Wednesday, 11 April 2018

बायतू विधानसभा क्षेत्र के कुम्पलिया व परेउ में विभिन्न विकास कार्य जनता ...

जनता को मीठा पानी नही पिलाया तो वोट मांगने नही आउंगाः विधायक चौधरी

जनता को मीठा पानी नही पिलाया तो वोट मांगने नही आउंगाः विधायक चौधरीकुम्पलिया व परेउ में विभिन्न विकास कार्यो का लोकार्पण







गिडा। निकटवर्ती कुम्पलिया व परेउ ग्राम पंचायत मुख्यालय पर विभिन्न विकास कार्यो का लोकार्पण बायतू विधायक कैलाश चौधरी द्वारा किया गया। विधायक ने लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले साढे चार साल के कार्यकाल में बायतू विधानसभा क्षेत्र में विकास के नये आयाम स्थापित किये हैं, विकास से पिछडे इस क्षेत्र को पूरे राजस्थान के विधानसभा क्षेत्रों के मुकाबले में खडा करने का प्रयास किया जा रहा हैं। विधायक चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार से सर्वप्रथम पंचायतों का पुनर्गठन कर गिडा व पाटोदी दो पंचायत समितियां बनाई ताकि यहां की जनता को बायतू या बालोतरा नही जाना पडें, शिक्षा को लेकर बायतू में कॉलेज, गिडा व पाटोदी में आईटीआई कॉलेज स्वीकृत करवाये जिनका काम भी जल्द ही शुरू होने वाला हैं। विधायक ने कहा कि बायतू विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा व चिकित्सा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर उच्च माध्यमिक विद्यालय के साथ-साथ हाल ही में माध्यमिक स्तर के विद्यालयों के क्रमोन्नती का कार्य किया गया है। चौधरी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना से गांव-गांव में डामरीकृत सडकों का जाल बिछाया जा रहा हैं। 
मीठा पानी नही पिलाया तो वोट मांगने नही आउंगा
कुम्पलिया में विधायक कैलाश चौधरी ने चुनाव के समय अपने वादे को याद करते हुए कहा कि पाटोदी व बायतू क्षेत्र में हिमालय का मीठा पानी आ चुका हैं जल्द ही गिडा क्षेत्र और परेउ व कुम्पलिया की जनता को जल्द ही हिमालय का मीठा पानी मिल जाएगा। विधायक ने कहा कि जल्द की मीठा पानी नही ला पाया तो आने वाले चुनावों में वोट मांगने नही आउंगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गिडा प्रधान लक्ष्मणराम डेलू ने कहा कि परेउ में आदर्श पीएचसी होने से इस क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध रहेगी, उन्होने कहा कि राजनीति से उपर उठ कर जनता का विकास किया जावे। भामाशाह नवलकिशोर गोदारा, टीकूराम लेगा, नख्तसिंह कालेवा सहित कई जनों ने संबोधित किया।







इन कामों का किया लोकार्पण

विधायक कैलाश चौधरी ने कुम्पलिया ग्राम पंचायत मुख्यालय पर जलप्रदाय योजना, शमशान घाट, स्कूल में बने टीन शैड, पूर्व सरपंच भूराराम गोदारा  परिवार द्वारा निर्मित सरस्वती मंदिर, गौरवपथ, पंचायत भवन चार दिवारी, सूचना एवं प्रोधोगिकी विभाग द्वारा लगाये गये ई-मित्र प्लस मशीन, कुम्पलिया से जांगूओं की ढाणी तक नवीनीकरण डामर सडक, पंडित दीनदयाल विद्युतीकरण योजना, नव क्रमोन्नत माध्यमिक विद्यालय डेलूओं की ढाणी, सार्वजनिक सभा भवन सहित कई विकास कार्यो का लोकार्पण किया गया इसी तरह परेउ में आदर्श पीएचसी का उद्घाटन, पीएचसी में टीन शैड, जलदाय परियोजना, परेउ से जसोडो की बेरी नवीनीकरण सडक का लोकार्पण किया गया।

ग्रामीणों ने सौंपे ज्ञापन

कार्यक्रम के दौरान कुम्पलिया क्षेत्र के ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर बडी संख्या में ज्ञापन भी सौंपकर विधायक से समाधान करवाने की मांग की। विधायक ने जल्द समाधान के आश्वासन भी दिये।

