चुके है पर इनकी सुनवाई किसी ने नही की है। अब किसानों ने आगामी विधानसभा चुनाव सहित आने वाले चुनावों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। किसानों का कहना है कि जब तक उनका हक नहीं मिलेगा वो कभी वोट नहीं करेंगे।
वर्ष 1984-85 में सागमरल गोपा ब्रांच व मुख्य नहर के पास चक नम्बर 48 एलएलबी पर पुख्ता जमीन आवंटन हुई तब ग्रामीणों ने सुनहरे भविष्य का ताना बाना बुना था लेकिन सिंचाई विभाग की अंधेर गर्दी ने इन दर्जनो किसानो के सपने को चूर-चूर कर दिया। नहर के पास में जमीन होते हुए भी सिंचाई की सुविधा से वंचित कर दिया गया। सिंचाई विभाग के अधिकारी आज भी बहाने भी बहाना बना रहे है। लापरवाही के आलम का अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि ये किसान पानी के पैसे जमा कर रहे है। मतलब पानी के रूपये ले रहे है परंतु सिंचाई के लिए पानी नहीं दे रहे है, ये कहां का न्याय। अब भगवान जाने इन किसानों को कब जाकर न्याय मिलेगा।
किसानों को जमीन तो आवंटन कर दी परंतु उनको पानी का अधिकार नहीं दिया। इन किसानों ने शासन, प्रषासन, नेता, अधिकारी हर किसी की दर पर मत्था टेका, दर-दर की ठोकरें खायी। परंतु किसी ने इन किसानों की जायज मांग को अंजाम तक नहीं पहुंचाया। हालांकि वर्तमान जिला कलेक्टर ने इस मामले को जरूर तवज्जो दी थी लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। दलित समाज के दस परिवार जमीन आवंटन के बरसों बीत जाने के बाद भी अपनी सिंचित जमीन में फसल नहीं उगा पा रहे है। इनको सरकार ने इंदिरा गांधी मुख्य नहर के समीप जमीन तो आवंटन कर दी परंतु पानी की व्यवस्था नहीं की। जिसके चलते किसान सालों से परेषानी का दंष झेल रहे है और अपनी रोजी रोटी का जुगाड़ मुष्किल कर रहे है।
ये है पीड़ित किसान-
गवरी पत्नि पूराराम, बादली पत्नि कानाराम लूणाराम वगैरह, हरचंदराम पुत्र नखतुराम, दाउराम पुत्र अमराराम, बीजलराम पुत्र देषलाराम, भंवरूराम पुत्र बागाराम, चेलूराम पुत्र बागाराम, खींया पत्नि नखतुराम, केषरसिंह पुत्र मोहब्बतसिंह सभी निवासी तेजपाला।

मंत्री, अफसर से लेकर पटवारी तक सभी कर्मचारियों तक ये काश्तकार एड़ियां रगड़ रगड़ कर परेषान हो चुके है पर इनकी सुनवाई किसी ने नही की है। अब किसानों ने आगामी विधानसभा चुनाव सहित आने वाले चुनावों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। किसानों का कहना है कि जब तक उनका हक नहीं मिलेगा वो कभी वोट नहीं करेंगे।
वर्ष 1984-85 में सागमरल गोपा ब्रांच व मुख्य नहर के पास चक नम्बर 48 एलएलबी पर पुख्ता जमीन आवंटन हुई तब ग्रामीणों ने सुनहरे भविष्य का ताना बाना बुना था लेकिन सिंचाई विभाग की अंधेर गर्दी ने इन दर्जनो किसानो के सपने को चूर-चूर कर दिया। नहर के पास में जमीन होते हुए भी सिंचाई की सुविधा से वंचित कर दिया गया। सिंचाई विभाग के अधिकारी आज भी बहाने भी बहाना बना रहे है। लापरवाही के आलम का अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि ये किसान पानी के पैसे जमा कर रहे है। मतलब पानी के रूपये ले रहे है परंतु सिंचाई के लिए पानी नहीं दे रहे है, ये कहां का न्याय। अब भगवान जाने इन किसानों को कब जाकर न्याय मिलेगा।
किसानों को जमीन तो आवंटन कर दी परंतु उनको पानी का अधिकार नहीं दिया। इन किसानों ने शासन, प्रषासन, नेता, अधिकारी हर किसी की दर पर मत्था टेका, दर-दर की ठोकरें खायी। परंतु किसी ने इन किसानों की जायज मांग को अंजाम तक नहीं पहुंचाया। हालांकि वर्तमान जिला कलेक्टर ने इस मामले को जरूर तवज्जो दी थी लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। दलित समाज के दस परिवार जमीन आवंटन के बरसों बीत जाने के बाद भी अपनी सिंचित जमीन में फसल नहीं उगा पा रहे है। इनको सरकार ने इंदिरा गांधी मुख्य नहर के समीप जमीन तो आवंटन कर दी परंतु पानी की व्यवस्था नहीं की। जिसके चलते किसान सालों से परेषानी का दंष झेल रहे है और अपनी रोजी रोटी का जुगाड़ मुष्किल कर रहे है।
ये है पीड़ित किसान-
गवरी पत्नि पूराराम, बादली पत्नि कानाराम लूणाराम वगैरह, हरचंदराम पुत्र नखतुराम, दाउराम पुत्र अमराराम, बीजलराम पुत्र देषलाराम, भंवरूराम पुत्र बागाराम, चेलूराम पुत्र बागाराम, खींया पत्नि नखतुराम, केषरसिंह पुत्र मोहब्बतसिंह सभी निवासी तेजपाला।

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