ये रहे उपस्थित

इस दौरान परेउ महंत ओंकार भारती, भामशााह नवल किशोर गोदारा, मूलाराम वेरड, कुम्प्लिया सरपंच, वगताराम सियाग, सूचना सहायक गुरमेलसिंह, टीकूराम लेगा, दौलतराम गोदारा, परेउ सरपंच पाबूराम भील, खोखसर पूर्व सरपंच वगताराम लूखा . जुंझाराम, मेलनर्स हुकमाराम, बीईईओ लच्छाराम सियाग. मोहनराम गोदारा, चुन्नीलाल गोदारा सहित बडी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

परेउ पीएचसी उद्घाटन को लेकर गरमाई राजनीति

परेउ पीएचसी उद्घाटन को लेकर गरमाई राजनीति



कांग्रेस का आरोप भाजपा सरकारी कामों में करती हैं राजनीति विधायक ने जाहिर की अनभिज्ञता

गिडा। आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र परेउ के उद्घाटन को लेकर भाजपा-कांग्रेसी नेताओं ने एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाये। कांग्रेस ने सरकारी कार्यक्रम में राजनीति करने का आरोप लगाये हुए कहा कि भाजपाई नेता सरकारी कार्यक्रम को अपनी पार्टी का कार्यक्रम बनाकर जनता को भ्रमिक करने का प्रयास कर रही हैं इसे बर्दाश्त कर दिया जाएगा। कार्यक्रम में मंच से संबोधित करते हुए कहा कि गिडा प्रधान लक्ष्मणराम डेलू ने आरोप लगाया कि भाजपा ने पूरे कार्यक्रम को राजनीतिक रूप देने का प्रयास किया तथा मुझे प्रभारी चिकित्सक द्वारा आमंत्रण मिलने के बाद राजनीतिक दबाव में कार्यक्रम तक को रद्द करने का बताया गया लेकिन मेरे द्वारा इस संबंध में जानकारी जुटाने पर कार्यक्रम यथावत होने की जानकारी मिलने पर प्रमुख चिकित्सा अधिकारी से वार्ता कर पूरे कार्यक्रम को राजनीतिक रूप देने से बचाया। प्रधान कहा कि हम नाम पट्टिकाओं में नाम होने या नही होने से खुश नही होते हैं लेकिन सरकारी कार्यक्रम को राजनीतिक रूप देना कहां तक उचित हैं। प्रधान डेलू के व्यक्व्य का जवाब देते हुए बायतू विधायक कैलाश चौधरी ने कहा कि मुझे इस प्रकार की जानकारी नही हैं, वैसे मुझे किसी भी सरकारी कार्यक्रम में राजनीति करने इच्छा नही हैं, यह नाम लिखने व नही लिखने की परिपाटी उन्ही के द्वारा शुरू की गई हैं।

Friday, 6 April 2018

बीपीएल परिवार को थमा दिया 20 हजार का बिल, नही भर पाया तो काट दिया कनेक्शन

बीपीएल परिवार को थमा दिया 20 हजार का बिल, नही भर पाया तो काट दिया कनेक्शन
एक ही मीटर के बार-बार जारी होते हैं 2 बिल एक भर दिया फिर भी अधिकारी नही माने काट दिया कनेक्शन
विद्युत विभाग को अवगत कराने के बाद भी गरीब पर भारी पडी नौकरशाही

बंशीलाल चौधरी की रिपोर्ट 9166522591
 कहने को तो लोकतंत्र का राज हैं, लेकिन अधिकारी अपने आप को लोक सेवक नही मानकर आका समझते हैं, बाडमेर जिले के किसी भी विभाग में कोई अपनढ ग्रामीण जाता हैं तो उसे अधिकारियों की धौंस का सामना करना पडता हैं। उस गरीब का काम होना तो दूर की बात उसके द्वारा दी जाने वाली फरियादों पर भी कोई ध्यान नही देता हैं, दूसरी और जनप्रतिनिधयों की बैरूखी आग में घी डालने का काम कर रही है।
कुछ ऐसा ही वाक्या बाडमेर जिले की गिडा तहसील के खोखसर पूर्व गांव मंे एक बीपीएल दिहाडी मजदूर के साथ हुआ। बीपीएल के घर सरकार ने बिजली कनेक्शन जो जारी कर दिया, अच्छी खासी रोशनी से घर मे उजियारा छाया हुआ था लेकिन कहते हैं न गरीब हैं उसकी कौन सुनता हैं और कौन मानता हैं उसके पास हैं ही क्या, न वोट और न नोट। यही बात हुई गरीब परिवार के साथ बिजली के बिल आने शुरू हुए एक नही एक साथ दो-दो बिल, गरीब परेशान होता रहा, किसी की सलाह पर बायतू में विद्युत विभाग के कार्यालय पहुंचा आपबीती सुनाई, गरीब को देखकर अधिकारियों ने बात को इस कान से सुना और उस कान से निकाल दिया, बस आश्वासन देकर कहा कि इस बार एक बिल भर दो अगली बार दो बिल नही आएंगे, बीपीएल ने जोड-तोड कर बिल भी दिया।
अब फरवरी खत्म होने के बाद मार्च में फिर से वही पुराने ढर्रे से दो बिल आ गये, पूर्व की भांती बीपीएल ने अपना एक बिल भर दिया और एक रख दिया। दूसरी और विभाग का मार्च ऐंडिग का तामझाम लगा हुआ था, अधिकारी विभाग के राजस्व के साथ जेबे भरने में व्यस्त हो गये, बीपीएल परिवार ने अपना दूसरा बिल नही भरा तो विद्युत विभाग वाले लवाजमे के साथ आ धमके जैसे कोई पूरे हिन्दुस्तान की बिजली बिना बिल भरे यही गरीब जला रहा हो, फरमान जारी कर दिया बिल भरो नही तो कनेक्शन कट, गरीब लोकतंत्र के तथाकथित नौकरों के आगे हाथ जोडता रहा कि मैने एक बिल भर दिया, कहते हैं न गरीब की कौन सुने, सौ बार विनती को नही मानते हुए प्लास से हाथो-हाथ कनेक्शन काट कर गरीब को जबदरस्ती मे अंधेरे में रहने को मजबूर कर दिया।
इस संबंध में जब गांव मे बात बाहर आई तो लोग स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी मामले को अवगत कराने को मजबूर हुए लेकिन गरीब के पास वोट नही होते जनप्रतिनिधि भी इस बात पर गौर नही करते हुए फिते काटने में व्यस्त हैं, अब जब गरीब की कोई सुनने वाला नही हैं तो ये फिते इस लोकतंत्र में फिके नजर आते हैं। महात्मा गांधी कहा करते थे, लोकतंत्र में लोक सेवको की नजर अंतिम पंक्ति में बैठे अंतिम व्यक्ति पर होनी चाहिए, अग्रिम पंक्ति में बैठने वाले तो अपना हाथ निकाल देते हैं अब ऐसा ही हो रहा हैं।
अब पूरी रिपोर्ट
खोखसर पूर्व के बीपीएल पुरखाराम वल्द नगाराम मेघवाल जो खान एवं कमठा मजदूर हैं तथा बार-बार दो बिल आते हैं, विभाग को अवगत कराया सुधार नही हुआ मार्च मंे एक बिल 20 हजार 500 रूप्ये और दूसरा बिल कम राशि का आया, श्रमिक ने अपना 180 रूपये का बिल भर लिया लेकिन मार्च क्लोजिंग के चक्कर मंे अधिकारी बीपीएल पुरखाराम पर 20 हजार से अधिक रूप्ये के आए बिल को भरने का दबाव बनाया लेकिन बीपीएल परिवार द्वारा कहा गया कि मेरे बार-बार दो बिल आते हैं उसमें से एक बिल भर दिया, मेरे द्वारा इतनी बिजली नही जलाई गई हैं कि जिससे 20 हजार रूप्ये का बिल आ जाए, इतना बिल मै भरने में सक्षम नही हूं, जिस पर अधिकारियों ने अनसुना करते हुए बिजली कनेक्शन काट दिया।
क्या कहा जनप्रतिनिधियो ने
जानकारी के अनुसार विद्युत विभाग के कर्मचारियों की धौंस पट्टी को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सम्पर्क करने पर यह कहते हुए नजर आए कि बिल मेरे द्वारा नही भेजा गया हैं जो यह बात मुझे बता रहे हो, यदि ऐसा हैं तो विभाग में जाकर सुधरवा लो। ऐसे में जनता किससे उम्मीद करे यह समझ से बाहर हैं।

आप भी अपने आस-पास की घटना के संबंध में हमे लिखे
9166522591

बालोतरा में राजस्व मंत्री को लगा करारा झटका

बालोतरा में राजस्व मंत्री को लगा करारा झटका
पंचायत समिति प्रधान पद पर तीसरी बार बैठे कांग्रेस के ओमप्रकाश
पूर्व विधायक मदन प्रजापत की कूटनीति के आगे सब फैल

बालोतरा। बालोतरा पंचायत समिति प्रधान सीट को लेकर पिछले लंबे समय से भाजपा व कांग्र्रेस नेताओं के बीच उठा पटक चल रही है। दोनों ही दलों के नेता सरकार व न्यायालय में चक्कर लगाकर इस सीट को लेकर मूंछ की लडाई पर तुले हुए है। शुक्रवार को फिर कांग्रेस नेताओं व पंचायती राज जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में प्रधान पद पर ओमप्रकाश भील ने तीसरी बार कार्यभार ग्रहण किया। भील के फिर से पद भार ग्रहण करने को लेकर राजस्व राज्य मंत्री अमराराम चौधरी को करारा झटका दिया हैंँ। भाजपाईयों ने अपना उल्लू सिधा करने के लिए लम्बे समय तक आदेश को भी रोके रखा आखिर में 6 अप्रेल को प्रधान ने फिर से अपना पदभार ग्रहण किया हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार उच्च न्यायालय जोधपुर द्वारा डीबी स्पेशल अपील  रट सं या 98 /2018  ओमाराम ऊर्फ ओमप्रकाश भील बनाम राजस्थान सरकार व अन्य मे  25 जनवरी 2018 को पारित अंतरिम निर्णय/ आदेश की पालना के लिए शासन उप सचिव( विधि) ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग राजस्थान जयपुर के पत्रांक 851, 27 फरवरी 2018 के अनुसरण में मु य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद बाड़मेर के पत्रांक 2335, 20 मार्च 18 द्वारा प्रदत्त निर्देशों की पालना में ओमाराम उर्फ ओमप्रकाश भील ने शुक्रवार को पंचायत समिति बालोतरा के प्रधान पद पर कार्य भार ग्रहण किया।
पूर्व विधायक मदन प्रजापत, नगर परिषद सभापति रतन खत्री, उपसभापति राधेश्याम माली, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष भंवर लाल भाटी ने ओमप्रकाश भील को प्रधान की कुर्सी पर बैठा कर मालाएं पहनाई वह मुंह मीठा करवाया। इस अवसर पर पूर्व विधायक प्रजापत ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि अपने पद व सत्ता का दुरुपयोग करने वाले भाजपाई नेताओं को अब अपनी कुटिल चालों से बाज आ जाना चाहिए। कांग्रेस पार्टी में अनुसूचित जनजाति वर्ग का अन्य उ मीदवार होने के बावजूद अल्पमत के भाजपाई को दो बार प्रधान पद पर बैठाकर राजनीति की गरिमा तथा स्वयं अपने शाख को गिराया है। इस अवसर पर पंचायत समिति सदस्य गोतम माली, जिला परिषद सदस्य ओम भाटीया, पूर्व सरपंच भगवत सिह जसोल, पूर्व सरपंच कु पाराम पंवार, पार्षद चंपालाल माली, नरसिंह प्रजापत, रामेश्वर प्रजापत, नेमीचंद सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

Thursday, 5 April 2018

श्रम विभाग के लापरवाह अधिकारियों को लेकर खपा दिखे श्रम मंत्री बाडमेर सहित कई जिलों के अधिकारियों को लगाई फटकार

श्रम विभाग के लापरवाह अधिकारियों को लेकर खपा दिखे श्रम मंत्री
बाडमेर सहित कई जिलों के अधिकारियों को लगाई फटकार




दिव्य पंचायत न्यूज नेटवर्क
जयपुर।  श्रम एवं नियोजन मंत्री जसवंत सिंह यादव की अध्यक्षता में गुरुवार को श्रम विभाग के समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों की विभाग के विभिन्न कार्यकलापों की प्रगति के सम्बन्ध में समीक्षात्मक बैठक जयपुर स्थित श्रम भवन में सम्पन्न हुई। बैठक में श्रम एवं नियोजन मंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने जहां श्रमिकों के कल्याण के लिए 21 करोड़ 96 लाख खर्च किए उसके मुकाबले वर्तमान राज्य सरकार ने श्रमिकों के कल्याण के लिए सात सौ अड़तालिस करोड़ अट्ठाइस लाख खर्च किए हैं। श्रम नियोजन मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे के विजन अनुसार गरीब श्रमिकों को राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जाना सुनिश्चित किया गया है। बैठक के 12 एजेण्डा बिन्दुओं के सम्बन्ध में सीबीएस राठौड़, अतिरिक्त श्रम आयुक्त महोदय ने संक्षिप्त जानकारी  दी गई। बैठक में मंत्री द्वारा  कई निर्देशध्सुझाव दिए गए
।जिसमें बीओसीडब्ल्यू योजना के अंतर्गत हुए पंजीयन, लम्बित प्रकरणों की स्थिति तथा सैस संग्रहण के सम्बन्ध में किए गए प्रयासों बाबत क्रमवार सभी जिलों के अधिकारियों से विस्तार से जानकारी प्राप्त की गई।विभिन्न जिलों के अधिकारियों ने बजट के अभाव में आवेदन पत्रों के निस्तारण में असमर्थता व्यक्त करने पर श्रम मंत्री ने सम्बन्धित अधिकारियों को तुरन्त प्रभाव से बजट आवंटित करने हेतु निर्देशित किया। अजमेर, अलवर, बाड़मेर, बीकानेर, उदयपुर, सीकर, श्रीगंगानगर, चुरू, झुंझुनूं, जयपुर, जैसलमेर आदि जिला के अधिकारियों द्वारा लम्बित आवेदनों एवं सैस राशि कम एकत्र करने के कारण शीध्र निस्तारण एवं सैस में वृद्धि हेतु निर्देशित किया गया।
 श्रममंत्री ने पंजीयन की तिथि से 3 माह में योजनाओं के लाभ दिए जाने हेतु निर्देशित किया। प्रमुख एवं बड़े जिलों को 3-3 करोड़ रूपए तथा छोटे तथा द्वितीय श्रेणी के जिलों को 2-2 करोड़ रूप्ए तुरन्त प्रभाव से आवंटित करने हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया। सैस कलेक्शन एवं आवेदनों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने हेतु भी निर्देशित किया । जिला कार्यालयों द्वारा निरन्तर रूप से यू.सी. भेजे जाने तथा 15 दिन से अधिक समय व्यतीत होने के बावजूद उन्हें बजट आवंटित नहीं होने पर श्रम एवं नियोजन मंत्री ने नाराजगी व्यक्त की तथा सम्बन्धित अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश दि। उन्होंने यह भी निर्देश दिये की जिन अधिकारियों  ने अच्छा कार्य किया है उन्हें प्रशंसा पत्र दिया जाना चाहिए। विभिन्न श्रम अधिनियमों के अन्तर्गत सुनवाई की आगामी तिथि नजदीक की दिए जाने बाबत निर्देशित किया।विभिन्न अडिट पैराज व ए जी पैराज की अनुपालना करने हेतु भी निर्देशित किया। उन्होंने विभिन्न अधिकारियों द्वारा निस्तारण कार्य अच्छा नहीं होने पर उनको अन्यत्र स्थानान्तरित किए जाने हेतु भी चेतावनी दी।

श्रम एवं नियोजन मंत्री ने सिलिकोसिस बीमारी से पीड़ित को मेडिकल बोर्ड से सर्टिफिकेट प्राप्त होने के एक वर्ष के अन्दर आवेदन करने की समय सीमा को हटाने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने अम्बेडकर जयन्ती (14 अप्रैल, 2018) को एससी व एसटी वर्ग के अभ्यर्थियों को बिना शुल्क लिए पंजीयन करने हेतु भी निर्देशित किया। उन्होंने सभी अधिकारियों से उनकी समस्याओं को सुना तथा सम्बन्धित अधिकारियों को उक्त समस्याओं के निराकरण हेतु निर्देशित किया।इसके साथ ही उन्होंने सभी जिला अधिकारियों से उनके जिले में बीओसीडब्ल्यू से सम्बन्धित योजनाओं के लम्बित आवेदनों के पूर्ण निस्तारण तथा गत वित्तीय वर्ष में आवंटित सैस लक्ष्यों को प्राप्त करनेे हेतु जिलेवार कट ऑफ डेट तय की तथा उस दिनांक को शासन सचिव, श्रम एवं नियोजन के कार्यालय में उनको प्रगति रिपोर्ट से व्यक्तिशः उपस्थित होकर अवगत कराये जाने भी निर्देशित किया। श्रमिक के पंजीयन के वक्त ही सत्यापन किया जाना चाहिए, योजना का लाभ देते वक्त अनावश्यक अड़ंगे नहीं लगाए जाने बाबत भी सभी अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया। बैठक में श्रम एवं नियोजन शासन सचिव टी. रविकान्त अतिरिक्त श्रम आयुक्त सीबीएस राठौर सहित समस्त जिलों से उपस्थिति जिला अधिकारीगण अधिकारीगण उपस्थित रहे।

पंचायती विभाग में बडा फेरबदल, कई बीडीओ को बदला तो कईयों को किया एपीओ गिडा- जोशी एपीओ, बेनीवाल होंगे नये विकास अधिकारी

पंचायती विभाग में बडा फेरबदल, कई बीडीओ को बदला तो कईयों को किया एपीओ

गिडा- जोशी एपीओ, बेनीवाल होंगे नये विकास अधिकारी



दिव्य पंचायत न्यूज नेटवर्क
जयपुर। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने दो अलग-अलग आदेश जारी करते हुए 18 विकास अधिकारियों का तबादला किया हैं, इनमे तो कई बीडीओं एपीओ किये गये हैं जो अग्रीम आदेशों तक पंचायती राज विभाग मुख्यालय में अपनी सेवाएं देंगे। विभाग की ओर से जारी आदेष के अनुसार
किसकोे कहा लगाया
1. हेमाराम तलवाडा बांसवाडा से चितलवाना जालोर
2. बाबूलाल यादव चितलवाना जालोर से एपीओ
3. मनवीरसिंह बेनिवाल गलियाकोट  डूंगरपुर से गिडा
4. मुरारीलाल शर्मा निवाई टोंक से लवाण दौसा
5. हरिसिंह लवण दौसा से निवाई टोंक
6. शैलेन्द्र जोशी गिडा एपीओ
7. रामचंन्द्र सैनी सहाडा से बानसूर अलवार
8. नरेष कुमार शर्मा करौली से हिंडौन
9. कविता जसोरिया को मेडता
10. भगवान अरविंद मेडता से एपीओ
11. हनुमान मीणा निवाई टोंक
12. धीरज कुमार जायल नागौर से शाहबाद
13. नरेन्द्र आचार्य शाहबाद से एपीओ
14. रामावतार मीणा कोटडा से नादौती
15. बृजेश चंद पाराशर छबडा से नदबई
16. विष्वनाथ शर्मा छीपाबडोद से बारां
17. हरीकेश मीणा लालसोट
18. प्रिंयका मीणा एपीओ


यह हुए हैं एपीओ
बाबूलाल यादव चितलवाना जालोर से एपीओ

शैलेन्द्र जोशी गिडा एपीओ
    प्रिंयका मीणा एपीओ
    नरेन्द्र आचार्य शाहबाद से एपीओ
    भगवान अरविंद मेडता से एपीओ

गिडा- जोशी एपीओ, बेनीवाल होंगे नये विकास अधिकारी

गिडा। पंचायती राज विभाग ने आदेश जारी कर गिडा विकास अधिकारी शैलेन्द्र जोशी को एपीओं कर दिया हैं वहीं गलियाकोट डूंगरपुर विकास अधिकारी मनवीरसिंह बेनीवाल को गिडा विकास अधिकारी पद पर लगाया हैं। विभाग ने इनके साथ ही 18 विकास अधिकारियों को इधर-उधर किया हैं।


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